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अब सस्ता सोना नहीं बेचेगी सरकार, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड से केंद्र ने क्यों की तौबा?
खबरों की मानें तो मोदी सरकार ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) बंद करने की तैयारी कर ली है. अगले महीने इसकी घोषणा हो सकती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
मोदी सरकार सस्ता सोना नहीं बेचेगी. मीडिया रिपोर्ट्स से अनुसार, सरकार ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) योजना को बंद करने का मन बना लिया है. दरअसल SBG सरकार के लिए एक महंगा और जटिल साधन बन गया है. खासकर कस्टम ड्यूटी में कटौती के बाद सोने की कीमतों में कमी ने SBG, फिजिकल गोल्ड और गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) सहित सोने के सभी निवेशों पर रिटर्न को प्रभावित किया है. इससे चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) अब करीब 10 से 11 प्रतिशत होने की उम्मीद है.
अब तक इतना निवेश
रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना बंद करने का मन बना चुकी है. सरकार ने सोने की भौतिक मांग को कम करने के उद्देश्य से बॉन्ड स्कीम की नवंबर, 2015 में शुरुआत की थी. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा अब तक इसकी 67 किश्तें जारी हुईं हैं और कुल 72,274 करोड़ रुपए का निवेश हुआ है. इनमें से कुछ पूरी तरह मेच्योर हो चुकी हैं.
अगले महीने अंतिम निर्णय
बताया जा रहा है कि बजट में सोने पर कस्टम ड्यूटी में कटौती की घोषणा के बाद केंद्र सरकार सितंबर में SGB योजना के भविष्य के बारे में अंतिम निर्णय ले सकती है. हालांकि, यह लगभग तय है कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की अगली किश्त न जारी की जाए. सरकार का मानना है कि एसजीबी के जरिए राजकोषीय घाटे को वित्तपोषित करने की लागत काफी ज्यादा है. पहले, इस योजना की एक साल में 10 किस्तें जारी होती थीं, फिर चार और उसके बाद यह संख्या घटकर 2 रह गई. अब सरकार इससे भी तौबा करने वाली है.
ऐसी है SGB योजना
गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने के लिए कम से कम 1 ग्राम सोना खरीदना अनिवार्य है. कोई भी व्यक्ति एक बार में अधिकतम 400 ग्राम तक ही खरीद सकता है. रिजर्व बैंक द्वारा भारत सरकार की तरफ से जारी किए जाने वाले इस बॉन्ड के लिए एक वित्त वर्ष के लिए अधिकतम चार किलोग्राम सीमा की सीमा निर्धारित की गई है. कुछ संस्थाओं के लिए यह सीमा 20 किलोग्राम तक है. RBI इनकी बिक्री के लिए चुनिंदा बैंकों, पोस्ट आफिस, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन, स्टॉक एक्सचेंज BSE और NSE को अधिकृत किया हुआ है. स्टॉक एक्सचेंज के जरिए बॉन्ड खरीदने के लिए आपके पास डीमैट खाता होना चाहिए. सरकारी गोल्ड बॉन्ड पर सालाना दर से ब्याज मिलता है. वहीं, एसजीबी का लॉक इन पीरियड 8 साल का है, लेकिन 5वें साल में इससे एग्जिट भी किया जा सकता है. इस योजना की सबसे खास बात यह है कि आप बिना शुद्धता की चिंता किए घर बैठे -बैठे भी सोना खरीद सकते हैं.
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