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मोदी सरकार तैयार कर रही ऐसा प्लान, चीन छोड़कर भारत खिंची आएंगी विदेशी कंपनियां
भारत तेजी से मजबूत होती अर्थव्यवस्था है, लेकिन कुछ कठनाइयों के चलते विदेशी कंपनियां यहां आने में झिझक महसूस करती हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
दुनिया में चीन की छवि भले ही जो भी हो, लेकिन आर्थिक रूप से वो एक बहुत बड़ा बाजार है और इसलिए विश्व की दिग्गज कंपनियों की मौजूदगी वहां रहती है. हालांकि, कई कंपनियां चीन पर निर्भरता को कम करना चाहती हैं और एशिया में भारत उन्हें दूसरे ठिकाने के रूप में नज़र भी आता है, मगर यहां इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में होने वाली देरी और तमाम तरह की अन्य कठिनाइयों के चलते वह चीन से निकलने का फैसला नहीं कर पातीं. मोदी सरकार को भी इसका अहसास है, इसलिए वो एक बड़ी योजना पर काम कर रही है.
तैयार होगा डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, PM गति शक्ति योजना के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 100 लाख करोड़ रुपए के मेगा प्रोजेक्ट की योजना तैयार की है. सरकार 16 मंत्रालय के साथ एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म बनाने में जुटी है. यह प्लेटफ़ॉर्म निवेशकों और कंपनियों को प्रोजेक्ट डिजाइन करने, उसकी मंजूरी हासिल करने और लागत का अनुमान लगाने में वन स्टॉप सॉल्यूशन का काम करेगा. बता दें कि ज़्यादातर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में देरी हो चुकी है और कुछ की लागत बजट से भी ऊपर निकल चुकी है.
ऐसे होगा देश को फायदा
मीडिया रिपोर्ट में भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में विशेष सचिव अमृत लाल मीणा के हवाले से बताया गया है कि मिशन किसी भी प्रोजेक्ट को तय समय और अनुमानित लागत में ही पूराकरना है. उन्होंने कहा कि भारत को ग्लोबल कंपनियां मैन्युफैक्चरिंग सेंटर बना रही हैं और इसमें उनकी मदद के लिए सरकार ने गति शक्ति योजना जैसा महत्वाकांक्षी प्लान तैयार किया है. यदि किसी प्रोजेक्ट पर काम तय समय में पूरा होता है, तो इससे देश को बहुत बड़ा फायदा मिल सकता है.
चाइना प्लस पॉलिसी
एक रिपोर्ट बताती है कि दुनिया की कई कंपनियां चाइना प्लस पॉलिसी पर काम कर रही हैं. यानी वे एक ऐसा देश ढूंढ रही हैं, जहां वे अपने कारोबार को डायवर्सिफाई कर सकें और बेहतर सप्लाई चैन बना सकें. भारत में उनके लिए सबकुछ है, यहां लेबर कॉस्ट कम है, टैलेंटेड युवाओं की भी कमी नहीं है. लेकिन भारत के कमजोर इंफ्रा की वजह से अब तक बहुत सी विदेशी कंपनियां यहां आने से बचती रही हैं, और सरकार इसी कमजोरी को दूर करने के लिए मेगा प्लान पर काम कर रही है.
दुरुस्त होगा इंफ्रास्ट्रक्चर
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि आर्थिक क्षेत्र में चीन से मुकाबला लागत के मामले में उससे प्रतियोगी बनकर ही किया जा सकता है. पीएम गति शक्ति योजना इंफ्रास्ट्रक्चर को दुरुस्त करेगी और सामान-सेवाओं के मूवमेंट आसान बना सकती है. लिहाजा इसे देश के जीडीपी ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण कदम कहा जा सकता है. साथ ही इस योजना से देश में नए रोजगार भी निर्मित होंगे.
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