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Mirova ने Varaha के ‘खेती’ प्रोजेक्ट में 30 मिलियन डॉलर का निवेश किया, एशिया में अपनी अब तक की सबसे बड़ी कार्बन डील
हरियाणा और पंजाब के 3.3 लाख किसानों को रीजेनेरेटिव खेती अपनाने में मदद, उच्च-गुणवत्ता वाले कार्बन क्रेडिट होंगे तैयार
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 7 months ago
सस्टेनेबल इन्वेस्टमेंट पर केंद्रित Mirova, जो Natixis Investment Managers की सहयोगी संस्था है, ने Varaha के ‘खेती’ सॉयल कार्बन प्रोजेक्ट में 30 मिलियन डॉलर का निवेश करने की घोषणा की है. यह Mirova की अब तक की सबसे बड़ी कार्बन ट्रांजैक्शन है और भारत में उसकी पहली कार्बन इंवेस्टमेंट भी. यह निवेश हरियाणा और पंजाब के छोटे किसानों में रीजेनरेटिव एग्रीकल्चर को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देगा.
2022 में स्थापित Varaha आज एशिया का सबसे बड़ा कार्बन प्रोजेक्ट डेवलपर है, जो सॉयल ऑर्गेनिक कार्बन, बायोचार और अफॉरेस्टेशन पर काम कर रहा है. ‘खेती’ प्रोजेक्ट के तहत 3,37,000 से अधिक किसानों को 6,75,000 हेक्टेयर भूमि पर जलवायु-हितैषी खेती तकनीकों में स्थानांतरित किया जाएगा.
इन तकनीकों में डायरेक्ट सीडिंग ऑफ राइस, फसल अवशेष प्रबंधन, और रिड्यूस्ड टिलेज शामिल हैं—जो उत्सर्जन कम करने के साथ मिट्टी की सेहत बेहतर बनाने के लिए जाने जाते हैं. यह प्रोजेक्ट Verra VM0042 पद्धति के तहत उच्च-गुणवत्ता वाले कार्बन क्रेडिट तैयार करेगा, जिसमें किसानों को राजस्व-साझेदारी का सीधा लाभ मिलेगा. Varaha इस प्रोजेक्ट के लिए क्लाइमेट, कम्युनिटी एंड बायोडायवर्सिटी (CCB) सर्टिफिकेशन का भी लक्ष्य रखता है.
Varaha का डिजिटल MRV (मॉनिटरिंग, रिपोर्टिंग और वेरिफिकेशन) प्लेटफॉर्म जलवायु और समुदाय से जुड़े परिणामों का रीयल-टाइम ट्रैकिंग संभव बनाता है, जिससे डेटा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ती है.
इसके अलावा, प्रोजेक्ट से कई सह-लाभ मिलने की उम्मीद है, जिनमें शामिल हैं: मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार, जैव विविधता की पुनर्बहाली, पानी की खपत में कमी, रसायनों का कम उपयोग, उत्पादकता में बढ़ोतरी, महिला किसानों के लिए नए अवसर.
Varaha के MD और CEO मधुर जैन ने साझेदारी पर कहा: “यह साझेदारी Varaha के उस विज़न को मजबूत करती है जिसमें रीजेनरेटिव एग्रीकल्चर को भारत की जलवायु रणनीति के केंद्र में लाने की बात है. हमारा लक्ष्य है कि भारत को ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कटौती का वैश्विक नेता बनाया जाए और साथ ही ग्रामीण समुदायों को सशक्त किया जाए.”
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