✕

होम / बिजनेस / मिनिमैक सिस्टम्स ने रेनमैटर से जुटाए 30 करोड़ रुपये, लुब्रिकेंट रीसाइक्लिंग कारोबार बढ़ाने की तैयारी

मिनिमैक सिस्टम्स ने रेनमैटर से जुटाए 30 करोड़ रुपये, लुब्रिकेंट रीसाइक्लिंग कारोबार बढ़ाने की तैयारी

फंडिंग का इस्तेमाल डीप-टेक आरएंडडी, ‘रीसाइक्लिंग ऑन व्हील्स’ हब और ‘लुब्रिकेंट्स ऐज अ सर्विस’ को विस्तार देने में होगा

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago

औद्योगिक क्षेत्र में लुब्रिकेंट के लाइफसाइकिल मैनेजमेंट पर काम करने वाली कंपनी मिनिमैक सिस्टम्स (Minimac Systems) ने 30 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाई है. इस फंडिंग राउंड की अगुआई जेरोधा की रेनमैटर (Rainmatter) ने की है, जबकि कुछ चुनिंदा वेंचर कैपिटल फर्मों ने भी इसमें हिस्सा लिया है. कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल डीप-टेक रिसर्च एंड डेवलपमेंट, रीसाइक्लिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ‘लुब्रिकेंट्स ऐज अ सर्विस’ कारोबार को विस्तार देने में करेगी. आईआईटी धनबाद और आईआईएम इंदौर के पूर्व छात्र अंशुमान अग्रवाल द्वारा स्थापित मिनिमैक सिस्टम्स शुरुआत से ही बूटस्ट्रैप्ड और मुनाफे में रही है.

5 मिलियन टन से ज्यादा लुब्रिकेंट की खपत

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा लुब्रिकेंट बाजार है. देश में हर साल 5 मिलियन टन से अधिक लुब्रिकेंट और ग्रीस की खपत होती है. हालांकि, लुब्रिकेंट बनाने में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख कच्चे माल बेस ऑयल की 60% से अधिक जरूरत आयात से पूरी होती है. भारत का सालाना बेस ऑयल आयात बिल 2.7 अरब डॉलर से ज्यादा हो चुका है.

कंपनी के मुताबिक, अगले पांच वर्षों में लुब्रिकेंट की मांग सालाना 4-5% की दर से बढ़ने की उम्मीद है. ऐसे में इस्तेमाल किए गए लुब्रिकेंट को दोबारा उपयोग योग्य बनाने और रीसाइक्लिंग की क्षमता बढ़ाने की जरूरत भी बढ़ेगी.

तीन स्तरों पर काम करता है मिनिमैक का मॉडल

मिनिमैक लुब्रिकेंट के पूरे लाइफसाइकिल को तीन स्तरों में मैनेज करता है. पहले स्तर पर कंडीशन मॉनिटरिंग, कंटैमिनेशन कंट्रोल और फ्लूइड-हेल्थ एनालिटिक्स के जरिए मशीन के अंदर मौजूद लुब्रिकेंट की गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया जाता है. दूसरे स्तर पर प्लांट में मौजूद इस्तेमाल किए गए लुब्रिकेंट से दूषित पदार्थ, नमी और डिग्रेडेशन से बने अवशेष हटाकर उसे दोबारा इस्तेमाल के योग्य बनाया जाता है. तीसरे स्तर पर ऐसे तेल को, जिसे सुरक्षित तरीके से बहाल नहीं किया जा सकता, पंजीकृत री-रिफाइनर्स तक पहुंचाया जाता है. वहां इसे री-रिफाइंड बेस ऑयल में बदला जाता है.

‘रीसाइक्लिंग ऑन व्हील्स’ से प्लांट तक पहुंचेगी सुविधा

कंपनी का ‘रीसाइक्लिंग ऑन व्हील्स’ एक मोबाइल ट्रीटमेंट सिस्टम है, जिसकी प्रोसेसिंग क्षमता करीब 10 से 4,000 लीटर प्रति मिनट तक है. यह सिस्टम प्लांट पर ही लुब्रिकेंट की जांच, ट्रीटमेंट और दोबारा उपयोग की सुविधा उपलब्ध कराता है.

इसके अलावा, कंपनी ‘लुब्रिकेंट्स ऐज अ सर्विस’ मॉडल के तहत प्लांट के भीतर लुब्रिकेंट की सप्लाई, मॉनिटरिंग, रिस्टोरेशन, अनुपालन और इस्तेमाल के बाद रिकवरी जैसी सेवाओं को एक साथ मैनेज करने की योजना बना रही है.

2,500 से ज्यादा सिस्टम तैनात

मिनिमैक के मुताबिक, कंपनी अब तक 2,500 से अधिक मिनिएचराइज्ड फ्लूइड-ट्रीटमेंट सिस्टम तैनात कर चुकी है. इनकी कुल स्थापित प्रोसेसिंग क्षमता 3 लाख लीटर प्रति मिनट से अधिक है. कंपनी ने 2,200 से अधिक औद्योगिक परिसंपत्तियों के साथ काम किया है और भारत तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में 1.4 करोड़ लीटर से अधिक लुब्रिकेंट को प्रोसेस किया है.

इसके ग्राहकों में एनटीपीसी, अडानी पावर, जेएसडब्ल्यू स्टील, टाटा स्टील, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, रिलायंस इंडस्ट्रीज, शेल, एक्सॉनमोबिल, लार्सन एंड टुब्रो, जीई पावर, भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स, सीमेंस एनर्जी, कैटरपिलर और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स जैसी कंपनियां शामिल हैं.

इस्तेमाल किए गए तेल की रीसाइक्लिंग पर बढ़ रहा नियामकीय जोर

भारत में अप्रैल 2024 से लागू एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी (EPR) व्यवस्था के तहत बेस ऑयल और लुब्रिकेंट के उत्पादकों तथा आयातकों को रीसाइक्लिंग लक्ष्य पूरा करना होता है. वित्त वर्ष 2026-27 में यह रीसाइक्लिंग लक्ष्य 20% है, जिसे वित्त वर्ष 2030-31 से बढ़ाकर 50% किया जाना है. अनुपालन पंजीकृत रीसाइक्लर्स द्वारा जारी EPR सर्टिफिकेट से जुड़ा हुआ है.

फंड का इस्तेमाल तकनीक और विस्तार पर

मिनिमैक फंडिंग का इस्तेमाल अगली पीढ़ी के मिनिएचराइज्ड ट्रीटमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर, फ्लीट ऑटोमेशन और फ्लूइड एनालिटिक्स से जुड़े डीप-टेक आरएंडडी को आगे बढ़ाने में करेगी. इसके साथ ही कंपनी प्रमुख औद्योगिक क्लस्टर्स में क्षेत्रीय हब बनाकर ‘रीसाइक्लिंग ऑन व्हील्स’ नेटवर्क का विस्तार करेगी. ‘लुब्रिकेंट्स ऐज अ सर्विस’ को बड़े पैमाने पर लागू करने के लिए कंपनी अपने कमर्शियल, डिजिटल और ऑपरेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत करेगी.

मिनिमैक सिस्टम्स के संस्थापक और प्रबंध निदेशक अंशुमान अग्रवाल ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य लुब्रिकेंट को लंबे समय तक इस्तेमाल में बनाए रखना और नए बेस ऑयल की जरूरत कम करना है. उन्होंने कहा कि कंपनी ने अब तक अपने पूंजी के दम पर मुनाफे के साथ कारोबार खड़ा किया है और नई फंडिंग से भारत के अधिक औद्योगिक संयंत्रों तक रिस्टोरेशन और रीसाइक्लिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पहुंचाने में मदद मिलेगी.

रेनमैटर बाय जेरोधा के लीड-क्लाइमेट एंड डीप टेक अभिनव नेगी ने कहा कि मिनिमैक आयात पर निर्भरता, खतरनाक कचरे और औद्योगिक उपकरणों की उम्र से जुड़ी समस्याओं पर काम कर रही है. उनके मुताबिक, कंपनी ने पुणे से बूटस्ट्रैप्ड तरीके से शुरुआत की और मुनाफे के साथ अपना कारोबार खड़ा किया है. नई पूंजी से रीसाइक्लिंग टेक्नोलॉजी को मजबूत करने और प्लांट तक पहुंचने वाली सेवाओं का विस्तार करने में मदद मिलेगी.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 1,233 अंक उछला; निवेशकों की दौलत में ₹8 लाख करोड़ का इजाफा

सोमवार, 2 नवंबर को बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों में जोरदार तेजी दर्ज की गई. कारोबार के दौरान सेंसेक्स 75,692 और निफ्टी 23,440 के स्तर को पार कर गए. दोनों प्रमुख सूचकांक लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए.

8 hours ago

विदेशी और MF निवेशकों को मिल सकती है टैक्स राहत, सेबी ने सरकार को भेजा प्रस्ताव

इस प्रस्ताव का उद्देश्य निवेशकों को म्यूचुअल फंड में निवेश बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करना है. मौजूदा व्यवस्था में एक स्कीम से दूसरी स्कीम में स्विच करने को यूनिट्स की बिक्री माना जाता है और इस पर लागू नियमों के अनुसार कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ता है.

11 hours ago

हरियाणा में 500 करोड़ रुपये के निवेश की योजना, स्टीमहाउस इंडिया ने सरकार के साथ किया समझौता

इस समझौते के तहत राज्य के औद्योगिक क्लस्टर में सामुदायिक बॉयलर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर विचार किया जाएगा.

13 hours ago

IDBI को खरीदने के लिए IDBI की पूंजी का इस्तेमाल करेगी फेयरफैक्स?

फेयरफैक्स, IDBI बैंक का नियंत्रण हासिल करने के लिए 52,878 करोड़ रुपये का भुगतान कर रहा है. लेकिन इसके चेयरमैन प्रेम वत्सा ने निवेशकों से कहा है कि IDBI खुद फेयरफैक्स के बीमा और वित्तीय सेवा कारोबार को खरीदने के लिए नकद भुगतान करेगा. फेयरफैक्स ने इस रकम को उन स्रोतों में भी शामिल किया है, जिनसे वह अधिग्रहण के लिए भुगतान करेगी.

13 hours ago

मार्च 2027 तक 6.75-7% तक आ सकती है 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड: SBI रिसर्च

SBI रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, अगर RBI रेपो रेट में 50 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर इसे 6 फीसदी तक पहुंचा देता है, तब भी 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड 6.75 से 7 फीसदी के दायरे में रह सकती है.

13 hours ago


बड़ी खबरें

शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 1,233 अंक उछला; निवेशकों की दौलत में ₹8 लाख करोड़ का इजाफा

सोमवार, 2 नवंबर को बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों में जोरदार तेजी दर्ज की गई. कारोबार के दौरान सेंसेक्स 75,692 और निफ्टी 23,440 के स्तर को पार कर गए. दोनों प्रमुख सूचकांक लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए.

8 hours ago

कैंसर की 543 दवाएं होंगी सस्ती, 9 नवंबर से लागू होंगी नई कीमतें; मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत

इस व्यवस्था के तहत कई प्रमुख कैंसर दवाओं की कीमतों में कमी की गई है. इनमें 20 से अधिक प्रकार के कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली इम्यूनोथेरेपी दवाएं शामिल हैं.

9 hours ago

विदेशी और MF निवेशकों को मिल सकती है टैक्स राहत, सेबी ने सरकार को भेजा प्रस्ताव

इस प्रस्ताव का उद्देश्य निवेशकों को म्यूचुअल फंड में निवेश बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करना है. मौजूदा व्यवस्था में एक स्कीम से दूसरी स्कीम में स्विच करने को यूनिट्स की बिक्री माना जाता है और इस पर लागू नियमों के अनुसार कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ता है.

11 hours ago

AAAI ने बनाई मीडिया काउंसिल, WPP, ओमनीकॉम, पब्लिसिस, हवास और मैडिसन के वरिष्ठ अधिकारी होंगे शामिल

भारतीय विज्ञापन एजेंसियों का संगठन AAAI मीडिया इंडस्ट्री के सामने उभरती चुनौतियों पर चर्चा और आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए नई मीडिया काउंसिल बनाएगा. ओमनीकॉम मीडिया के कार्तिक शर्मा को काउंसिल का अध्यक्ष बनाया गया है.

13 hours ago

मार्च 2027 तक 6.75-7% तक आ सकती है 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड: SBI रिसर्च

SBI रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, अगर RBI रेपो रेट में 50 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर इसे 6 फीसदी तक पहुंचा देता है, तब भी 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड 6.75 से 7 फीसदी के दायरे में रह सकती है.

13 hours ago