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भारत में Cloud और AI इंफ्रा पर 3 अरब डॉलर का निवेश करेगी Microsoft, ये है पूरी प्लानिंग
Microsoft ने भारत यात्रा के दौरान 2030 तक यहां 1 करोड़ लोगों के प्रशिक्षण एवं कौशल विकास के लिए व्यापक योजना साझा की है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अपनी भारत यात्रा के दौरान माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन एवं सीईओ सत्य नडेला ने आज भारत में निवेश को लेकर कंपनी की योजनाओं की घोषणा की है. उन्होंने बताया कि कंपनी अगले दो साल में भारत के क्लाउड एवं एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर (Cloud And AI Infrastructure) और कौशल विकास (Skill Development) में 3 अरब डॉलर का निवेश करेगी. इसमें नए डाटा सेंटर्स की स्थापना भी शामिल है. अगले पांच साल में 1 करोड़ लोगों को एआई स्किल्स में प्रशिक्षित करते हुए माइक्रोसॉफ्ट भारत की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाने में भी योगदान देगी. तो आइए माइक्रोसॉफ्ट की इस पूरी योजना के बारे में विस्तार से जानते हैं.
भारत में हो रहा एआई इनोवेशन का विस्तार
माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन एवं सीईओ सत्य नडेला ने कहा कि भारत बहुत तेजी से एआई इनोवेशन के मामले में अग्रणी राष्ट्र बन रहा है और पूरे देश में नए अवसर खुल रहे हैं. आज इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं कौशल विकास में निवेश की हमारी यह घोषणा भारत को एआई-फर्स्ट नेशन बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को मजबूती देती है. इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि देशभर के लोगों एवं संस्थानों को व्यापक लाभ हो. माइक्रोसॉफ्ट इंडिया एंड साउथ एशिया के प्रेसिडेंट पुनीत चंडोक ने कहा है कि पिछले 12 महीनों में माइक्रोसॉफ्ट के कोपायलट ने भारत में एआई को एक वास्तविकता बना दिया है. इसने एआई को बोर्डरूम से क्लासरूम, कॉमर्स से कम्युनिटी और फाइनेंस से फार्मर्स (किसान) तक पहुंचा दिया है.
आज की घोषणा भारत की क्षमता में हमारे विश्वास को दिखाती है. इससे भारत को ग्लोबल मार्केटप्लेस में आगे बढ़ने के लिए जरूरी संसाधनों एवं फ्यूचर-रेडी स्किल्स से लैस करने की हमारी प्रतिबद्धता को भी मजबूती मिली है. हम अगले कुछ दशक में नई संभावनाओं को तलाशने में एआई का प्रयोग करते रहेंगे. साथ ही यह सुनिश्चित करेंगे कि एआई के इस युग में आगे बढ़ने के लिए जरूरी संसाधनों तक देश के हर समुदाय की पहुंच आसान हो. माइक्रोसॉफ्ट देशभर में डाटासेंटर कैंपस में अपने क्लाउड एवं एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करेगी. अभी माइक्रोसॉफ्ट के तीन डाटासेंटर हैं और 2026 तक चौथा डाटासेंटर भी परिचालन में आ जाएगा. इस निवेश का लक्ष्य भारत में तेजी से बढ़ते एआई स्टार्टअप्स एवं रिसर्च कम्युनिटी की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए ऐसा एआई कंप्यूटिंग इकोसिस्टम तैयार करना है, जिसे जरूरत के हिसाब से विस्तार दिया जा सके.
B2B सटार्टअप्स के लिए एमओयू
माइक्रोसॉफ्ट ने भारत के बी2बी स्टार्टअप्स के लिए प्रीमियर कम्युनिटी सासबूमी के साथ एआई एमओयू का भी एलान किया है. इस रणनीतिक गठजोड़ का लक्ष्य भारत के एआई एवं सास (सॉफ्टवेयर ऐज ए सर्विस) इकोसिस्टम के विकास को गति देना है, जिससे भारत एक प्रोडक्ट नेशन बन सके और इसकी ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था में योगदान हो. सासबूमी के बड़े नेटवर्क और माइक्रोसॉफ्ट की टेक्नोलॉजिकल विशेषज्ञता का लाभ लेते हुए यह साझेदारी इनोवेशन एवं उद्यमिता को बढ़ावा देगी, विशेषरूप से टियर 2 शहरों में, अगले पांच साल में माइक्रोसॉफ्ट और सासबूमी का लक्ष्य 5,000 से ज्यादा स्टार्टअप्स एवं 10,000 से ज्यादा उद्यमियों पर सकारात्मक प्रभाव डालना और फोकस्ड वर्कशॉप के माध्यम से 1,50,000 से ज्यादा स्टार्टअप कर्मियों का कौशल विकास करना है. साथ ही इससे 20 से ज्यादा टियर 2 शहरों में स्थानीय विकास को बढ़ावा मिलेगा, 2,00,000 रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और भारतीय एआई एवं सास इकोसिस्टम के लिए 1.5 अरब डॉलर की अतिरिक्त वेंचर कैपिटल फंडिंग जुटाने में मदद मिलेगी. एमओयू के तहत माइक्रोसॉफ्ट 50 से ज्यादा यूनीकॉर्न एवं सूनीकॉर्न के विकास में सहयोग करेगी और इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी एवं टेक्नोलॉजिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर में विकास को आगे बढ़ाएगी.
भारत में 1 करोड़ लोगों को मिलेगी एआई ट्रेनिंग
आज कंपनी ने 2030 तक 1 करोड़ भारतीयों को एआई स्किल्स में प्रशिक्षित करने का नया लक्ष्य निर्धारित किया है. एडवांटेज (ADVANTA(I)GE) इंडिया माइक्रोसॉफ्ट के ग्लोबल स्किल्स फॉर सोशल इम्पैक्ट चार्टर का हिस्सा है. इसके तहत सरकार, गैर लाभकारी संगठनों व कॉरपोरेट संस्थानों और समुदायों के साथ मिलकर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा. कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने कहा है कि एआई के भविष्य को आकार देने में भारत के उत्साही युवाओं एवं टेक प्रतिभाओं की अहम भूमिका है. ‘एआई फॉर इंडिया’ मिशन में हमारा लक्ष्य लोगों को अत्याधुनिक एआई कौशल से सशक्त करना, इनोवेशन को बढ़ावा देना, रोजगार सृजित करना और डिजिटल विभाजन को मिटाना है. माइक्रोसॉफ्ट जैसी वैश्विक स्तर पर अग्रणी कंपनियों के साथ गठजोड़ इस बदलाव के लिए अहम है. अपने कार्यबलों, विशेषरूप से महिलाओं एवं युवाओं को एडवांस्ड स्किल्स प्रदान करते हुए हम एआई-रेडी भारत का निर्माण कर रहे हैं, जो डिजिटल लीडरशिप एवं सतत आर्थिक विकास के लिए तैयार है.
भारत में एआई इकोसिस्टम
माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च (एमएसआर) लैब्स ने भारत में एआई इकोसिस्टम को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दिखाते हुए एआई इनोवेशन नेटवर्क बनाने की घोषणा की है. एआई इनोवेशन नेटवर्क के तहत एमएसआर नए गठजोड़ करेगा, विशेषरूप से डिजिटल नेटिव्स के साथ, जिससे रिसर्च के बाद वास्तविक एवं प्रयोग किए जा सकने वाले सॉल्यूशंस तैयार करने की प्रक्रिया को गति मिले. एमएसआर ने मैथ रीजनिंग के लिए फिजिक्सवाला से गठजोड़ की शुरुआत की है. साथ ही कैजुअल इनफेरेंस, इंडिक एलएलएम को ऑप्टिमाइज करने, प्रोम्प्ट ऑप्टिमाइजेशन और रीइन्फोर्समेंट लर्निंग जैसे विषयों पर अन्य डिजिटल नेटिव्स से भी बात चल रही है.
पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान
कंपनी ने हाल ही में यह घोषणा भी की है कि इसके नए डाटासेंटर्स कूलिंग के लिए पानी का बिल्कुल भी प्रयोग नहीं करेंगे. नए डिजाइन में वाटर इवैपोरेशन की जरूरत नहीं होती है और एक क्लोज्ड-लूप सिस्टम में पानी की रीसाइकिलिंग होती है. माइक्रोसॉफ्ट ने भारत में एमप्लस और रीन्यू के साथ लंबी अवधि के अनुबंध करते हुए अक्षय ऊर्जा स्रोत भी सुरक्षित किए हैं, जिससे 2030 तक कार्बन निगेटिव बनने के माइक्रोसॉफ्ट के लक्ष्य में योगदान मिलेगा. रीन्यू के साथ समझौते के तहत इससे प्राप्त रेवेन्यू में से करीब 1.5 करोड़ डॉलर का निवेश कम्युनिटी फंड के रूप में किया जाएगा, जिसका प्रयोग पर्यावरण से जुड़ी पहल के समर्थन में किया जाएगा. इसमें महिलाओं की आजीविका एवं आर्थिक सशक्तीकरण, ऊर्जा तक पहुंच, ग्रामीण विद्युतीकरण, पर्यावरण संरक्षण व जल की गुणवत्ता में सुधार और प्रदूषण एवं जलवायु परिवर्तन के कारण ज्यादा प्रभावित समुदायों की अन्य चिंताओं को दूर करने पर फोकस किया जाएगा.
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