होम / बिजनेस / गर्दिश में चीन के सितारे, अब Microsoft ने बना लिया मुल्क छोड़ने का मन; आखिर क्या रही वजह?

गर्दिश में चीन के सितारे, अब Microsoft ने बना लिया मुल्क छोड़ने का मन; आखिर क्या रही वजह?

अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ गया है. इस बीच, माइक्रोसॉफ्ट ने अपने चीनी कर्मचारियों से दूसरे देशों में शिफ्ट होने को कहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

चीन के तारे इन दिनों गर्दिश में चल रहे हैं. चीन के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वालीं ग्लोबल कंपनियां अब उससे किनारा करने लगी हैं. iPhone बनाने वाली Apple चीन से ज्यादा प्यार भारत पर लुटा रही है. ताइवान की कंपनी फॉक्सकॉन भी चीन में खुद को सीमित करते हुए भारत में विस्तार कर रही है. अब खबर है कि दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) चीन को अलविदा कहने वाली है. कंपनी ने चीन में मौजूद अपने कर्मचारियों को दूसरे देशों में शिफ्ट होने को कहा है.

स्टाफ को इन देशों का मिला विकल्प
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो माइक्रोसॉफ्ट ने चीन छोड़ने की पूरी तैयारी कर ली है. कंपनी ने चीन में क्लाउड-कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल-इंटेलिजेंस ऑपरेशन में लगे करीब 700 से 800 कर्मचारियों से कहा है कि वे विदेशों में रिलोकेट होने पर विचार करें. अमेरिका की इस दिग्गज कंपनी ने चाइना के अपने कर्मचारियों के सामने अमेरिका, आयरलैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों में ट्रांसफर का विकल्प रखा है. चीन में कंपनी का ज्यादातर स्टाफ स्थानीय है. ऐसे में यदि कर्मचारी चीन छोड़ने को तैयार नहीं होते, तो फिर उन्हें नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है.

इस वजह से लिया ये फैसला 
अमेरिका और चीन के संबंधों में तनाव लगातार बढ़ रहा है. जो बाइडेन की अमेरिकी सरकार ने चीन से इंपोर्टेड सामानों पर भारी टैक्‍स लगाने का फैसला लिया है. सरकार ने चीनी सामानों पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर 100% तक कर दी है. अमेरिका चीन से इलेक्ट्रिक व्‍हीकल्‍स, बैटरी, सोलर सेल, स्टील-एल्यूमीनियम, मिनरल्‍स आदि इम्पोर्ट करता है. सबसे ज्‍यादा टैक्‍स इलेक्ट्रिक व्‍हीकल्‍स पर बढ़ाया गया है. बाइडेन के इस फैसले से 18 बिलियन डॉलर के सालाना कारोबार पर असर पड़ सकता है. साथ ही इससे दोनों देशों के बीच जारी ट्रेड वॉर बढ़ने की आशंका भी बढ़ गई है. इसी के मद्देनजर माइक्रोसॉफ्ट ने यह कदम उठाया है. 

1992 में हुई थी चीन में एंट्री
वहीं, माइक्रोसॉफ्ट के प्रवक्ता का कहना है कि चीन के अपने कर्मचारियों को इस तरह का ऑफर देना कंपनी के ग्लोबल बिजनेस का हिस्सा है. आज के समय में माइक्रोसॉफ्ट मार्केट कैप के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है. इसका मार्केट कैप 3.144 ट्रिलियन डॉलर है. माइक्रोसॉफ्ट की चीन में एंट्री 1992 में हुई थी. अमेरिका के बाहर कंपनी का सबसे बड़ा R&D सेंटर चीन में ही है. कंपनी को 2015 में The World’s Top 10 Most Innovative of 2015 Companies in China" का खिताब भी मिला था. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि माइक्रोसॉफ्ट पूरी तरह से चीन छोड़ रही है या नहीं.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

JSW ग्रीन मोबिलिटी का लिथियम अर्बन टेक्नोलॉजीज में निवेश, ई-मोबिलिटी सेक्टर को मिलेगी नई रफ्तार

मुंबई में 25 जून 2026 को लिथियम अर्बन टेक्नोलॉजीज ने घोषणा की कि उसे JSW ग्रीन मोबिलिटी से रणनीतिक निवेश प्राप्त हुआ है. कंपनी का लक्ष्य अगले दो वर्षों में अपने कारोबार को तीन गुना तक बढ़ाना है.

19 hours ago

एलियनकाइंड ने जुटाए 32 लाख डॉलर, विस्तार और नए बाजारों में एंट्री की तैयारी तेज

एलियनकाइंड अब अपने विस्तार, डिजिटल अनुभव और समुदाय आधारित मॉडल के जरिए भारत के प्रीमियम फूड एंड बेवरेज बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.

20 hours ago

विश्व MSME दिवस: डिजिटल, निर्यात और नवाचार के दम पर बदल रही भारत के छोटे कारोबारों की तस्वीर

भारतीय MSME क्षेत्र पहले की तुलना में अधिक डिजिटल, अधिक संगठित, अधिक महत्वाकांक्षी और वैश्विक बाजारों से जुड़ा हुआ बन रहा है.

20 hours ago

अडानी केस में नया मोड़, अमेरिकी कोर्ट ने अभियोजकों से मांगा जवाब

गौतम अडानी के खिलाफ आरोप वापस लेने के फैसले पर जज ने उठाए सवाल, 13 जुलाई तक मांगा विस्तृत स्पष्टीकरण

22 hours ago

पार्टी में कुछ ज्यादा देर तक ठहरने वाले सीईओ

सशिधर जगदीशन का एचडीएफसी बैंक बिखरता हुआ नजर आ रहा है और अब भारतीय बैंकिंग नियामकों के सामने वह सवाल खड़ा है, जिससे वे अधिक समय तक बच नहीं सकते कि क्या उन्हें एक बार फिर बैंक की कमान सौंपी जानी चाहिए.

22 hours ago


बड़ी खबरें

कच्चा तेल सस्ता होने से भारत को राहत, FY27 में 6.5% रह सकती है GDP ग्रोथ: रिपोर्ट

गोल्डमैन सैक्स ने अपनी नई रिपोर्ट में भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया है.

23 hours ago

भारत का निजी सुरक्षा उद्योग 2.0 युग में प्रवेश

गृह मंत्रालय की ऐतिहासिक पहल ने नियामकीय सुधार और व्यावसायिकता के एक नए अध्याय का संकेत दिया

14 hours ago

1 जुलाई से महंगा होगा पासपोर्ट बनवाना, नए शुल्क लागू, जानें कितना बढ़ेगा खर्च

पासपोर्ट नियम, 1980 में संशोधन के बाद सामान्य और तत्काल दोनों श्रेणी के पासपोर्ट की फीस बढ़ा दी गई है. 36 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट के लिए अब 2,500 रुपये शुल्क देना होगा, जबकि पहले इसके लिए 1,500 रुपये लगते थे.

18 hours ago

भारत में AI विस्तार की तैयारी, OpenAI ने Uber इंडिया के प्रभजीत सिंह को बनाया इंडिया हेड

प्रभजीत सिंह सितंबर 2026 से कंपनी की भारतीय इकाई का नेतृत्व संभालेंगे और देश में AI अपनाने, रणनीतिक साझेदारियों और कारोबार विस्तार की जिम्मेदारी निभाएंगे.

18 hours ago

JSW ग्रीन मोबिलिटी का लिथियम अर्बन टेक्नोलॉजीज में निवेश, ई-मोबिलिटी सेक्टर को मिलेगी नई रफ्तार

मुंबई में 25 जून 2026 को लिथियम अर्बन टेक्नोलॉजीज ने घोषणा की कि उसे JSW ग्रीन मोबिलिटी से रणनीतिक निवेश प्राप्त हुआ है. कंपनी का लक्ष्य अगले दो वर्षों में अपने कारोबार को तीन गुना तक बढ़ाना है.

19 hours ago