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इन दो स्मॉल फाइनेंसिंग बैंकों का पूरा हुआ विलय,1 अप्रैल से हो गया लागू
इस विलय से एयू एसएफबी की बैलेंस शीट 1.2 लाख करोड़ को पार कर जाएगी और 1 करोड़ से अधिक ग्राहकों और 2350 से अधिक फिजिकल टचप्वॉइंट के साथ पैन इंडिया बैंकिंग फ्रेंचाइजी बनने की ओर आगे बढ़ रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
एक ओर देश में जहा बड़ी बड़ी कंपनियों का विलय हो रहा है वहीं दूसरी ओर इस बार दो स्मॉल फाइनेंसिंग बैंक का विलय हुआ है. भारतीय रिजर्व बैंक से 4 मार्च 2024 को विलय की अनुमति मिलने के बाद फिनकेयर स्मॉल फाइनेंस बैंक (फिनकेयर एसएफबी) का एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (एयू एसएफबी) में विलय (एकीकरण) की घोषणा की है, जो 1 अप्रैल से लागू हो गया है. यह विलय एयू एसएफबी को मजबूत भौगोलिक उपस्थिति, अलग अलग सेगमेंट के ग्राहकों और व्यापक उत्पाद पेशकश का लाभ उठाकर एक मजबूत अखिल भारतीय रिटेल बैंकिंग फ्रेंचाइजी स्थापित करने में मदद करता है.
इस विलय के बाद शेयरधारकों को क्या मिलेगा
ऑल-स्टॉक मर्जर डील में 29 अक्टूबर, 2023 को की गई घोषणा के तहत, फिनकेयर एसएफबी के शेयरधारकों को फिनकेयर एसएफबी में रखे गए हर 2000 इक्विटी शेयरों के लिए एयू एसएफबी में 579 इक्विटी शेयर हासिल होंगे. इस विलय को 4 मार्च, 2024 को आरबीआई से अंतिम मंजूरी मिली थी और यह 1 अप्रैल, 2024 से प्रभावी हो गया है. विलय को पहले 23 जनवरी, 2024 को प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 की धारा 31 (1) के प्रावधानों के तहत भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) द्वारा मंजूर किया गया था.
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मात्र इतने महीने में हुए हैं नियामक अप्रूवल
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक और फिनकेयर स्मॉल फाइनेंस बैंक के बीच हुआ ये समझौता यह भारत के विलय और अधिग्रहण (मर्जर एंड एक्विजिशन - एमएंडए) क्षेत्र में किसी विलय को सबसे तेज मिलने वाली मंजूरी है. इसमें सभी अप्रूवल 4.5 महीने की अवधि में प्राप्त हुए हैं. इसके साथ, एयू एसएफबी 1 करोड़ से अधिक के संयुक्त ग्राहक आधार, 43,500 से अधिक कर्मचारियों और 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2,350+ भौतिक टचप्वॉइंट के नेटवर्क के साथ एक मजबूत यूनिट बन गया है, जिसका डिपॉजिट बेस 89,854 करोड़ रुपये और बैलेंस शीट का आकार 1,16,695 करोड़ रुपये है.
इस विलय के बाद इन्हें मिली जिम्मेदारी
अब बैंक का फोकस अगले 9-12 महीनों के भीतर एक सहज और निर्बाध एकीकरण सुनिश्चित करने और ग्राहकों को असाधारण बैंकिंग सेवाएं और वैल्यू प्रदान करने पर केंद्रित हो गया है. इस विलय के अनुसार, फिनकेयर एसएफबी के पूर्व एमडी और सीईओ राजीव यादव को एयू एसएफबी के डिप्टी सीईओ के रूप में नामित किया गया है और वह एयू एसएफबी में फिनकेयर यूनिट के भीतर फिनकेयर एसएफबी के सभी प्रमुख परिसंपत्ति व्यवसायों (एसेट बिजनेस) का नेतृत्व करना जारी रखेंगे.
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