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भारतीयों की नाराजगी से Maldives के छूटे पसीने,'हमें' मनाने की कोशिश में जुटी मुइज्जू सरकार
मालदीव की इकॉनमी में भारतीय पर्यटकों का 11% योगदान बताया जाता है. ऐसे में उनका लंबे समय तक नाराज रहना मालदीव की आर्थिक सेहत बिगाड़ सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
चीन के दम पर भारत से बैर लेने वाले मालदीव (Maldives) के होश ठिकाने आ गए हैं. कल तक अकड़ दिखा रही मालदीव की मोहम्मद मुइज्जू सरकार को समझ आ गया है कि भारतीयों को नाराज करके मुल्क की आर्थिक सेहत को दुरुस्त नहीं रखा जा सकता. दरअसल, मालदीव की इकॉनमी पर्यटन पर आधारित है और उसमें भारतीय पर्यटकों का काफी योगदान रहा है. अब जब भारतीयों ने मालदीव से मुंह मोड़ लिया है, तो उसे भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है.
बहुत बदल गए हैं हालात
मालदीव सरकार रूठे भारतीय पर्यटकों को मनाने के प्रयासों में जुटी है. मालदीव मार्केटिंग एंड पब्लिक रिलेशंस कॉरपोरेशन (MMPRC) के प्रबंध निदेशक फातिमथ तौफीक का कहना है कि मालदीव में भारतीय यात्रियों की संख्या फिर से बढ़ाने के लिए प्रयास तेज किए गए हैं. उन्होंने आगे कहा कि जैसे ही पर्यटन मंत्रालय ने 2024 में पर्यटकों की आगमन संख्या में उल्लेखनीय गिरावट देखी, उसने भारतीय बाजार को आकर्षित करने के प्रयास शुरू कर दिए. भारत ने 2021 से 2023 तक मालदीव के पर्यटन बाजार में अपनी टॉप रैंक बनाए रखी, लेकिन इस साल वह सीधे छठे स्थान पर आ गया है.
प्रमोशन एक्टिविटीज शुरू
'सन' को दिए एक इंटरव्यू में, MMPRC के एमडी ने बताया कि पर्यटन बोर्ड ने इंडियन टूरिस्ट को लुभाने के लिए स्पेशल प्रमोशन एक्टिविटीज शुरू की हैं. हम भारत से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या को बनाए रखने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं. हम प्रमोशन के लिए अतिरिक्त प्रयास करेंगे, क्योंकि पर्यटकों की संख्या कम हो रही है. उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय बाजार में मालदीव पर्यटन ब्रैंड को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न एयरलाइनों के साथ मिलकर कैंपेन भी चलाया जा रहा है. बता दें कि मालदीव के मंत्रियों की शर्मनाक टिप्पणियों के चलते भारतीय मालदीव का बहिष्कार कर रहे हैं.
रोड शो की भी है तैयारी
पिछले महीने मालदीव एसोसिएशन ऑफ ट्रेवल एजेंट्स एंड टूर ऑपरेटर्स (MATATO) ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मालदीव में भारतीय उच्चायुक्त मुनु महावर से मुलाकात की थी. मालदीव एसोसिएशन ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारतीय उच्चायोग से सहयोग की इच्छा जताई थी. यह भी सामने आया था कि एसोसिएशन मालदीव में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारत के प्रमुख शहरों में एक व्यापक रोड शो शुरू करने की भी तैयारी कर रही है. दरअसल, MATATO की कोशिश है कि भारतीय पर्यटकों को मालदीव के बारे में ज्यादा से ज्यादा बताया जाए, उन्हें देश की खूबसूरती से परिचित कराया जाए, ताकि मालदीव आने वाले भारतीयों की संख्या में इजाफा हो सके.
ये है मालदीव की चिंता की वजह
विवाद से पहले तक मालदीव पहुंचने वाले पर्यटकों में सबसे ज्यादा संख्या भारतीयों की रही है. यहां तक कि कोरोना के बाद जब मालदीव को पर्यटकों के लिए खोला गया, तो भारतीय ही सबसे ज्यादा वहां पहुंचे थे. हालांकि, विवाद के बाद से इसमें लगातार कमी आ रही है. मालदीव की मोहम्मद मुइज्जू सरकार के पर्यटन मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि भारतीय पर्यटकों की संख्या में 33 प्रतिशत की गिरावट आई है. पिछले साल यानी 2023 में 4 मार्च तक 41,054 भारतीय पर्यटकों ने मालदीव की यात्रा की थी. जबकि इस साल 2 मार्च तक मालदीव जाने वाले भारतीयों की संख्या केवल 27,224 रही. मालदीव की इकॉनमी में भारतीय पर्यटकों का 11% योगदान बताया जाता है. ऐसे में उनका लंबे समय तक नाराज रहना मालदीव की आर्थिक सेहत बिगाड़ सकता है.
तब किया था इतना खर्चा
करीब 4 लाख की आबादी वाले मालदीव में धिवेही और इंग्लिश भाषा बोली जाती है. मालदीव जलवायु परिवर्तन का सामना कर रहा है. इसका कोई भी द्वीप समुद्र तल से छह फुट से अधिक ऊंचा नहीं है. इस देश की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर टिकी हुई है. 2023 में बड़ी संख्या में भारतीय मालदीप गए थे और उन्होंने 38 करोड़ डॉलर यानी करीब 3,152 करोड़ रुपए खर्च किए थे. भारत से विवाद के बीच पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए मालदीव ने हाल ही में अपने यहां घूमने का खर्चा भी आधा कर दिया था, लेकिन इसका खास फायदा नहीं मिला.
ऐसे शुरू हुईं मालदीव की मुश्किलें
अब यह भी जान लेते हैं कि आखिर मालदीव भारत और भारतीयों को नाराज करने की स्थिति में कैसे पहुंचा. भारत और मालदीव के बीच तनाव की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्षद्वीप दौरे के बाद हुई. सोशल मीडिया पर लक्षद्वीप की मालदीव से तुलना मालदीव के तीन मंत्रियों को रास नहीं आई. उन्होंने भारत को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की और भारतीयों की दुश्मनी मोल ले बैठे. भारत की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद भले ही इन तीनों मंत्रियों को हटा दिया गया हो, लेकिन मालदीव के प्रति लोगों का गुस्सा कम नहीं हुआ. सोशल मीडिया पर #BoycottMaldives ट्रेंड करने लगा. कई भारतीयों ने मालदीव की बुकिंग कैंसल कराकर उसका स्क्रीन शॉट सोशल माडिया पर शेयर किया. यहां से मालदीव की मुश्किलें शुरू हो गईं
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