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भारत-ब्रिटेन रिश्तों में बड़ा विस्तार: 47 करोड़ डॉलर का रक्षा सौदा, FTA पर सहमति
भारत और ब्रिटेन ने आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और हरित तकनीक को प्रोत्साहित करने के लिए महत्त्वपूर्ण खनिज उद्योग गिल्ड की स्थापना करने का भी निर्णय लिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago
भारत और ब्रिटेन के संबंधों को नई दिशा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री किअर स्टार्मर की मुंबई में अहम बैठक हुई. इस दौरान दोनों नेताओं ने रणनीतिक आर्थिक सहयोग, रक्षा साझेदारी, शिक्षा, जलवायु परिवर्तन और महत्त्वपूर्ण खनिजों जैसे विविध क्षेत्रों में सहयोग को गहराने पर जोर दिया. बैठक के परिणामस्वरूप 12 से अधिक द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें लगभग 47 करोड़ डॉलर का रक्षा अनुबंध और मुक्त व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर बनी सहमति प्रमुख रही.
रक्षा सहयोग में बड़ा अनुबंध
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों देशों के बीच 46.8 करोड़ डॉलर (35 करोड़ पाउंड) का एक अहम अनुबंध हुआ है जिसके तहत ब्रिटेन भारत को हल्के मल्टी-रोल मिसाइल की आपूर्ति करेगा. इसके अलावा 33.3 करोड़ डॉलर के अगले चरण में नौसेना के जहाजों के लिए बिजली चालित इंजन विकसित करने में सहयोग होगा.
मुक्त व्यापार समझौते पर चर्चा
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने 24 जुलाई को चेकर्स में हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को आगे बढ़ाने पर भी सहमति जताई. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “वैश्विक अनिश्चितता के समय भारत और ब्रिटेन की साझेदारी वैश्विक स्थिरता और आर्थिक प्रगति का महत्त्वपूर्ण स्तंभ है.”
‘अभूतपूर्व क्षण’ बताया स्टार्मर ने
ब्रिटिश प्रधानमंत्री किअर स्टार्मर ने कहा कि भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर “एक अभूतपूर्व क्षण” है. उन्होंने कहा कि इससे शुल्क में कमी आएगी, बाजारों तक बेहतर पहुंच मिलेगी और रोजगार के नए अवसर बनेंगे. स्टार्मर ने यह भी कहा कि भारत 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है और ब्रिटेन इस यात्रा में भागीदार बनने को तैयार है.
संयुक्त आर्थिक व्यापार समिति का गठन
दोनों देशों ने आर्थिक वृद्धि और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए एक संयुक्त आर्थिक व्यापार समिति के गठन का निर्णय लिया है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “प्रधानमंत्री स्टार्मर की यात्रा नई ऊर्जा और व्यापक दृष्टिकोण का प्रतीक है.”
ब्रिटेन में भारतीय निवेश से नए अवसर
लंदन स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस यात्रा के दौरान ब्रिटेन को 1.3 अरब पाउंड की 64 भारतीय निवेश परियोजनाएं मिली हैं, जिनसे लगभग 6,900 नई नौकरियां सृजित होने की उम्मीद है.
तकनीकी और खनिज सहयोग को नया आयाम
भारतीय अधिकारियों के अनुसार, दोनों देशों ने अत्याधुनिक शोध एवं विकास केंद्र स्थापित करने पर सहमति जताई है, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और जलवायु परिवर्तन जैसे विषय शामिल होंगे. साथ ही, इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स धनबाद में महत्त्वपूर्ण खनिज आपूर्ति व्यवस्था वेधशाला का दूसरा चरण शुरू किया गया है.
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