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महिंद्रा एंड महिंद्रा का बड़ा दांव: नियोन हाइब्रेन में 26% हिस्सेदारी

कंपनी की यह निवेश रणनीति महिंद्रा के उस व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसके तहत वह रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल्स (SPVs) में अल्पांश हिस्सेदारी लेती है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

महिंद्रा एंड महिंद्रा ने पंजाब में कैप्टिव सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए नियोन हाइब्रेन में 26 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है. यह कदम समूह की रिन्यूएबल एनर्जी की दिशा में बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाता है. नियोन हाइब्रेन, जो महिंद्रा सस्टेन की सहायक कंपनी है, पंजाब के बठिंडा जिले में एक सोलर प्रोजेक्ट विकसित कर रही है. इस प्रोजेक्ट से कैप्टिव उपयोग के लिए स्वच्छ बिजली आपूर्ति होने की उम्मीद है.

SPV मॉडल के जरिए रिन्यूएबल एनर्जी रणनीति

कंपनी की यह निवेश रणनीति महिंद्रा के उस व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसके तहत वह रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल्स (SPVs) में अल्पांश हिस्सेदारी लेती है. इससे समूह को लंबी अवधि के लिए हरित ऊर्जा की सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलती है. महिंद्रा इससे पहले भी विंड-सोलर हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स में इसी तरह की रणनीति अपना चुकी है, जिससे रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो को मजबूती मिली है.

मैन्युफैक्चरिंग में बढ़ेगा ग्रीन एनर्जी का उपयोग

यह प्रोजेक्ट महिंद्रा के उस लक्ष्य का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी अपने विभिन्न कारोबारों, खासकर मैन्युफैक्चरिंग, में रिन्यूएबल एनर्जी का उपयोग बढ़ा रही है.

कैप्टिव सोलर से घटेगी लागत और उत्सर्जन

कैप्टिव सोलर प्रोजेक्ट्स के जरिए औद्योगिक उपभोक्ता सीधे रिन्यूएबल स्रोतों से बिजली ले सकते हैं, जिससे ऊर्जा लागत और कार्बन उत्सर्जन दोनों में कमी आती है.

यह पहल महिंद्रा ग्रुप के उस लक्ष्य के अनुरूप है, जिसमें रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी बढ़ाने और जलवायु प्रतिबद्धताओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया है.
 


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