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PM ने जिस प्रतिमा का किया था अनावरण, वो महज 8 महीने में ही गिर गई, हवा दोषी करार!
महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज की एक प्रतिमा के गिरने को लेकर सियासी बवाल मचा हुआ है. इस बवाल से भाजपा की टेंशन बढ़ना लाजमी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
पिछले साल मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल लोक में करोड़ों की लागत से बनीं कुछ मूर्तियों के गिरने पर बवाल हुआ था. विपक्ष ने इसके लिए भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए. हालांकि, कुछ समय बाद मामला आया-गया हो गया. यानी सबकुछ भुला दिया गया. अब ऐसे ही एक मामले को लेकर महाराष्ट्र में बवाल मचा हुआ है. हालांकि, अंतर इतना है कि यहां भ्रष्टाचार जैसे आरोप नहीं हैं. वो शायद इसलिए कि मूर्ति निर्माण में राज्य शासन की प्रत्यक्ष भागीदारी नहीं है.
CM ने बताया कारण
दरअसल, महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग में छत्रपति शिवाजी महाराज की विशाल प्रतिमा महज 8 महीने में ही गिर गई. इस प्रतिमा का अनावरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इसके लिए तेज हवा को दोषी ठहराया है. उनका कहना है कि सोमवार को 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी, जिससे प्रतिमा गिर गई. जबकि विपक्ष का कहना है कि छत्रपति शिवाजी की स्मारक का निर्माण जल्दबाजी में किया गया. इसी वजह से गुणवत्ता की अनदेखी की गई और नतीजा सबसे सामने है.
दिए थे 2.36 करोड़
राज्य के सिंधुदुर्ग जिले के राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पिछले साल 4 दिसंबर को नौसेना दिवस के अवसर पर स्थापित की गई थी. 35 फुट ऊंची इस प्रतिमा का निर्माण इंडियन नेवी ने करवाया था. महाराष्ट्र सरकार ने इसके लिए नौसेना को 2.36 करोड़ रुपए दिए थे, लेकिन प्रतिमा बनाने वाली कंपनी का चयन, कलाकार और डिज़ाइन आदि की पूरी प्रक्रिया नेवी ने की थी. इस वजह से राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार जैसे आरोप नहीं लग रहे हैं.
2 के खिलाफ FIR
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 4 दिसंबर को नेवी डे के अवसर पर इस प्रतिमा का अनावरण किया था. नेवी ने मेसर्स आर्टिस्टरी को प्रतिमा का कामकाज सौंपा था, जिसके प्रोपराइटर जयदीप आपटे हैं. पुलिस ने मामले में जयदीप आप्टे और स्ट्रक्चरल कंसल्टेंट चेतन पाटिल के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है. वहीं, राज्य सरकार में PWD मंत्री और भाजपा नेता रवींद्र चव्हाण ने इस मामले में गेंद Navy के पाले में डाल दी है. उनका कहना है कि प्रतिमा में इस्तेमाल स्टील में जंग लगने की जानकारी पत्र लिखकर नेवी को दी गई थी. साथ ही नेवी अधिकारियों से ठोस कदम उठाने को भी कहा था.
भाजपा की बढ़ गई टेंशन
नेवी ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. उसने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि हमने प्रतिमा गिरने के कारण की जांच करने और जल्द से जल्द मूर्ति की मरम्मत कर फिर से उसकी स्थापना के लिए एक टीम नियुक्त की है. बहरहाल मूर्ति गिरने की वजह चाहे जो हो, चुनावी मौसम में इस घटना ने भाजपा को टेंशन ज़रूर दे दी है. विपक्ष, खासकर उद्धव ठाकरे के शिवसेना इसे छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान करार दे रही है. यदि विपक्ष की सोच से जनता का जुड़ाव हो गया, तो फिर भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी.
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