होम / बिजनेस / रूठों को मनाने की कोशिश, 24 घंटे के अंदर ही इस राज्य ने लागू कर दी UPS
रूठों को मनाने की कोशिश, 24 घंटे के अंदर ही इस राज्य ने लागू कर दी UPS
केंद्र सरकार के यूनिफाइड पेंशन स्कीम की घोषणा के महज 24 घंटों के अंदर ही महाराष्ट्र ने इस योजना को लागू कर दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
मोदी सरकार ने न्यू पेंशन स्कीम (NPS ) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों की नाराज़गी को दूर करने का प्रयास किया है. सरकार ने भले ही पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल नहीं की है, लेकिन UPS यानी यूनिफाइड पेंशन स्कीम पेश करते हुए NPS की खामियों को दूर करने की कोशिश ज़रूर की है. सरकारी कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से PM मोदी की मुलाकात के बाद सरकार ने शनिवार को UPS का ऐलान किया. इस नई व्यवस्था को लागू करने वाला महाराष्ट्र पहला राज्य बन गया है.
लुभाने का प्रयास
महाराष्ट्र को इसी साल विधानसभा चुनाव से गुजरना है. ऐसे में एकनाथ शिंदे सरकार ने घोषणा के महज 24 घंटों के अंदर की इस योजना को लागू कर दिया. लोकसभा चुनाव के परिणामों के बाद शिंदे सरकारी कर्मचारियों सहित रूठे मतदाताओं को लुभाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं. हाल ही में उन्होंने मध्य प्रदेश की तर्ज पर लाड़ली बहना योजना शुरू की और एक कदम आगे बढ़ते हुए लाड़ला भाई योजना का भी ऐलान कर डाला. हालांकि, इस तरह की योजनाओं से सरकारी खजाने पर अत्यधिक भार पड़ेगा, जिसे लेकर विशेषज्ञों ने चिंता भी जाहिर की है.
ऐसी है UPS
UPS की बात करें, तो इसके तहत साल 2004 के बाद नौकरी जॉइन करने वाले कर्मचारियों को आखिरी वेतन का करीब 50% बतौर पेंशन देने की व्यवस्था की गई है. यूपीएस में कर्मचारी को 25 वर्ष की सेवा के बाद आखिरी वर्ष के औसत वेतन के 50% के बराबर पेंशन दी जाएगी. एक अप्रैल 2025 से लागू होने वाली इस योजना के तहत कर्मचारियों के अंशदान को NPS की मौजूदा व्यवस्था के 10% के बराबर ही रखा गया है, लेकिन सरकार ने अपने अंशदान को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 18.5 प्रतिशत कर दिया है. सरकार क कहना है कि UPS में पारिवारिक पेंशन, गारंटी शुदा न्यूनतम पेंशन और सेवानिवृत्ति के बाद एकमुश्त भुगतान का भी प्रावधान किया गया है.
90 लाख को फायदा
यूपीएस लागू करने से एरियर के रूप में चालू वित्त वर्ष में सरकारी खजाने पर करीब 800 करोड़ रुपए क भार आएगा और यूपीएस के लिए लगभग 6250 करोड़ रुपए खर्च होंगे. इस योजना से केंद्र के 30 लाख से अधिक कर्मचारियों को लाभ होगा. यदि राज्य सरकारें भी यूपीएस को लागू करती हैं, तो कुल 90 लाख कर्मचारियों को इसका फायदा हो सकेगा
टैग्स