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सस्ते में हवाई सफर कराने वाली Go First नई मुश्किल में, DGCA तक पहुंच गई बात
लो-कॉस्ट एयरलाइन Go First एक नई मुश्किल में फंस गई है. उस पर विमानों का किराया नहीं चुकाने का आरोप लगा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
करीब 50 यात्रियों को एयरपोर्ट पर ही छोड़कर उड़ान भरने को लेकर विवादों में आई Go First एयरलाइन के बारे में एक और बड़ी खबर सामने आ रही है. एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि ये बजट एयरलाइन मुश्किल दौर से गुजर रही है. उसने पिछले दो महीनों से 10 विमानों के लीज रेंटल का भुगतान नहीं किया है. यदि जल्द कंपनी पेमेंट नहीं करती है, तो उसके लिए हालात और भी ज्यादा खराब हो सकते हैं.
बदल लिया था नाम
गो फर्स्ट (Go First) की स्थापना गो एयर के नाम से हुई थी, लेकिन बाद में कंपनी ने अपना नाम बदला लिया. इस कंपनी का मालिकाना हक वाडिया ग्रुप (Wadia Group) के पास है. इसकी पहचान देश की लो-कॉस्ट एयरलाइन के रूप में होती है. 2021 के आंकड़ों के अनुसार, एविएशन सेक्टर में मार्च 2021 में GoAir की हिस्सेदारी 7.8 फीसदी थी. पिछले कुछ समय से कंपनी नेगेटिव कारणों से खबरों में है.
3 कंपनियों के हैं विमान
एक मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि Go First ने पिछले दो महीनों से 10 विमानों के लीज रेंटल का भुगतान नहीं किया है. किराए पर विमान देने वाली तीन कंपनियों को इस मामले में डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) को पत्र लिखा है. कई बार समयसीमा बढ़ाए जाने के बावजूद कंपनी भुगतान नहीं कर रही है. दरअसल, गो फर्स्ट ने 10 एयरबस A320 नियो विमान किराए पर लिए हैं, ताकि मार्केट में अपने शेयर को बढ़ाया जा सके, लेकिन कंपनी पर अब इन विमानों के किराए का भुगतान नहीं करने का आरोप लगा है.
क्या होगा अगला कदम?
रिपोर्ट में बताया गया है कि संबंधित कंपनियों ने फिलहाल DGCA से विमानों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने के लिए नहीं कहा है, लेकिन अगर एयरलाइन की ओर से 700 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया जाता है, तो कंपनियां ऐसी मांग करने के लिए मजबूर हो सकती हैं. गौरतलब है कि आमतौर पर रजिस्ट्रेशन रद्द करने का अनुरोध तब किया जाता है, जब लीज देने वाली कंपनी और एयरलाइन, भुगतान को लेकर किसी समझौते पर पहुंचने में विफल रहते हैं. रजिस्ट्रेशन रद्द होने की स्थिति में विमान को देश के विमानों के आधिकारिक रजिस्टर से हटा दिया जाता है. दूसरे शब्दों में कहें तो संबंधित विमानों का इस्तेमाल उड़ान के लिए नहीं किया जा सकता.
ऐसा भी हुआ है
इस साल जनवरी में खबर आई थी कि गो-फर्स्ट (Go First) का एक विमान अपने करीब 50 यात्रियों को एयरपोर्ट पर ही छोड़कर उड़ गया. DGCA ने इस मामले के लिए एयरलाइन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. सभी यात्री गो-फर्स्ट की फ्लाइट G8 116 से बेंगलुरु से दिल्ली जाने वाले थे. यात्री चेक-इन कर चुके थे और सुरक्षा की जांच हो चुकी थी. सभी चार बसों में सवार होकर टरमैक में इंतजार कर रहे थे, जो उन्हें पार्क किए गए विमान तक ले जाने वाली थी, लेकिन यात्री बस में ही बैठे रह गए और विमान ने उड़ान भर ली. एयरलाइन ने चार घंटे बाद यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया था. इसे लेकर एयरलाइन की काफी आलोचना हुई थी.
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