होम / बिजनेस / महाकुंभ से लोकल इकोनॉमी को मिलेगा बूस्ट, लाखों करोड़ का होगा बिजनेस

महाकुंभ से लोकल इकोनॉमी को मिलेगा बूस्ट, लाखों करोड़ का होगा बिजनेस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रयागराज का दौरा करके मेले के लिए सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को बेहतर करने के लिए प्रयागराज में 5,500 करोड़ रुपये की निर्माण परियोजनाओं की शुरुआत की है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

उत्तर प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थल व पावन गंगा नगरी प्रयागराज में महाकुंभ मेले की तैयारी खूब जोर-शोर के साथ चल रही है. महाकुंभ मेला भारत का सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक उत्सव होगा. यह उत्सव धर्म के साथ अर्थिक विकास के लिए भी काफी खास होने जा रहा है, क्योंकि इस दौरान बहुत सारे बिजनेस को कमाई के अवसर मिलेंगे. बता दें, इस बार 12 साल में एक बार आने  वाले महाकुंभ मेले का आयोजन इस बार प्रयागराज में होगा. इस बार यह मेला 13 जनवरी (पौष पूर्णिमा) से 26 फरवरी (महा शिवरात्रि) तक लगेगा. इसमें साधु-संतों सहित करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं भाग लेंगे. तो आइए जानते हैं ये महाकुंभ अर्थव्यवस्था के लिए कैसे फायदेमंद होगा? 

महाकुंभ में पहुंचेंगे 40-50 करोड़ श्रद्धालु 
13 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रयागराज का दौरा करके मेले के लिए शहर की सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को बेहतर करने के लिए 5,500 करोड़ रुपये की कुल निर्माण परियोजनाओं की शुरुआत की. हर 12 साल में होने वाले महाकुंभ मेले के लिए लाखों तीर्थयात्री और पर्यटक मेजबान शहर में आते हैं. अनुमान है कि 2025 में प्रयागराज में 40-50 करोड़ पर्यटक आएंगे, जो वहां की लोकल इकोनॉमी को काफी बूस्ट करेगा. अपने धार्मिक महत्व के अलावा महाकुंभ जैसे अवसर पर्यटन के साथ रोजगार पैदा करने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने का काम करते हैं, जिससे आस-पास की कंपनियों को लाभ होता है और समग्र रूप से भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलता है.
 
ट्रैवल एजेंसियों से लेकर परिवहन सेक्टर को होगा फायदा 

महाकुंभ के दौरान इन तीर्थ स्थलों पर लाखों लोग आते हैं, कुंभ मेले में ठहरने की मांग बढ़ जाती है. यह वृद्धि ट्रैवल एजेंसियों, ठहरने की सुविधाओं, भोजनालयों और टूर ऑपरेटरों की मदद करती है. कुंभ मेला टेंट किराए पर लेने जैसी सेवाएं जो मेहमानों को उत्सव स्थल के नज़दीक आसान और आकर्षक आवास के विकल्प देती हैं, उनकी भी बहुत मांग रहती है. पर्यटन बिजनेस में हवाई, रेल और सड़क परिवहन के लिए रिजर्वेशन में तेज वृद्धि देखी जाती है, जिससे सभी उद्योग क्षेत्रों के लिए आय का एक बड़ा जरिया बनता है. महाकुंभ निर्माण, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा और इवेंट प्लानिंग जैसे उद्योगों में अस्थायी और स्थायी दोनों तरह के काम के अवसरों की एक बड़ी संख्या पैदा करके क्षेत्र में बेरोज़गारी को भी कम करता है.

स्थानीय दुकानदारों की भी होगी कमाई

छोटे व्यवसायों और कारीगरों के पास अपने सामान बेचने का एक बड़ा अवसर है, जिससे स्थानीय समुदायों को भी लाभ होता है. स्थानीय व्यवसायों की सहायता के लिए, तीर्थयात्री बड़ी मात्रा में भोजन, कपड़े, धार्मिक वस्तुएँ और स्मृति चिन्ह खरीदते हैं. व्यक्तिगत विक्रेताओं की मदद करने के अलावा, यह विस्तार स्थानीय व्यंजनों, कला और हस्तशिल्प की मांग पैदा करके स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देता है. बता दें, भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के अनुमान के अनुसार, 2019 के कुंभ मेले ने कुल 1.2 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू आया था, जबकि 2013 में हुए पिछले महाकुंभ ने होटलों और हवाई अड्डों के बुनियादी ढांचे के उन्नयन सहित कुल 12,000 करोड़ रुपये का रेवेन्यू अर्जित किया था.

 


टैग्स  
सम्बंधित खबरें

लौह अयस्क होगा महंगा, स्क्रैप बनेगा स्टील इंडस्ट्री का सबसे बड़ा कच्चा माल: डॉ. अशोक पांडा

सेल के सीएमडी डॉ. अशोक कुमार पांडा ने कहा कि स्टील किसी भी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. इसका प्रत्यक्ष योगदान भले ही 7-8 प्रतिशत के आसपास हो, लेकिन यह पूरे औद्योगिक विकास को गति देता है.

12 hours ago

35 अरब डॉलर के माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो पर संकट, कमजोर मानसून बढ़ा सकता है डिफॉल्ट

ग्रामीण आय पर दबाव से माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की रिकवरी को झटका लगने की आशंका

15 hours ago

सेबी का बड़ा फैसला: अब रुपये में होगी FPI फीस की पेमेंट, MF को भी मिली इंट्रा-डे उधारी की छूट

विदेशी निवेशकों के लिए शुल्क भुगतान की प्रक्रिया होगी आसान, म्युचुअल फंड सेटलमेंट में बढ़ेगी लिक्विडिटी

15 hours ago

भारत के ऑटो कंपोनेंट उद्योग ने भरी रफ्तार, FY26 में कारोबार 12.7% बढ़कर 7.6 लाख करोड़ रुपये पहुंचा

एसोसिएशन का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भी उद्योग 8% से 10% की दर से बढ़ सकता है. इसके पीछे घरेलू बाजार में मजबूत मांग और निर्यात में बढ़ोतरी को प्रमुख कारण बताया गया है.

18 hours ago

भारत में स्टील की मांग ने पकड़ी रफ्तार, Q1 में 8.3% बढ़ी खपत; आयात में 49% का उछाल

बुनियादी ढांचा और ऑटो सेक्टर की मजबूत मांग से बढ़ी स्टील की खपत, चीन समेत तीन देशों से आयात पर एंटी-डंपिंग जांच शुरू

18 hours ago


बड़ी खबरें

लौह अयस्क होगा महंगा, स्क्रैप बनेगा स्टील इंडस्ट्री का सबसे बड़ा कच्चा माल: डॉ. अशोक पांडा

सेल के सीएमडी डॉ. अशोक कुमार पांडा ने कहा कि स्टील किसी भी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. इसका प्रत्यक्ष योगदान भले ही 7-8 प्रतिशत के आसपास हो, लेकिन यह पूरे औद्योगिक विकास को गति देता है.

12 hours ago

सेबी का बड़ा फैसला: अब रुपये में होगी FPI फीस की पेमेंट, MF को भी मिली इंट्रा-डे उधारी की छूट

विदेशी निवेशकों के लिए शुल्क भुगतान की प्रक्रिया होगी आसान, म्युचुअल फंड सेटलमेंट में बढ़ेगी लिक्विडिटी

15 hours ago

शनि वक्री 2026: रणनीतिक आत्ममंथन जो अटूट कारोबारी नींव तैयार करता है

ज्योतिषाचार्य विक्रम चन्दीरमानी लिखते हैं, करियर से लेकर रिश्तों तक, शनि वक्री लोगों को त्वरित परिणामों के पीछे भागने के बजाय दीर्घकालिक फैसलों की समीक्षा करने के लिए प्रेरित करता है.

14 hours ago

35 अरब डॉलर के माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो पर संकट, कमजोर मानसून बढ़ा सकता है डिफॉल्ट

ग्रामीण आय पर दबाव से माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की रिकवरी को झटका लगने की आशंका

15 hours ago

भारत में स्टील की मांग ने पकड़ी रफ्तार, Q1 में 8.3% बढ़ी खपत; आयात में 49% का उछाल

बुनियादी ढांचा और ऑटो सेक्टर की मजबूत मांग से बढ़ी स्टील की खपत, चीन समेत तीन देशों से आयात पर एंटी-डंपिंग जांच शुरू

18 hours ago