होम / बिजनेस / ICICI बैंक में इन लोन पर कम हुई ब्‍याज दर, जानिए कितनी हो जाएगी EMI

ICICI बैंक में इन लोन पर कम हुई ब्‍याज दर, जानिए कितनी हो जाएगी EMI

दरअसल समझने की बात ये भी है कि क्‍या हर लोन MCLR  के दायरे में आता है. कौन-कौन से लोन हैं जो इसकी जद में आते हैं और कौन-कौन से नहीं हैं. 

ललित नारायण कांडपाल 2 years ago

जब से दुनिया भर में ब्‍याज दरें बढ़ी हैं तब से हर कोई यही उम्‍मीद कर रहा है कि आखिर ये ब्‍याज दरें कब कम होंगी. हर दो महीने बाद होने वाली RBI की ब्‍याज दरों पर कर्ज लेने वाले ज्‍यादातर लोगों की नजर बनी रहती है. इस बार RBI ने तो नहीं लेकिन आईसीआईसीआई ने अपने कई प्रकार के कर्ज पर ब्‍याज दर को कम कर दिया है. बैंक ने अपनी MCLR दर की समीक्षा की है. MCLR वही दर है जिससे होम लोन से लेकर दूसरे लोन की ब्‍याज दर तय होती है.

कितनी हैं ICICI बैंक की MCLR दरें
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ICICI बैंक ने MCLR की दरों की जो समीक्षा की है उसके अनुसार बैंक ने 3 महीने के लिए तो ब्‍याज दरों में कमी कर दी है जबकि 6 महीने और एक साल के लिए ब्‍याज दरों में इजाफा कर दिया है. बैंक ने एक महीने की MCLR को 8.50% से घटाकर 8.35% कर दिया है और इसने तीन महीने की MCLR को 15 आधार अंकों (bps) से घटाकर 8.55% से 8.40% कर दिया है. वहीं बैंक ने MCLR को छह महीने और एक साल के कार्यकाल पर क्रमशः 5 बीपीएस बढ़ाकर 8.75% और 8.85% कर दिया है.

RBI पॉलिसी रेपो रेट और ICICI बैंक एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट
ICICI बैंक की वेबसाइट के अनुसार, 8 फरवरी, 2023 से प्रभावी RBI पॉलिसी रेपो रेट 6.50% है. जबकि सितंबर में इसे EBLR 9.25% p.a.p.m कर दिया गया था जो 30 सितंबर, 2022 से प्रभावी था. MCLR की दरों के कम होने के बाद ज्‍यादातर लोगों पर ईएमआई का बोझ कम हो जाएगा. यही नहीं इसके कारण उनकी ऋण दरों को बढ़ी हुई रेपो दर की तुलना में उस स्तर तक बढ़ने में समय लगेगा. जब भी ब्याज दर बढ़ती हैं या दरें गिरना शुरू होती हैं, वे ईबीएलआर में ट्रांजिशन की योजना बना सकते हैं.

2016 से बदला जा चुका है तरीका 
आरबीआई की ओर से 1 अप्रैल, 2016 से MCLR प्रणाली के साथ ब्याज दरों को निर्धारित करने के लिए आधार दर प्रणाली को बदल दिया गया है. जिन लोगों ने 1 अप्रैल, 2016 से पहले कर्ज लिया है वो अभी भी पिछली आधार दर और बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट (बीपीएलआर) सिस्‍टम के अंतर्गत अपना कर्ज चुका रहे हैं. हालांकि व्‍यवस्‍था ये भी है कि अगर उन्‍हें लगता है कि एमसीएलआर से लाभ है तो वो इस पर स्विच कर सकते हैं. 

क्या ऋण को MCLR से जोड़ना अनिवार्य है?
आईसीआईसीआई बैंक की वेबसाइट के अनुसार अगर आपने ऑटो लोन या ट्रैवल लोन लिया है तो इससे जोड़ने की जरुरत है अगर आपने होम लोन या बिजनेस लोन लिया है तो इसे जोड़ना जरुरी नहीं है. आरबीआई ने 01 अक्टूबर, 2019 से होम लोन, बिजनेस लोन और वर्किंग कैपिटल लोन, आदि के लिए एमसीएलआर की जगह बाहरी बेंचमार्किंग प्रणाली की शुरुआत की है. यह नई उधार दर प्रणाली केवल फ्लोटिंग ब्याज दरों वाले ऋणों के लिए लागू है ना कि फिक्‍स रेट कर्ज के लिए. साथ ही एक्सटर्नल बेंचमार्किंग सिस्टम बैंकों में चालू रहेगा.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

उद्योग जगत के दिग्गजों ने लॉन्च की Daksham Capital, प्रीमियम फैमिली ऑफिस और वित्तीय सेवा फर्म

भारत में 2035 तक सर्विसेबल वेल्थ पूल के लगभग 9 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना के बीच, दक्षम् कैपिटल का उद्देश्य बिखरी हुई सलाहकारी सेवाओं को एकीकृत और रिसर्च-आधारित प्लेटफॉर्म के माध्यम से सुव्यवस्थित करना है.

4 hours ago

भारत का विदेशी निवेश उछला, FY26 में 26.7 अरब डॉलर के पार

विशेषज्ञों का मानना है कि ODI में यह तेजी भारतीय कंपनियों के बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाती है. कंपनियां नए बाजारों और क्षेत्रों में अवसर तलाशते हुए वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रही हैं.

4 hours ago

सर्विस सेक्टर में तेजी, अप्रैल में PMI 58.8 पर पहुंचा

अप्रैल में सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में उछाल का सबसे बड़ा कारण मजबूत घरेलू मांग रही. कंपनियों को नए ऑर्डर्स में तेजी देखने को मिली, जिससे कुल बिजनेस गतिविधियों में सुधार हुआ.

5 hours ago

अडानी के अमेरिकी नियामकों के साथ शांत समझौता करने की संभावना

उच्च दांव वाला DOJ–SEC मामला “नो-एडमिशन” समझौते की ओर बढ़ रहा है, जो वाशिंगटन और भारत के सबसे शक्तिशाली व्यापारिक साम्राज्यों में से एक के बीच एक संतुलित रीसेट का संकेत देता है.

8 hours ago

गुजरात में दो नए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी, 3,936 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद

सरकार का उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करना और भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन का मजबूत हिस्सा बनाना है. इन नई परियोजनाओं को इसी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है.

9 hours ago


बड़ी खबरें

अडानी के अमेरिकी नियामकों के साथ शांत समझौता करने की संभावना

उच्च दांव वाला DOJ–SEC मामला “नो-एडमिशन” समझौते की ओर बढ़ रहा है, जो वाशिंगटन और भारत के सबसे शक्तिशाली व्यापारिक साम्राज्यों में से एक के बीच एक संतुलित रीसेट का संकेत देता है.

8 hours ago

उद्योग जगत के दिग्गजों ने लॉन्च की Daksham Capital, प्रीमियम फैमिली ऑफिस और वित्तीय सेवा फर्म

भारत में 2035 तक सर्विसेबल वेल्थ पूल के लगभग 9 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना के बीच, दक्षम् कैपिटल का उद्देश्य बिखरी हुई सलाहकारी सेवाओं को एकीकृत और रिसर्च-आधारित प्लेटफॉर्म के माध्यम से सुव्यवस्थित करना है.

4 hours ago

भारत का विदेशी निवेश उछला, FY26 में 26.7 अरब डॉलर के पार

विशेषज्ञों का मानना है कि ODI में यह तेजी भारतीय कंपनियों के बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाती है. कंपनियां नए बाजारों और क्षेत्रों में अवसर तलाशते हुए वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रही हैं.

4 hours ago

सर्विस सेक्टर में तेजी, अप्रैल में PMI 58.8 पर पहुंचा

अप्रैल में सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में उछाल का सबसे बड़ा कारण मजबूत घरेलू मांग रही. कंपनियों को नए ऑर्डर्स में तेजी देखने को मिली, जिससे कुल बिजनेस गतिविधियों में सुधार हुआ.

5 hours ago

शशि शेखर वेम्पति बने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के नए अध्यक्ष

यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब वेम्पति ने हाल ही में ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) के बोर्ड से इस्तीफा दिया है. वे 2024 से इस संस्था में प्रोफेशनल डायरेक्टर के रूप में कार्यरत थे.

6 hours ago