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LIC करने जा रही है इस हेल्‍थ इंश्‍योरेंस कंपनी का अधिग्रहण, जानते हैं कौन सी है ये कंपनी? 

एलआईसी ने हाल ही में हेल्‍थ इंश्‍योरेंस सेक्‍टर में उतरने का प्‍लान आईआरडीए को सौंपा है. लेकिन इसमें किसी भी सरकारी जनरल बीमा कंपनी के अधिग्रहरण या मर्जर की कोई बात नहीं कही गई है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

हेल्‍थ इंश्‍योंरेंस में उतरने की तैयारी कर रही एलआईसी जल्‍द ही एक बड़ी डील कर सकती है. कंपनी अपने हेल्‍थ इंश्‍योरेंस कारोबार को लॉन्‍च करने के लिए देश की पांच हेल्‍थ इंश्‍योरेंस कंपनियों में से एक का अधिग्रहण करने की तैयारी कर रही है. एलआईसी मौजूदा समय में देश की सबसे बड़ी इंश्‍योरेंस कंपनी है. सबसे खास बात ये है कि इस कंपनी में सबसे ज्‍यादा शेयर सरकार के हैं. अगर ऐसा होता है तो इसका असर कंपनी के शेयर में भी देखने को मिल सकता है. 

अभी क्‍या है इंश्‍योरेंस कंपनियों की व्यवस्था? 
मौजूदा समय में कोई भी इंश्‍योरेंस कंपनी हेल्‍थ इंश्‍योरेंस नहीं दे सकती हैं. अगर वो देना चाहती हैं तो वो इसके लिए लॉन्‍ग टर्म बेनीफिट दे सकती हैं. अगर कोई शख्‍स अस्‍पताल में भर्ती होता हो या किसी अन्‍य प्रकार की क्षतिपूर्ति देनी पड़े तो इंश्‍योरेंस कंपनियां ऐसा नहीं कर सकती हैं. अगर इस व्‍यवस्‍था को लागू करना है तो इसके लिए इसके कानून में संशोधन करना होगा. लेकिन इस समस्‍या को कुछ हद तक सुलझाने के लिए संसद की एक समिति ने इस पर विचार करते हुए कंपोजिट इंश्‍योरेंस लाइसेंस की व्‍यवस्‍था शुरू की है. इसके तहत इंशयोरेंस कंपनियां लाइफ और नॉन लाइफ कैटेगिरी की पॉलिसीयां बेच सकती हैं. 

ये भी पढ़ें: आईटी सेक्‍टर की टॉप कंपनियों ने फिलहाल टाली स्‍नातकों की भर्ती, सब ठीक तो है….

कंपोजिट इंश्‍योरेंस लाइसेंस कैसे काम करता है? 
अब समझने की बात है कि अगर एलआईसी कंपोजिट इंश्‍योरेंस लाइसेंस के जरिए काम करती है तो उसे क्‍या करना होगा. एलआईसी को कंपोजिट इंश्‍योरेंस लाइसेंस लेने के लिए दो से तीन महीने का समय लग जाएगा. इसके बाद एलआईसी हेल्‍थ इंश्‍योंरस सेक्‍टर की किसी भी कंपनी को खरीदकर अपना हेल्‍थ इंश्‍योरेंस का काम कर सकती है. एलआईसी ने हाल ही में हेल्‍थ इंश्‍योरेंस सेक्‍टर में उतरने का प्‍लान आईआरडीए को सौंपा है. लेकिन इसमें किसी भी सरकारी जनरल बीमा कंपनी के अधिग्रहरण या मर्जर की कोई बात नहीं कही गई है. एलआईसी ऐसी कंपनी को खरीदने को लेकर गंभीरता से विचार कर रही है. सबसे दिलचस्‍प बात ये भी है कि कंपनी वो खरीदी जाएगी जो डिजिटली स्‍ट्रांग हो. 

किन कंपनियों के मर्जर की बन सकती है योजना? 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अब सवाल ये है कि आखिर एलआईसी हेल्‍थ सेक्‍टर इंश्‍योरेंस को लेने के लिए आखिर किन कंपनियों का अधिग्रहण कर सकती है. इनमें आदित्य बिड़ला हेल्थ इंश्योरेंस, केयर हेल्थ इंश्योरेंस, नीवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस, स्टार हेल्थ एंड अलाइड इंश्योरेंस कंपनी और मनिपाल-सिग्ना हेल्थ इंश्योरेंस शामिल है. अगर एलआईसी किसी कंपनी को खरीदती है तो उसे उसके लिए आईआरडीएआई और वित्त मंत्रालय से मंजूरी लेनी होगी. देश में निजी क्षेत्र की स्टैंडअलोन हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों का फाइनेंशियल ईयर 2024 में प्रीमियम 32,351 करोड़ रुपये रहा जो पिछले साल से मुकाबले 14 फीसदी अधिक है. 
 


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