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बार-बार KYC से परेशान हुए Kotak AMC के नीलेश शाह, ऐसे बयां किया दर्द
कई जरूरी कामों के लिए 31 मार्च तक KYC कराना जरूरी है. लिहाजा आपके पास चंद घंटे ही बचे है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
केवाईसी यानी नो योर कस्टमर (KYC) को लेकर समय -समय पर अपडेट आता रहा है. खासकर, म्यूचुअल फंडों को समय-समय पर KYC करनी होती है. बार-बार की जाने वाले एक ही प्रक्रिया को लेकर कोटक एएमसी (Kotak AMC) के एमडी नीलेश शाह (Nilesh Shah) काफी परेशान हैं और उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां किया है. शाह ने लिखा कि आखिर कितनी बार केवाईसी की जरूरत है?
अब दुखने लगता है दिल
नीलेश शाह ने बार-बार होने वाली KYC से परेशान होकर बाजार नियामक सेबी (SEBI) से इस दिशा में कोई कदम उठाने का आग्रह भी किया है. शाह ने X पर अपने पोस्ट में लिखा है - तीन दशकों से अधिक समय से मार्केट का हिस्सा रहते केवीआई का हर फॉर्म भरा, जिसमें बॉयोमेट्रिक वेरिफिकेशन भी शामिल है लेकिन अब जब इससे जुड़ा कोई मेल आता है तो दिल में दर्द होने लगता है. अपने ट्वीट में उन्होंने एक स्क्रीन शॉट भी शेयर किया है, जिसमें सिक्योरिटीज मार्केट के KYC नॉर्म्स का जिक्र है.
Kudos to all Mutual Fund Distributors and Intermediaries who tirelessly keep on updating KYC requirements for their clients.
— Nilesh Shah (@NileshShah68) March 29, 2024
SEBI should direct KRA agencies and the RTAs to do a better job. https://t.co/t6CfeXVuJN
काम की तारीफ की
Kotak AMC के एमडी नीलेश शाह ने पूछा है कि आखिर कितनी बार KYC की जरूरत पड़ेगी? शाह ने आगे कहा कि हमारी केआरए एजेंसियों/ रजिस्ट्रार और अधिक बेहतर अच्छा काम कर सकते हैं. दूसरी तरफ उन्होंने क्लाइंट्स के लिए लगातार KYC अपडेट करने के लिए म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स और इंटरमीडियरीज के काम की तारीफ भी की. शाह ने SEBI से आग्रह किया है कि वे एजेंसियों को और बेहतर काम के लिए निर्देश दें. शाह के इस ट्वीट पर काफी रिएक्शन आ रहे हैं. लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या यूनिवर्सल केवाईसी कॉन्सेप्ट नहीं अपनाया जा सकता?
31 से पहले करें KYC
वहीं, कई जरूरी कामों के लिए 31 मार्च तक KYC कराना जरूरी है. उदाहरण के तौर पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अनुसार फास्टैग केवाईसी कराने की अंतिम तिथि 31 मार्च है. ऐसा नहीं होने की स्थिति में एक अप्रैल से संबंधित वाहन बगैर फास्टैग का माना जाएगा और जुर्माने के तौर पर दोगुना टोल टैक्स भरना होगा. इसी तरह, सभी ऐसे म्यूचुअल फंड निवेशकों को जिन्होंने कोई ऑफिशियल वैलिड डॉक्यूमेंट्स नहीं दिया है, 31 मार्च तक फिर से केवाई करना है. यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो म्यूचुअल फंड में निवेश जारी नहीं रख पाएंगे.
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