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अपने पीछे कितनी दौलत छोड़ गईं हैं दुनिया से रुखसत हुईं 'बिहार कोकिला' शारदा सिन्हा?
बिहार में जन्मी शारदा सिन्हा मुख्य रूप से मैथिली और भोजपुरी में गाती थीं. इस वजह से उन्हें 'बिहार कोकिला' का उपनाम मिला था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
लोक गायिका शारदा सिन्हा को लेकर बुरी खबर सामने आई है. वह कल यानी 5 नवंबर को दुनिया को अलविदा कह गईं. छठ पूजा के बीच शारदा सिन्हा के निधन से पूरा बिहार स्तब्ध है. अपने छठ गीतों के लिए विख्यात पद्म भूषण से सम्मानित सिन्हा को 27 अक्टूबर को
को नई दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 72 वर्षीय शारदा सिन्हा मल्टीपल मायलोमा यानी एक प्रकार के रक्त कैंसर से जूझ रही थीं.
पूरी दुनिया में थीं मशहूर
शारदा सिन्हा के बेटे अंशुमान ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर शारदा सिन्हा की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा - 'आपकी प्रार्थनाएं और प्यार हमेशा मेरी मां के साथ रहेगा. छठी मैया ने उन्हें अपने पास बुला लिया है'. शारदा सिन्हा अपने लोकगीतों के लिए केवल बिहार में ही नहीं, पूरी दुनिया में मशहूर थीं.
ऐसा है सिन्हा का परिवार
1 अक्टूबर 1952 को बिहार में जन्मी शारदा सिन्हा मुख्य रूप से मैथिली और भोजपुरी में गाती थीं. इस वजह से उन्हें 'बिहार कोकिला' का उपनाम मिला था. छठ पर्व को समर्पित उनके गीत काफी लोकप्रिय हैं. 2016 में उनके द्वारा गाया गया गीत - 'पहिले पहिल हम कई छठ' काफी ज्यादा हिट हुआ था. शारदा सिन्हा के परिवार की बात करें, वह अपने पीछे बेटी वंदना और बेटे अंशुमान सिन्हा को छोड़ गई हैं. बेटी भी मां की तरह लोक गायिका हैं. इनके अलावा, परिवार में उनकी बहु और पोती है.
बच्चों में बंटेगी संपत्ति
कुछ वक्त पहले ही शारदा सिन्हा के पति का भी निधन हुआ था. शारदा सिन्हा की संपत्ति के बारे में सटीक तौर पर कोई जानकारी नहीं है. लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो उनकी संपत्ति करीब 35 से 42 करोड़ के बीच है. गायिका की संपत्ति का बंटवारा उनके बेटे और बेटी के बीच ही होगा. छठ पूजा के गीतों के अलावा सिन्हा ने बॉलीवुड फिल्मों में भी अपनी आवाज दी है.
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