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मिलिए 19 साल के सबसे अमीर यंगस्टर से, जानें कामयाबी की ये कहानी
इनमें से एक की उम्र महज 19 साल है और कॉलेज की पढ़ाई छोड़ कर 1000 करोड़ रुपये की कंपनी खड़ी कर दी. वहीं दूसरे युवा टीचर हैं और बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग कराते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः हाल ही में Hurun Rich India List में दो ऐसे युवाओं ने जगह पाई है, जिनके काम करने का ढंग बहुत ही अलग है. इनमें से एक की उम्र महज 19 साल है और कॉलेज की पढ़ाई छोड़ कर 1000 करोड़ रुपये की कंपनी खड़ी कर दी. वहीं दूसरे युवा टीचर हैं और बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग कराते हैं. इन नाम हैं कैवल्य वोहरा जो क्विक ग्रॉसरी डिलीवरी ऐप जेप्टो के फाउंडर हैं और अलख पांडेय जो फिजिक्सवाला के नाम से कोचिंग चलाते हैं.
कॉलेज की पढ़ाई छोड़ कर खड़ी की कंपनी
19 साल के कैवल्य वोहरा देश के सबसे युवा अमीर बन गए हैं. आईआईएफएल वेल्थ हुरुन रिच लिस्ट (IIFL Wealth Hurun India Rich List) में इस बार कई स्टार्टअप फाउंडर्स शामिल हैं. कैवल्य वोहरा के साथ ही फिजिक्सवाला के को-फाउंडर अलख पांडे ने भी इस लिस्ट में जगह बनाई है. वोहरा इस लिस्ट में 1,036 वें स्थान पर हैं. वहीं दूसरी ओर प्रयागराज यूपी के मूल निवासी अलख की कंपनी ‘फिजिक्सवाला’ इसी साल जून में देश की 101वीं यूनिकॉर्न बनी थी. प्रयागराज के अलख पांडेय ने महज 30 साल की उम्र में 777 करोड़ रुपये की कंपनी खड़ी कर सबको चौंका दिया था.
यहां से की हैं दोनों ने पढ़ाई
वोहरा ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है. जाहिर है कि वोहरा ने कॉलेज की पढ़ाई छोड़ दी थी और साल 2020 में आदित पलीचा (Aadit Palicha) के साथ जेप्टो की स्थापना की थी. एक साल में ही कंपनी के वैल्यूएशन में 50 फीसदी से अधिक का उछाल आ गया. पलीचा की उम्र भी अधिक नहीं है. वे भी सिर्फ 20 साल के ही हैं. उन्होंने भी 1200 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ इस लिस्ट में जगह बनाई है.
अलख पांडेय ने 2010 में बिशप जानसन स्कूल एंड कॉलेज से 12वीं करने के बाद 2011 में एचबीटीआई कानपुर में बीटेक करने के लिए दाखिला लिया. आठवीं कक्षा से ही ट्यूशन पढ़ाना शुरू कर दिया था. जब वे कक्षा आठ में थे तो कक्षा चार के बच्चों को पढ़ाते थे. 11वीं में कक्षा नौ के बच्चों को कोचिंग पढ़ाने लगे. इसी प्रकार बीटेक सेकेंड ईयर में पहुंचे तो कानपुर में कोचिंग पढ़ाने लगे. 2014 में कानपुर के इंजीनियरिंग कॉलेज की पढ़ाई तीसरे वर्ष में ही छोड़ दी और प्रयागराज लौट आए थे. यहां कोचिंग संस्थान से जुड़े, जहां पांच हजार रुपये मिल रहे थे. 2016 में यूट्यूब चैनल बनाया मगर एक साल में चार हजार सब्सक्राइबर ही मिले. इसके बाद लोकप्रियता बढ़ती चली गई.
ऐसे बढ़ गई वोहरा की कंपनी की वैल्यूएशन
जेप्टो ने YC Continuity Fund के नेतृत्व में एक फंडिंग राउंड से 200 मिलियन डॉलर जुटाए थे. इस निवेश के बाद उनके द्वारा खोले गए स्टार्टअप की वैल्यूएशन में दोगुना उछाल आया है और ये 900 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई. पिछले साल दिसंबर में इसकी वैल्यूएशन 570 मिलियन डॉलर थी. जेप्टो से पहले उन्होंने मई 2020 में एक अन्य ग्रॉसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म किरानाकार्ट (KiranaKart) की स्थापना की थी.
अलख पांडेय ने फिजिक्सवाला से पहले किया था ये काम
2015 से यूट्यूब पर पढ़ाना शुरू किया. 2015 और 2016 में यूट्यब पर 12वीं कक्षा के विषय पर वीडियो अपलोड किए लेकिन नहीं चला. फिर 2017 में कक्षा 10 के विषय पर वीडियो डाले तो बच्चों ने पसंद किया. खासतौर से सीआईएससीई बोर्ड के बच्चों के लिए वीडियो बनाए तो शुरुआत में 10 हजार सब्सक्राइबर हो गए. फिर किसी दोस्त की सलाह पर यूट्यूब चैनल को मॉनीटाइज किया तो कमाई होने लगी. देश के अलावा बांग्लादेश, नेपाल, पाकिस्तान और दुबई के काफी छात्र उनके वीडियो देखते हैं. बांग्लादेश के टॉपर ने बंगाली में दिए अपने इंटरव्यू में अलख का नाम लिया था. यूनिकॉर्न फिजिकवाला के फाउंडर अलख पांडे और प्रतीक माहेश्वरी ने भी इस लिस्ट में पहली बार जगह बनाई है रिपोर्ट के मुताबिक पांडे और महेश्वरी दोनों के पास 4000 करोड से अधिक व्यक्तिगत संपत्ति है.
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