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जुपिटर वैगन्स की इटली की कंपनियों के साथ बड़ी साझेदारी, भारत में बनेगा अत्याधुनिक रेलव्हील मैन्युफैक्चरिंग हब

इस साझेदारी का उद्देश्य भारत का पहला पूरी तरह एकीकृत निजी क्षेत्र का रेलव्हील मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म विकसित करना है. कंपनियों के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म भारतीय रेलवे और निजी ग्राहकों की बढ़ती मांग को पूरा करेगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago

भारत में रेलवे विनिर्माण को नई रफ्तार देने के लिए जुपिटर वैगन्स (Jupiter Wagons) ने इटली की Lucchini RS Holding S.p.A. और इटली सरकार समर्थित वित्तीय संस्था SIMEST S.p.A. के साथ रणनीतिक साझेदारी की है. इस समझौते के तहत भारत में रेलवे व्हील, एक्सल और व्हीलसेट के लिए एकीकृत मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म स्थापित किया जाएगा, जिससे घरेलू उत्पादन बढ़ेगा और भारत की वैश्विक रेलवे सप्लाई चेन में हिस्सेदारी मजबूत होगी.

जुपिटर वैगन्स (JWL) ने मंगलवार को बताया कि इस बाध्यकारी समझौते (Binding Agreement) के तहत Lucchini RS, Jupiter Tatravagonka Railwheel Factory Private Limited (JTRWF) में 15 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी, जबकि SIMEST अतिरिक्त 10 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करेगी. दोनों का संयुक्त 25 प्रतिशत निवेश लगभग 2.8 करोड़ यूरो (28 मिलियन यूरो) का होगा.

देश का पहला एकीकृत निजी रेलव्हील मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म

इस साझेदारी का उद्देश्य भारत का पहला पूरी तरह एकीकृत निजी क्षेत्र का रेलव्हील मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म विकसित करना है. यहां रेलवे व्हील, एक्सल और व्हीलसेट का निर्माण कच्चे माल की प्रोसेसिंग, फोर्जिंग, मशीनिंग से लेकर अंतिम असेंबली तक एक ही प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा. इससे पूरे उत्पादन चक्र का संचालन भारत में ही संभव होगा.

ओडिशा में बनेगा नया प्लांट

वर्तमान में JTRWF की छत्रपति संभाजीनगर स्थित यूनिट मशीनिंग और व्हीलसेट असेंबली का काम करती है. इसे ओडिशा में विकसित किए जा रहे ग्रीनफील्ड मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स से जोड़ा जाएगा. ओडिशा प्लांट में फोर्जिंग, मेटलर्जी और रेलव्हील निर्माण जैसी क्षमताएं विकसित की जाएंगी, जिससे पूरी उत्पादन श्रृंखला एक ही प्लेटफॉर्म पर पूरी हो सकेगी.

घरेलू जरूरतों के साथ निर्यात पर भी रहेगा फोकस

कंपनियों के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म भारतीय रेलवे और निजी ग्राहकों की बढ़ती मांग को पूरा करेगा. साथ ही, इसका लक्ष्य वैश्विक बाजारों में भी रेल उत्पादों का निर्यात बढ़ाना है, जिससे भारत अंतरराष्ट्रीय रेलवे सप्लाई चेन में अपनी मौजूदगी और मजबूत कर सके.

इटली की कंपनी देगी तकनीकी सहयोग

Lucchini RS इस परियोजना के विकास और कमीशनिंग के दौरान अत्याधुनिक तकनीक, इंजीनियरिंग विशेषज्ञता और औद्योगिक सहयोग उपलब्ध कराएगी. इसके अलावा, सभी साझेदार मिलकर नए उत्पादों के विकास और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय रेलवे बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ाने पर भी काम करेंगे.

जुपिटर वैगन्स का कहना है कि उसके मौजूदा वैगन निर्माण कारोबार से व्हीलसेट की लगातार मांग बनी रहेगी, जिससे इस संयुक्त उद्यम की व्यावसायिक व्यवहार्यता मजबूत होगी. साथ ही, इससे तकनीक हस्तांतरण में तेजी आएगी और भारत की रेलवे विनिर्माण क्षमता को भी मजबूती मिलेगी.

इटली सरकार का भी मिला समर्थन

इस निवेश को इटली सरकार ने Sistema Italia फ्रेमवर्क के तहत समर्थन दिया है. SIMEST की इक्विटी भागीदारी के अलावा इटली की डेवलपमेंट फाइनेंस संस्था CDP, Lucchini RS को वित्तीय और सलाहकार सहयोग प्रदान करेगी. भारत में इटली के दूतावास ने भी इस पहल का समर्थन किया है.

क्या बोले कंपनी के अधिकारी?

जुपिटर वैगन्स के प्रबंध निदेशक विवेक लोहिया ने कहा कि यह साझेदारी कंपनी की विनिर्माण क्षमता और Lucchini RS की तकनीक व इंजीनियरिंग विशेषज्ञता को एक साथ लाएगी. इससे भारत में एकीकृत रेलव्हील मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म विकसित होगा, देश की आत्मनिर्भरता मजबूत होगी और भारत वैश्विक रेलवे विनिर्माण हब बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा.

वहीं, Lucchini RS के चेयरमैन ग्यूसेप्पे लुकीनी ने कहा कि यह निवेश कंपनी की अंतरराष्ट्रीय विस्तार रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है. इससे कंपनी को भारत जैसे बड़े बाजार में एक मजबूत स्थानीय साझेदार के साथ दीर्घकालिक अवसर मिलेंगे और भारतीय तथा वैश्विक रेलवे क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी.


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