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JSW Steel ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की पुनर्विचार याचिका, BPSL डील रद्द करने के फैसले को दी चुनौती
IBC के तहत 19,700 करोड़ रुपये की डील रद्द होने के फैसले पर उद्योग जगत की नजरें
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
JSW स्टील ने सुप्रीम कोर्ट के उस हालिया फैसले को चुनौती दी है जिसमें कंपनी की भूषण पावर एंड स्टील लिमिटेड (BPSL) के अधिग्रहण को अमान्य करार दिया गया था. कंपनी ने पुनर्विचार याचिका दाखिल करते हुए कोर्ट से मई 2025 में दिए गए आदेश को पलटने की मांग की है, जिसमें BPSL की लिक्विडेशन प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया था,
सुप्रीम कोर्ट ने मई में अपने आदेश में कहा था कि JSW स्टील द्वारा 2019 में 19,700 करोड़ रुपये की प्रस्तावित समाधान योजना इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) की शर्तों को पूरा नहीं करती। कोर्ट ने इस आधार पर BPSL के लिक्विडेशन का आदेश दे दिया था. योजना के तहत 19,350 करोड़ रुपये वित्तीय लेनदारों और 350 करोड़ रुपये परिचालन लेनदारों को मिलने थे.
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में लिक्विडेशन पर स्टेटस क्वो लागू किया है, जिससे नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) द्वारा शुरू की गई प्रक्रिया पर अस्थायी विराम लग गया है. कोर्ट ने यह स्टे आदेश तब दिया जब पुनर्विचार याचिकाओं की सुनवाई लंबित थी.
JSW Steel ने अपने बयान में कहा है कि वह कानूनी सलाहकारों के साथ सक्रिय चर्चा कर रही है और सभी कानूनी विकल्पों की तलाश कर रही है. कंपनी ने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे का FY25 की समेकित वित्तीय स्थिति पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है.
JSW Steel के संयुक्त प्रबंध निदेशक और सीईओ जयंता आचार्य ने हालिया एनालिस्ट कॉल में कहा, “हमने समाधान योजना को पूरी तरह से लागू किया है. BPSL में उत्पादन और बिक्री पूर्ववत चल रही है.” उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब तक कोर्ट का अंतिम फैसला नहीं आता, कंपनी BPSL में कोई नया निवेश नहीं करेगी.
यह मामला न केवल JSW Steel के लिए, बल्कि पूरे कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रणाली के लिए मील का पत्थर बन सकता है. अगर सुप्रीम कोर्ट का फैसला बरकरार रहता है, तो यह IBC के तहत बड़ी डील्स और नीलामी प्रक्रिया की वैधता को लेकर व्यापक असर डाल सकता है.
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