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Jindal Stainless ने विदेश में खेला बड़ा दांव, कंपनी को इस तरह मिलेगा फायदा
देश की लीडिंग स्टेनलेस स्टील कंपनी जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड (JSL) इंडोनेशिया में 1,290 करोड़ रुपए निवेश करने जा रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड (JSL) इंडोनेशिया में 1,290 करोड़ रुपए का निवेश करने जा रही है. कंपनी ने निकल की लॉन्ग टर्म उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक डील साइन की है. जिसके तहत वह इंडोनेशिया में 200,000 मीट्रिक टन क्षमता का निकल पिग आयरन प्लांट विकसित करेगी. JSL दुनिया की दिग्गज स्टेनलेस स्टील उत्पादक कंपनी Eternal Tsingshan के साथ एक जॉइंट वेंचर बनाएगी.
मिलेगी 49% हिस्सेदारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जिंदल स्टेनलेस लिमिटेडइस प्रोजेक्ट में अगले दो साल में 15.7 करोड़ डॉलर यानी 1,290 करोड़ रुपए निवेश करके 49 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करेगी. शेष हिस्सेदारी Eternal Tsingshan की यूनिट New Yaking Pte के पास रहेगी. कंपनी का कहना है कि रणनीतिक सहयोग से उसे बैकवर्ड इंटीग्रेशन का लाभ मिलेगा, क्योंकि JSL की निकल पिग आयरन (NPI) के कारोबार में हिस्सेदारी होगी. इस प्लांट को दो साल के भीतर चालू करने की योजना है.
इस तरह मिलेगा लाभ
इस प्लांट की कुल उत्पादन क्षमता (नेमप्लेट कैपेसिटी) 200,000 मेट्रिक टन NPI तक की होगी और इसमें निकल का स्तर औसतन 14% होगा. बता दें कि यह वैश्विक स्तर पर निकल भंडार में हिस्सेदारी हासिल करने के लिए किसी भारतीय कंपनी की पहली स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप है. जिंदल स्टेनलेस के प्रबंध निदेशक अभ्युदय जिंदल का कहना है कि इस पहल से जेएसएल को भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में अतिरिक्त प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा. फिलहाल जेएसएल स्टेनलेस स्टील स्क्रैप और एनपीआई/फेरो निकल के जरिए अपनी निकल संबंधी जरूरतों के एक बड़े हिस्से को पूरा करती है और इस सहयोग से जेएसएल के लिए एनपीआई की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित होगी.
कंपनी का निर्यात बढ़ा
जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड देश की लीडिंग स्टेनलेस स्टील कंपनी है. इसकी स्थापना 1970 में ओम प्रकाश जिंदल ने की थी. कंपनी की लिफ्ट और एस्कलेटर क्षेत्र में मजबूत पकड़ है. औद्योगिक और निर्माण क्षेत्रों से तेज मांग के बीच, जेएसएल विभिन्न सरकारी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से भी जुड़ी रही है. दरअसल, कम लाइफसाइकिल कॉस्ट के मद्देनजर इन परियोजनाओं के लिए स्टेनलेस स्टील पसंदीदा विकल्प है. कंपनी का निर्यात भी काफी बढ़ रहा है. वित्त-वर्ष 2022 की तीसरी तिमाही के दौरान निर्यात में कंपनी की हिस्सेदारी 26% थी, जो वित्त-वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही के 15% के मुकाबले काफी ज्यादा रही.
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