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HUL और ITC के बीच जारी है कांटे की टक्कर, जानिये कौन है आगे!

ITC की शानदार परफॉरमेंस की बदौलत HUL और ITC की मार्केट कैपिटल का अंतर कम होकर मात्र 48,306 करोड़ रुपये रह गया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

 

पिछले 16 महीनों के दौरान अलग-अलग ग्रुप्स वाली कंपनी ITC (India Tobacco Company) और FMCG (फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स) क्षेत्र की प्रमुख कंपनी HUL (हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड) की मार्केट कैपिटल (M-Cap) का अंतर बहुत तेजी से कम हुआ है. 

कितनी बढ़ी मार्केट कैपिटल?
ITC के शेयरों में जारी वृद्धि के बीच कंपनी की मार्केट कैपिटल 28 अप्रैल 2023 को बढ़कर 5.28 लाख करोड़ रुपयों पर पहुंच गई है जबकि पिछले साल जनवरी में यह 2.70 लाख करोड़ रुपये हुआ करती थी. इस आंकड़े से हमें साफ तौर पर पता चलता है कि पिछले 16 महीनों के दौरान ITC की मार्केट कैपिटल में लगभग 2.58 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है. वहीं दूसरी तरफ इसी समय के दौरान HUL की मार्केट कैपिटल में 21,581 करोड़ रुपयों की बढ़ोत्तरी हुई है. पहले जहां HUL की मार्केट कैपिटल 5.55 लाख करोड़ रुपये हुआ करती थी वहीं अब यह बढ़कर 5.77 लाख करोड़ रुपये हो गई है. 

कितना कम हुआ मार्केट कैपिटल का अंतर
ITC की शानदार परफॉरमेंस की बदौलत HUL और ITC की मार्केट कैपिटल के बीच का अंतर 28 अप्रैल 2023 को कम होकर मात्र 48,306 करोड़ रुपये रह गया है जबकि 3 जनवरी 2022 यानी 16 महीनों पहले यह अंतर 2.85 लाख करोड़ रुपयों का हुआ करता था. इस हफ्ते की शुरुआत में ITC ने मार्केट कैपिटल के मामले में इन्फोसिस (Infosys) को पछाड़ दिया था जिसके बाद मार्केट वैल्यूएशन के मामले में यह छठी सबसे बड़ी कंपनी बन गयी है. मार्केट कैपिटल के मामले में HUL को पीछे छोड़ने के लिए ITC को मार्केट की मौजूदा कीमतों पर 9.14% की अतिरिक्त बढ़ोत्तरी करनी होगी. 

ITC के शेयर्स में जारी रहेगी वृद्धि?
ब्रोकरेज फर्म GCL ब्रोकिंग के CEO रवि सिंघल ने ITC के शेयर्स में जारी वृद्धि के भविष्य पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि, अपनी-अपनी कैटेगरी में दोनों ही कम्पनियां यानी HUL और ITC सबसे आगे हैं लेकिन वैल्यूएशन के मामले में ITC, HUL से काफी सस्ती है.  हालांकि HUL को कॉस्मेटिक्स, शैम्पू, और टॉयलेट से सम्बंधित उत्पादों में काफी कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ रहा है लेकिन वॉशिंग पाउडर और साबुन के क्षेत्र में HUL अभी भी अच्छा कर रही है. बहुत से स्टार्टअप्स और बड़े रिटेल विरोधियों के आने से HUL के लिए चुनौतियां और ज्यादा बढ़ गयीं हैं. दूसरी तरफ ITC ने सिगरेट, होटल्स, पेपर, एग्रीकल्चर, आशीर्वाद आटा, और डार्क फैंटसी बिस्किट जैसे सभी प्रमुख सेग्मेंट्स में अपनी पकड़ को मजबूत बनाकर रखा है. रवि सिंघल ने कहा कि उन्हें लगता है कि अपनी आकर्षक वैल्यूएशन की बदौलत ITC, HUL को पछाड़ सकती है. आने वाले एक साल में ITC का शेयर 470 रुपये प्रति शेयर तक की कीमत तक पहुंच सकता है.  

अब तक कैसी रही कंपनियों की परफॉरमेंस?
31 मार्च 2023 को खत्म हुए क्वार्टर के लिए हिंदुस्तान यूनिलीवर ने 27 अप्रैल को अपने प्रॉफिट में सालना आधार पर 10% की वृद्धि की जानकारी दी थी जिसके बाद कंपनी का प्रॉफिट बढ़कर 2,552 करोड़ रुपयों पर पहुंच गया था. इसके साथ ही कंपनी की कमाई में भी सालाना आधार पर 11% की बढ़ोत्तरी हुई है जिसके बाद यह 14,638 करोड़ रुपयों पर पहुंच गया है. दूसरी तरफ ITC ने अभी तक मार्च में खत्म हुए क्वार्टर के लिए अपनी परफॉरमेंस के नतीजे जारी नहीं किये हैं. इससे पहले ITC और HUL ने दिसम्बर 2022 में खत्म हुए क्वार्टर के लिए अपने नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर क्रमशः 26.88% और 14.37% की वृद्धि की जानकारी दी थी. 31 दिसंबर 2021 में ITC के एक शेयर की कीमत 218.05 रुपये हुआ करती थी जो 28 अप्रैल 2023 तक 95% बढ़कर 425.55 रुपये प्रति शेयर की कीमत तक पहुंच चुकी है. दूसरी तरफ इसी समय के दौरान HUL के शेयर की कीमत में 4.12% की बढ़ोत्तरी हुई है जिसके बाद HUL के एक शेयर की कीमत 2,360.15 रुपये से बढ़कर 2457.30 रुपये पर पहुंच गयी है. 
 

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