होम / बिजनेस / IRB इंफ्रास्ट्रक्चर ने इन दो हाईवे पर शुरू किया परिचालन, एनएचएआई ने सौंपी नियुक्ति तारीख
IRB इंफ्रास्ट्रक्चर ने इन दो हाईवे पर शुरू किया परिचालन, एनएचएआई ने सौंपी नियुक्ति तारीख
IRB इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के एसपीवी ने NHAI को TOT12 और TOT13 प्रोजेक्ट्स के लिए 6,111 करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान कर दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
भारत के सबसे बड़े हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) यानी आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट (आईआरबी इंफ्रा के सहयोगी) ने दो हाईवे पर परिचालन शुरू कर दिया है. ट्रस्ट के एसपीवी (SPVs) की आईआरबी ललितपुर लखनादौन टोलवे प्राइवेट लिमिटेड ने टीओटी (TOT)12, आईआरबी कोटा टोलवे प्राइवेट लिमिटेड और आईआरबी ग्वालियर टोलवे प्राइवेट ने टीओटी (TOT) 13 पर 1 अप्रैल 2024 से टोल लेना भी शुरू कर दिया है.
एनएचआई को किया इतना भुगतान
एसपीवी ने एनएचएआई (National Highway Authority Of India) को 6,111 करोड़ रुपये के रियायती शुल्क का अग्रिम भुगतान किया, जिसमें टीओटी12 के लिए 4,428 करोड़ रुपये औऱ टीओटी 13 के लिए 1,683 करोड़ रुपये शामिल हैं. इसके बाद कंपनी ने एनएचएआई से नियुक्ति तारीखें (Appointed Dates) प्राप्त कर ली हैं. एनएचएआई द्वारा दोनों प्रोजेक्ट्स के लिए नियुक्त तिथियां जारी करने के बाद टोलिंग शुरू हो गई. दोनों परियोजना एसपीवी ने 4,831 करोड़ रुपये के कुल ऋण समझौते (Aggregate Debt Tie Up) के साथ फाइनेंशियल क्लोडजर हासिल कर लिया है. 2,253 करोड़ रुपये का शेष योगदान आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के सहयोग से 51:49 अनुपात में आईआरबी इंफ्रा और जीआईसी सहयोगियों द्वारा इक्विटी के माध्यम से लाया गया है.
कितनी है प्रोजेक्ट्स की लंबाई और अवधि?
ललितपुर लखनादौन हाईवे एनएच 44 टीओटी 12 प्रोजेक्ट 4 लेन का हाईवे है, जिसकी लंबाई 316 किलोमीटर(1264 लेन किलोमीटर) है. वहीं, झांसी ग्वालियर एनएच 44 और चार लेन के कोटा बाईपास एनएच 27 टीओटी 13 प्रोजेक्ट की लंबाई 110 किलोमीटर (441 लेन किलोमीटर) है. आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट 20 साल के रेवेन्यू से जुड़ी रियायती अवधि के लिए दोनों प्रोजेक्ट्स को निष्पादित करेगा.
प्रोजेक्ट्स से आ रहा रेवेन्यू
कंपनी ने चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर वीरेंद्र डी. म्हैस्कर ने कहा है दोनों टीओटी प्रोजेक्ट्स के लिए निर्धारित समय से पहले 7,000 करोड़ रुपये से अधिक की सफल फंडिंग उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है. दोनों प्रोजेक्ट्स पर टोलिंग परिचालन शुरू होने के साथ, उनका पूरा टीओटी पोर्टफोलियो अब चालू है और राजस्व (Revenue) दे रहा है. वह अपने सभी हितधारकों के सहयोग के लिए आभारी हैं. उन्होंने कहा कि वह इन हाईवे के उपयोगकर्ताओं को वर्ल्ड क्लास ट्रैवल एक्सपीरियंस और फैसिलिटी देने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे.
इतनी हुई ऑर्डर बुक की संख्या
आईआरबी इन परियोजनाओं का परियोजना प्रबंधक है, इन परियोजनाओं ने ओएंडएम ऑर्डरबुक में 4,323 करोड़ रुपये जोड़े हैं. इस प्रकार, आईआरबी की कुल ऑर्डरबुक स्थिति लगभग 36,000 करोड़ रुपये हो गई है.
टैग्स