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अमेरिका में Waaree Energies पर ड्यूटी चोरी की जांच, सोलर सेक्टर को लग सकता है झटका
अब तक घरेलू और विदेशी निवेशकों की नजर में कंपनी एक भरोसेमंद और तेजी से उभरती हुई सोलर मैन्युफैक्चरर थी, लेकिन ड्यूटी चोरी के आरोपों और संभावित टैरिफ पेनल्टी से कंपनी की ग्रोथ और बाजार साख को चुनौती मिल सकती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
भारत की सबसे बड़ी सोलर पैनल निर्माता कंपनी Waaree Energies Limited के खिलाफ अमेरिका ने ड्यूटी चोरी के आरोपों की जांच शुरू कर दी है. यह जांच इस बात की पुष्टि के लिए की जा रही है कि क्या कंपनी ने चीन और अन्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से आने वाले सोलर सेल्स पर लगने वाले एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग ड्यूटी से बचने की कोशिश की. इस खबर के बाद से कंपनी के शेयरों को भी भारी नुकसान पहुंचा है. शुक्रवार को कंपनी का शेयर 5 प्रतिशत तक गिर गया.
अमेरिकी सीमा शुल्क विभाग की कार्रवाई
अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा विभाग (US Customs and Border Protection) ने Waaree Energies और उसकी अमेरिकी इकाई Waaree Solar America Inc के खिलाफ औपचारिक जांच शुरू की है. एजेंसी का मानना है कि कंपनी ने अमेरिकी बाजार में माल लाते समय ड्यूटी चोरी की है.
ट्रेड कमेटी की शिकायत पर कार्रवाई
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह जांच *American Alliance for Solar Manufacturing Trade Committee* की शिकायत पर शुरू हुई है. आरोप है कि कंपनी ने चीनी सोलर सेल्स को भारतीय मूल का बताकर टैरिफ से बचने की कोशिश की. हालांकि, Waaree ने भारतीय ऑफिस ऑवर्स के बाहर इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.
अमेरिकी कंपनियों की मांग
अमेरिकी सोलर निर्माता कंपनियां लंबे समय से आयातित फोटोवोल्टिक उपकरणों पर ऊंचे टैरिफ लगाने की मांग कर रही हैं. उनका कहना है कि विदेशी कंपनियों को सब्सिडी दी जा रही है और वे अमेरिकी बाजार में डंपिंग कर रही हैं. हाल ही में अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने इंडोनेशिया, लाओस और भारत से आने वाले मॉड्यूल पर नई जांच शुरू की थी, जबकि इससे पहले वियतनाम, कंबोडिया, मलेशिया और थाईलैंड से आने वाले उपकरणों पर भारी शुल्क लगाया गया था.
Waaree Energies के प्रोडक्ट और ग्रोथ
Waaree Energies सोलर मॉड्यूल और इनवर्टर जैसे प्रोडक्ट बेचती है. बीएसई पर पिछले साल अक्टूबर में लिस्टिंग के बाद से कंपनी के शेयर दोगुने से ज्यादा हो चुके हैं. यह तेजी भारतीय रिन्युएबल एनर्जी सेक्टर की संभावनाओं और सरकारी प्राथमिकता के चलते आई थी. लेकिन अब अमेरिकी जांच और पेनल्टी टैरिफ की आशंका से इस सेक्टर को झटका लग सकता है.
शेयर बाजार में गिरावट
जांच की खबर का सीधा असर Waaree Energies के शेयरों पर पड़ा. शुक्रवार को खबर लिखे जाने तक कंपनी के शेयर में 5. 97 प्रतिशत की गिरावट देखी गई और यह 3239.50 रुपये पर आ गया. कंपनी का मार्केट कैप फिलहाल 93,844 करोड़ रुपये से ज्यादा है. शेयर पिछले 52 हफ्तों में 1,808 रुपये के निचले स्तर से उछलकर 3,864 रुपये के हाई तक गया था.
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