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धोलेरा में INOXAP करेगी ₹500 करोड़ का निवेश, बनेगा हाई-टेक गैस इंफ्रास्ट्रक्चर
INOXAP के इस रणनीतिक निवेशसे न केवल भारत में टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी, बल्कि वैश्विक कंपनियों के लिए भारत एक भरोसेमंद सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन बनकर उभरेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago
भारत की अग्रणी औद्योगिक और इलेक्ट्रॉनिक गैस निर्माता कंपनी INOX एयर प्रोडक्ट्स (INOXAP) ने आज धोलेरा, गुजरात में एक बड़े निवेश योजना की घोषणा की है. कंपनी देश में तेजी से बढ़ते सेमीकंडक्टर और OSAT (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट) सेक्टर को सपोर्ट करने के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक स्पेशलिटी गैस हब स्थापित करने जा रही है.
₹500 करोड़ का निवेश, आत्मनिर्भर सप्लाई चेन की नींव
INOXAP ने धोलेरा में इस वर्ष की शुरुआत में एक रणनीतिक ज़मीन का अधिग्रहण किया है, जहां पर यह हब बनाया जाएगा. यह हब अल्ट्रा हाई प्योरिटी (UHP) बल्क और स्पेशलिटी गैसों जैसे नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, आर्गन और हाइड्रोजन का उत्पादन और वितरण करेगा, जो सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं. यह हब सिर्फ निर्माण का ही नहीं बल्कि वितरण का भी केंद्र होगा, जिससे भारत के विभिन्न सेमीकंडक्टर फैब और OSAT यूनिट्स तक शुद्ध और प्रदूषण-मुक्त गैसें पहुंचाई जा सकेंगी.
लॉजिस्टिक्स, प्योरीफिकेशन और इम्पोर्ट लिंक्ड सप्लाई चेन पर जोर
यह निवेश योजना INOXAP के कुल ₹500 करोड़ के विस्तार का हिस्सा है, जिसमें गैस शुद्धिकरण क्षमता बढ़ाने, महत्वपूर्ण गैसों की आयात-निर्भरता कम करने और आधुनिक लॉजिस्टिक्स व पैकेजिंग सॉल्यूशंस विकसित करने पर जोर दिया गया है. यह पहल भारत के हाई-टेक इकोसिस्टम का हिस्सा बनने की INOXAP की दीर्घकालिक रणनीति को दर्शाती है.
‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न के साथ कदमताल
INOXAP के मैनेजिंग डायरेक्टर सिद्धार्थ जैन ने कहा, “INOXAP धोलेरा में निवेश कर गर्व महसूस कर रहा है. हमारा उद्देश्य भारत की सेमीकंडक्टर महत्वाकांक्षाओं के लिए एक भविष्य-तैयार और आत्मनिर्भर सप्लाई चेन विकसित करना है. यह हब वैश्विक चिप निर्माताओं और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के लिए भारत को एक भरोसेमंद मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन बनाने में मदद करेगा. decades of operational excellence और देशव्यापी मौजूदगी के साथ, हम वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए पूरी इंजीनियरिंग क्षमता झोंक रहे हैं. यह पहल 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' के विज़न के अनुरूप है, जो भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी.”
गुजरात में पहले सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट को पहले से मिल रही है सपोर्ट
INOXAP पहले से ही गुजरात में भारत के पहले सेमीकंडक्टर निवेश के लिए जरूरी ऑपरेशनल गैसें सप्लाई कर रहा है. कंपनी के पास गुजरात में 6 बड़े एयर सेपरेशन यूनिट्स हैं, जो लिक्विड ऑक्सीजन, नाइट्रोजन और आर्गन का निर्माण करते हैं. यह यूनिट्स सेमीकंडक्टर, सोलर सेल और अन्य मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्रीज की जरूरतें पूरी कर रही हैं.
सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए क्यों जरूरी हैं स्पेशलिटी गैसें?
सेमीकंडक्टर निर्माण में स्पेशलिटी और बल्क गैसों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. ये गैसें चैंबर क्लीनिंग, डोपिंग, डिपॉज़िशन और एचिंग जैसे प्रोसेस में उपयोग होती हैं. इनकी अल्ट्रा हाई प्योरिटी वेफर की गुणवत्ता, डिवाइस की परफॉर्मेंस और कुल उत्पादन क्षमता को सीधे प्रभावित करती है.
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