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Infosys ने इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोपों का किया सेटलमेंट, SEBI को करना होगा इतने लाख रुपये का भुगतान
Infosys ने इनसाइडर ट्रेडिंग के प्रावधानों के उल्लंघन के आरोपों का सेटलमेंट कर लिया है. कंपनी सेबी को जुर्माने का भुगतान करेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस (Infosys) भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) को लाखों रुपये से जुर्माना का भुगतान करेगी. दरअसल, इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) को रोकने के लिए पर्याप्त उपाय नहीं होने के कारण अब कंपनी ने सेबी को जुर्माने का भुगतान करने पर सहमति जताई है. तो चलिए जानते हैं क्या है ये पूरा मामला?
इतना भरना होगा जुर्माना
इनफोसिस (Infosys) ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के साथ इनसाइडर ट्रेडिंग के प्रावधानों का उल्लंघन करने के आरोपों का निपटारा कर लिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी के सीईओ सलिल पारेख ने इनसाइडर ट्रेडिंग को रोकने के लिए पर्याप्त नियंत्रण न रखने के लिए बाजार नियामक को 25 लाख (करीब 30,000 डॉलर) का जुर्माना देने पर सहमति जताई है.
क्या है ये मामला?
यह मामला प्रांशु भुत्रा, अमित भुत्रा, भरत सी. जैन, कैपिटल वन पार्टनर्स, टेसोरा कैपिटल और वेंकट, सुब्रमण्यम वी.वी आदि लोगों से संबंधित है. प्रांशु भुत्रा इंफोसिस के वरिष्ठ कॉर्पोरेट वकील हैं और वेंकट सुब्रमण्यम वी.वी इंफोसिस के कॉर्पोरेट अकाउंटिंग समूह के वरिष्ठ प्रिंसिपल हैं. कैपिटल वन और टेसोरा कैपिटल, दो साझेदारी संस्थाओं की सेबी द्वारा उनकी व्यापारिक गतिविधि के लिए जांच की गई थी. मामला सेबी ने 2021 में इंफोसिस के वरिष्ठ कॉरपोरेट वकील प्रांशु भूतड़ा और वेंकट सुब्रमण्यम वीवी सीनियर प्रिंसिपल, कॉरपोरेट अकाउंटिंग ग्रुप के साथ-साथ छह अन्य संबंधित संस्थाओं को इनसाइडर ट्रेडिंग के लिए अगले आदेश तक पूंजी बाजार तक पहुंचने से प्रतिबंधित कर दिया. एक बयान में इंफोसिस ने कहा कि वह इनसाइडर ट्रेडिंग मामले में आंतरिक जांच शुरू करेगी.
सेबी ने लगाया ये आरोप
सेबी के एक आदेश में कहा गया है कि इंफोसिस के अधिकारियों ने 30 जून, 2020 को समाप्त तिमाही के लिए कंपनी के ऑडिट किए गए वित्तीय परिणामों में अप्रकाशित मूल्य संवेदनशील जानकारी (यूपीएसआई) लीक की थी, जिसके परिणामस्वरूप इसमें शामिल लोगों को गलत तरीके से लाभ हुआ. पर्याप्त प्रथम दृष्टया सबूत हैं जो दर्शाते हैं कि संस्थाएं सेबी अधिनियम और इनसाइडर ट्रेडिंग निषेध (पीआईटी) विनियमों का उल्लंघन कर रही हैं. आदेश में कहा गया है कि इससे न केवल बाजार की अखंडता का उल्लंघन हुआ है, बल्कि प्रथम दृष्टया सामान्य निवेशकों की तुलना में उन्हें अनुचित लाभ भी हुआ है.
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इनसाइडर ट्रेडिंग अलर्ट किए थे तैयार
बाजार नियामक की अलर्ट प्रणाली ने वैनगार्ड के साथ इंफोसिस की रणनीतिक साझेदारी के बारे में कॉर्पोरेट घोषणा के आसपास इंफोसिस के शेयरों के लिए इनसाइडर ट्रेडिंग अलर्ट तैयार किए थे. सौदे से संबंधित जानकारी यूपीएसआई थी और यूपीएसआई अवधि 29 जून, 2020 से 14 जुलाई, 2020 तक थी. मई 2022 में, प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (Securities Appellate Tribunal (SAT)) ने आईटी प्रमुख के कर्मचारियों द्वारा कथित इनसाइडर ट्रेडिंग से संबंधित अपने पहले के आदेश में सेबी द्वारा इंफोसिस पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटा दिया था.
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