होम / बिजनेस / FY26 में मुद्रास्फीति घटकर 2% पर, RBI का कड़ा लेकिन संतुलित कदम : SBI रिसर्च
FY26 में मुद्रास्फीति घटकर 2% पर, RBI का कड़ा लेकिन संतुलित कदम : SBI रिसर्च
RBI की 25 बेसिस पॉइंट की हालिया रेपो रेट कटौती एक असाधारण कदम है, जो उच्च GDP ग्रोथ (8.2%) और ऐतिहासिक रूप से कम मुद्रास्फीति (0.25%) के बीच लिया गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 6 months ago
भारत की मौद्रिक नीति एक अभूतपूर्व दौर में प्रवेश कर चुकी है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने ऐसे समय में 25 बेसिस पॉइंट की दर कटौती की है, जब अर्थव्यवस्था मजबूती से बढ़ रही है और मुद्रास्फीति ऐतिहासिक रूप से बेहद कम स्तर पर है. एसबीआई रिसर्च ने इस कदम को आर्थिक गति के लिए सहायक बताते हुए चेतावनी दी है कि अब बाजारों को अधिक परिपक्वता दिखानी चाहिए और जरूरत से ज्यादा उत्साह से बचना चाहिए.
रेपो रेट 5.25% पर, लगातार दो नीतियों के बाद बदलाव
इस कटौती के बाद रेपो रेट 5.25% पर आ गया है. MPC ने अपनी नीति का स्टांस भी न्यूट्रल बनाए रखा है. यह निर्णय मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक संकेतकों की पृष्ठभूमि में लिया गया. GDP ने Q2 FY26 में 8.2% की दमदार बढ़त दर्ज की. अक्टूबर में उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति गिरकर 0.25% यानी ऐतिहासिक न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई.
असाधारण फैसला, वैश्विक इतिहास में बेहद दुर्लभ
SBI रिसर्च ने RBI के फैसले को “असाधारण” बताया है. रिपोर्ट के अनुसार, उच्च ग्रोथ और बेहद कम मुद्रास्फीति के दौर में ब्याज दर घटाना वैश्विक स्तर पर बेहद दुर्लभ है. रिपोर्ट कहती है कि यूके, चीन और इंडोनेशिया जैसे देशों में भी ऐसे उदाहरण बहुत कम मिले यूके (1970s): GDP 12.5% और मुद्रास्फीति 11% होने के बावजूद दर कटौती. इंडोनेशिया (1995–97): ग्रोथ 8.6%, मुद्रास्फीति औसतन 7.4% के बीच दर कमी. चीन (2012 और 2015): मुद्रास्फीति 1.8%, ग्रोथ 7.4% पर रहते हुए रेट कट.
FY26 में मुद्रास्फीति अनुमान घटाकर 2% किया
खाद्य कीमतों में नरमी, अच्छी खरीफ फसल, मजबूत जलाशयों और अनुकूल कृषि स्थिति को देखते हुए RBI ने FY26 के लिए मुद्रास्फीति अनुमान 2.6% से घटाकर 2% कर दिया है. SBI रिसर्च के अनुसार FY26 में औसत मुद्रास्फीति 1.8% और FY27 में 3.4% रहेगी. रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान हालात को देखते हुए रेपो रेट “लंबे समय तक कम” रह सकता है.
ग्रोथ आउटलुक मजबूत, लेकिन बाहरी जोखिम बरकरार
RBI ने FY26 के लिए वास्तविक GDP ग्रोथ अनुमान बढ़ाकर 7.3% कर दिया है. SBI रिसर्च का अनुमान Q3 और Q4 FY26 7% से अधिक ग्रोथ का है. पूरे FY26 में 7.6% ग्रोथ संभव है. हालांकि रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि ग्लोबल ट्रेड व्यवधान, टैरिफ अनिश्चितताएँ और भू-राजनीतिक तनाव, इनसे भारत के आउटलुक पर दबाव आ सकता है, भले ही घरेलू आर्थिक आधार मजबूत हों.
दुर्लभ गोल्डीलॉक्स फेज
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने वर्तमान स्थिति को “रेयर गोल्डीलॉक्स पीरियड” बताया एक ऐसा वक्त जब ग्रोथ मजबूत और महंगाई बेहद कम हो. उन्होंने कहा, “हम नए वर्ष में उम्मीद, ऊर्जा और दृढ़ संकल्प के साथ प्रवेश कर रहे हैं, ताकि अर्थव्यवस्था को और गति दी जा सके और प्रगति तेज हो.”
टैग्स