होम / बिजनेस / Indigo Q2 Results: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन की कमाई में हुई वृद्धि!

Indigo Q2 Results: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन की कमाई में हुई वृद्धि!

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (Indigo) ने हाल ही में वित्त वर्ष 24 की दूसरी तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन, इंडिगो (Indigo) ने हाल ही में वित्त वर्ष 24 की दूसरी तिमाही के अपने नतीजे जारी कर दिए हैं. इस बीच कंपनी की कमाई के साथ-साथ अन्य कई कारकों में भी वृद्धि देखने को मिली है और कंपनी ने वित्त वर्ष 24 की दूसरी तिमाही में 189 करोड़ रुपयों के प्रॉफिट की जानकारी दी है. 

नुक्सान से लेकर रिकॉर्ड प्रॉफिट तक
आपको बता दें कि पिछले साल इसी तिमाही यानी वित्त वर्ष 23 की दूसरी तिमाही के दौरान कंपनी ने 1583.33 करोड़ रुपयों का नुक्सान दर्ज किया था. जबकि इस साल की पहली तिमाही के दौरान कंपनी द्वारा 3090 करोड़ रुपयों का रिकॉर्ड प्रॉफिट दर्ज किया गया था. वित्त वर्ष 24 की दूसरी तिमाही के दौरान कंपनी को ऑपरेशंस से होने वाली कमाई में भी वृद्धि देखने को मिली है. सालाना आधार पर इसमें लगभग 20% की वृद्धि देखने को मिली है जिसके बाद कंपनी को ऑपरेशंस से हुई कमाई 14,943 करोड़ रुपयों पर पहुंच गई जबकि साल भर पहले यह 12,497 करोड़ रुपये हुआ करती थी. 

सही दिशा में आगे बढ़ रही है कंपनी
इंडिगो, भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन है और कंपनी का कहना है कि लगातार पिछली तीन तिमाहियों से भारत की घरेलु यात्राओं में जबरदस्त वृद्धि देखने को मिली है और कंपनी की कमाई में हुई वृद्धि के पीछे यही कारण प्रमुख रूप से निहित है. आपको बता दें कि पिछली लगातार 4 तिमाहियों से इंडिगो ने प्रॉफिटेबल वृद्धि की है. इससे पता चलता है कि बढ़ती हुई मांग के साथ मिलकर सही रणनीति बनाकर कंपनी सही दिशा में आगे बढ़ रही है.

प्रतिकिलोमीटर उपलब्ध सीटों में भी हुई वृद्धि
कंपनी के EBITDAR (इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन, अमोर्टाइजेशन एवं किराए की लागत या पुनर्संरचना से पहले की गई कमाई) में भी वृद्धि देखने को मिली है और वित्त वर्ष 24 की दूसरी तिमाही के दौरान यह 2,446 करोड़ रुपए के स्तर पर पहुंच गया है, जबकि साल भर पहले यह 229 करोड़ रुपए हुआ करता था. इसके साथ ही कंपनी ने यह जानकारी भी दी है कि उसकी प्रति किलोमीटर सीट की उपलब्धता (ASK) 28% बढ़कर 35.3 बिलियन पर पहुंच गई है, जबकि साल भर पहले यह 27.7 बिलियन हुआ करती थी.
 

यह भी पढ़ें: अब नारायण मूर्ति के बयान पर सामने आया निखिल कामथ का बयान, बोले बढ़नी चाहिए प्रतिस्‍पर्धा 

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

1 day ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

1 day ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

1 day ago

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

1 day ago

पावर प्लांट्स में सिर्फ 9 दिन का कोयला, 42% घटा स्टॉक; लॉजिस्टिक्स बनी बड़ी चुनौती

बिजली की बढ़ती मांग और परिवहन संबंधी दिक्कतों के चलते थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले का दबाव बढ़ा, 190 में से 51 प्लांट्स में स्टॉक गंभीर स्तर पर

1 day ago


बड़ी खबरें

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

1 day ago

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

1 day ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

1 day ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

1 day ago

भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 4.924 अरब डॉलर की गिरावट, 10 हफ्तों की बढ़त पर लगा ब्रेक

विदेशी मुद्रा आस्तियां देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं. डॉलर में व्यक्त FCA में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की विनिमय दरों में होने वाले बदलाव का असर भी शामिल होता है.

1 day ago