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भारत का स्टार्टअप सफर: एक दशक में देश कैसे बन गया स्टार्टअप नेशन
पिछले एक दशक में भारत ने स्टार्टअप्स और उद्यमिता को एक वास्तविक आर्थिक शक्ति में बदल दिया है. सरकारी प्रोत्साहन, युवा उत्साह और नवाचार के प्रति बढ़ती प्रतिबद्धता ने देश को स्टार्टअप नेशन के रूप में स्थापित किया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago
देश के महानगरीय केंद्रों से लेकर पूर्वोत्तर के छोटे शहरों और गांवों तक, युवा अब स्टार्टअप्स को बड़े सपने देखने और ऊँचाइयों तक पहुंचने के अवसर के रूप में देखते हैं. अगर राज्य अपनी स्थानीय नीतियों और पहल के जरिए युवा कार्यबल का समर्थन करने की कोशिश कर रहे हैं, तो स्पष्ट है कि पिछले एक दशक में भारत में जॉब क्रिएटर-लीड स्टार्टअप अर्थव्यवस्था ने वास्तविक गति पकड़ ली है. आज भारत में 2,00,000 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स हैं. 2016 में लॉन्च हुई स्टार्टअप इंडिया पहल 16 जनवरी 2026 को 10 साल की हो रही है.
हर क्षेत्र में स्टार्टअप्स का विस्तार
चाहे वह ऑपरेशन सिंदूर के दौरान के रणक्षेत्र हों, अंतरिक्ष का क्षेत्र हो, एग्रीटेक या परंपरागत क्षेत्र जैसे आईटी, स्टार्टअप्स स्पष्ट रूप से भारत में इस दशक का “फ्लेवर” बन गए हैं. आज के स्टार्टअप्स में से कई कल की बड़ी कंपनियों के रूप में उभरेंगे.
युवाओं में आत्मविश्वास और उद्यमिता की लहर
सतत सरकारी प्रोत्साहन और लक्षित नीतियों के चलते, आज के युवा में यह विश्वास है कि उनका आइडिया व्यवसाय और उद्यमिता में सफलता की कहानी बन सकता है. उदाहरण के लिए, महामारी के दौरान कई बीस वर्षीय युवाओं ने अपने व्यवसायिक विचार की ताकत से मल्टीमिलियन क्लब तक की यात्रा की, जिससे संपत्ति सृजन की लोकतांत्रिक प्रक्रिया भी सामने आई.
सरकारों के लिए रोजगार और नवाचार का अवसर
स्टार्टअप अर्थव्यवस्था ने निर्वाचित सरकारों के लिए भी नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं. कई राज्य सक्रिय रूप से ऐसी नीतियों को अपनाते हैं जो जॉब सीकर्स की बजाय जॉब क्रिएटर्स तैयार करें. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में कौशल विकास पर जोर और स्कूलों में स्थापित अटल इनोवेशन लैब्स ने नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा दिया है. यह संस्कृति अब टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी गहरी जड़ें जमा रही है.
स्टार्टअप इंडिया की शुरुआत और प्रधानमंत्री की दृष्टि
16 जनवरी 2016 को स्टार्टअप इंडिया पहल की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि “जब मैंने लाल किले से 15 अगस्त को स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया लॉन्च किया था, तो वह हवा में बह गया और लगभग अनदेखा रह गया. यह कहीं भी दर्ज नहीं हुआ, लेकिन आज शायद 100 या 125 दिन बाद यह लोगों के बीच दर्ज हो जाएगा और वे जान पाएंगे कि स्टार्टअप इंडिया क्या है.”
भारत-विशेष समाधान और भविष्य की तैयारी
स्टार्टअप्स को भारत-विशेष समस्याओं के समाधान के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है. हाल ही में भारतीय AI स्टार्टअप्स के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री ने कहा कि “स्टार्टअप्स और AI उद्यमी भारत के भविष्य के सह-आर्किटेक्ट हैं.” 16 जनवरी को स्टार्टअप इंडिया के 10 साल पूरे होने पर, प्रधानमंत्री स्टार्टअप इकोसिस्टम के सदस्यों के साथ संवाद करेंगे.
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