होम / बिजनेस / 700 अरब डॉलर के पार फिर पहुंचा भारत का विदेशी मुद्रा भंडार, अप्रैल में तेज रिकवरी
700 अरब डॉलर के पार फिर पहुंचा भारत का विदेशी मुद्रा भंडार, अप्रैल में तेज रिकवरी
देश के गोल्ड रिजर्व में भी वृद्धि दर्ज की गई है. बीते सप्ताह इसकी वैल्यू 601 मिलियन डॉलर बढ़कर 121.343 अरब डॉलर हो गई.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 hours ago
मार्च में भारी गिरावट के बाद भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) ने अप्रैल में दमदार वापसी की है. लगातार दो हफ्तों की बढ़ोतरी के साथ देश का भंडार फिर से 700 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है. अप्रैल के शुरुआती दो हफ्तों में ही इसमें 12 अरब डॉलर से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई है, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.
लगातार दूसरे हफ्ते बढ़ा भंडार
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक 10 अप्रैल 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 3.825 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई. इससे पहले वाले सप्ताह में भी 9.063 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई थी. इन बढ़ोतरी के साथ कुल विदेशी मुद्रा भंडार 700.946 अरब डॉलर तक पहुंच गया है. इससे पहले 27 फरवरी 2026 को यह 728.494 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर था.
मार्च में आई थी बड़ी गिरावट
मार्च 2026 भारत के विदेशी मुद्रा भंडार के लिए चुनौतीपूर्ण रहा. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक अस्थिरता के चलते पूरे महीने में भंडार से 40 अरब डॉलर से ज्यादा की निकासी हुई थी. हालांकि, अप्रैल में बाजार की स्थिति सुधरने के साथ भंडार में फिर से मजबूती देखने को मिल रही है.
विदेशी मुद्रा आस्तियों (FCA) में उछाल
विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा मानी जाने वाली फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA) में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. समीक्षाधीन सप्ताह में FCA में 3.127 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके बाद यह बढ़कर 555.983 अरब डॉलर हो गया. इसमें यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं के उतार-चढ़ाव का भी असर शामिल होता है.
सोने के भंडार में भी इजाफा
देश के गोल्ड रिजर्व में भी वृद्धि दर्ज की गई है. बीते सप्ताह इसकी वैल्यू 601 मिलियन डॉलर बढ़कर 121.343 अरब डॉलर हो गई. वर्तमान में भारत के पास 880 टन से अधिक सोना है, जो कुल विदेशी मुद्रा भंडार का करीब 15% हिस्सा है. सोने की कीमतों में बदलाव का सीधा असर कुल भंडार पर पड़ता है.
SDR और IMF रिजर्व में हल्की बढ़त
स्पेशल ड्रॉइंग राइट (SDR) में 56 मिलियन डॉलर की मामूली बढ़ोतरी के साथ यह 18.763 अरब डॉलर पर पहुंच गया है. वहीं, International Monetary Fund के पास रखे भारत के रिजर्व में भी 41 मिलियन डॉलर की वृद्धि हुई है, जो अब 4.857 अरब डॉलर हो गया है.
क्या संकेत देता है यह ट्रेंड
अप्रैल में विदेशी मुद्रा भंडार की तेज रिकवरी यह दर्शाती है कि भारत की बाहरी आर्थिक स्थिति फिर से मजबूत हो रही है. इससे रुपये को स्थिरता मिल सकती है और वैश्विक आर्थिक दबावों से निपटने की क्षमता भी बढ़ती है. कुल मिलाकर, मार्च की गिरावट के बाद अप्रैल में आई यह तेजी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरी खबर है.
टैग्स