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इंडियन ओवरसीज बैंक ने एसेट क्वालिटी सुधारने के लिए उठाया बड़ा कदम, NPA बेचने की कर रहा तैयारी

पब्लिक सेक्टर के इस बैंक ने कहा कि वह 46 लोन अकाउंट्स को बेच रहा है और एआरसी से रुचि पत्र आमंत्रित किए हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

पब्लिक सेक्टर के बैंक इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) ने गुरुवार (9 जनवरी) को कहा कि उसने 46 नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) अकाउंट की सेल के लिए एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों (ARCs) से Expressions of Interest (EOIs) आमंत्रित किए हैं, जिनकी कलेक्टिव वैल्यू 11,500 करोड़ रुपये है. यह कदम एनपीए को कम करने और अपनी एसेट क्वालिटी में सुधार करने के लिए बैंक की रणनीति का हिस्सा है.

बैंक ने इस संबंध में महत्वपूर्ण प्रोग्रेस की है, जिसने मार्च 2021 में अपने ग्रॉस एनपीए अनुपात को 11.69 फीसदी से घटाकर सितंबर 2024 तक 2.72 फीसदी कर दिया है. इसके अतिरिक्त, नेट एनपीए मार्च 2021 में 3.58 फीसदी से घटकर वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही में केवल 0.47 फीसदी रह गया है.

ई-ऑक्शन के माध्यम से सेल

इन 46 एनपीए खातों की सेल पोर्टफोलियो के आधार पर ओपन ऑक्शन मैथर्ड का उपयोग करते हुए ई-ऑक्शन के माध्यम से की जाएगी. इन अकाउंट में कंसोर्टियम व्यवस्था के तहत वित्तपोषित खाते शामिल हैं, जिनमें से कुछ को नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) के तहत एडिमिट किया गया है.

बैंक के सीईओ ने क्या कहा?

आईओबी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जब दबाव के समाधान की बात आती है, तो वे सरफेसी कार्रवाई, समझौता निपटान और एआरसी को बिक्री सहित वसूली उपायों के माध्यम से मूल्य को अधिकतम करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं. पात्र एआरसी और अन्य हस्तान्तरणकर्ता 46 खातों के मामले में 30 जनवरी को निर्धारित ई-नीलामी में भाग लेने के लिए 18 जनवरी तक अपना ईओआई प्रस्तुत कर सकते हैं.
 


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