होम / बिजनेस / त्योहारों और GST सुधारों से बढ़ा भारतीय उपभोक्ता आत्मविश्वास, आर्थिक आशाओं में मजबूती
त्योहारों और GST सुधारों से बढ़ा भारतीय उपभोक्ता आत्मविश्वास, आर्थिक आशाओं में मजबूती
अक्टूबर 2025 में भारतीय उपभोक्ता आत्मविश्वास में 1.4 अंक से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई, जिसे मुख्य रूप से त्योहारों के उत्साह और हाल ही में लागू GST सुधारों से जोड़ा जा रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago
अक्टूबर 2025 में भारतीय उपभोक्ता आत्मविश्वास में noticeable वृद्धि देखने को मिली है. त्योहारों का मौसम और हाल ही में लागू GST सुधारों ने उपभोक्ताओं के मनोबल को बढ़ाया है, जिससे घरेलू बचत और विवेकाधीन खर्च की क्षमता में सुधार हुआ है. इसके परिणामस्वरूप रोजगार, व्यक्तिगत वित्त, निवेश और अर्थव्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं की उम्मीदों में सकारात्मक रुझान देखने को मिला है.
भारत में इतनी वृद्धि
अक्टूबर 2025 में भारतीय उपभोक्ता आत्मविश्वास में 1.4 प्रतिशत से अधिक अंक की वृद्धि देखी गई, जिसे मुख्य रूप से त्योहारों के मौसम और हाल ही में लागू GST सुधारों से प्रेरित माना जा रहा है, जो अप्रत्यक्ष कर भार को कम करने के उद्देश्य से किए गए हैं. त्योहारों का मौसम और सरकार की तरफ से किए गए GST सुधारों ने घरेलू बचत बढ़ाने और विवेकाधीन खर्च की क्षमता बढ़ाने में मदद की है. इन कारकों ने मिलकर भारत के नेशनल इंडेक्स स्कोर में सकारात्मक वृद्धि दर्ज कराई, जो रोजगार, व्यक्तिगत वित्त, निवेश और अर्थव्यवस्था के प्रति व्यापक आशावाद को दर्शाता है.
क्षेत्रीय दृष्टिकोण
एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में उपभोक्ता आत्मविश्वास अधिकांशतः सकारात्मक रहा. इंडोनेशिया में सबसे अधिक 6.5 प्रतिशत से अधिक अंक की वृद्धि देखी गई. थाईलैंड में 3.6 अंक, दक्षिण कोरिया में 2.6 अंक, मलेशिया में 2.1 अंक और भारत में 1.4 अंक की बढ़ोतरी हुई. इसके विपरीत, ऑस्ट्रेलिया और जापान में क्रमशः 2.1 और 2.0 अंक की गिरावट दर्ज की गई.
लैटिन अमेरिका में स्थिति मिश्रित रही. अर्जेंटीना में उपभोक्ता आत्मविश्वास में सबसे बड़ी गिरावट (-3.5 अंक) दर्ज की गई, जबकि कोलंबिया में -3.1 अंक की कमी हुई. ब्राजील में हालांकि 2.2 अंकों की वृद्धि देखी गई.
वैश्विक परिप्रेक्ष्य
ग्लोबल कंज्यूमर कॉन्फिडेंस इंडेक्स (GCCI) सभी देशों के राष्ट्रीय इंडेक्स का औसत है, जो वैश्विक उपभोक्ता आत्मविश्वास को दर्शाता है. अक्टूबर 2025 का सर्वेक्षण LSEG-Ipsos Primary Consumer Sentiment Index (PCSI) के तहत किया गया, जिसमें 30 देशों के 75 वर्ष से कम उम्र के 21,000 से अधिक वयस्कों ने भाग लिया.
भारतीय उपभोक्ता दृष्टिकोण
30 देशों में भारत का नेशनल इंडेक्स स्कोर 58.4 के साथ दूसरे स्थान पर है, जिसमें पिछले महीने की तुलना में +1.4 अंक की बढ़ोतरी हुई. इंडोनेशिया 58.8 अंक के साथ पहले स्थान पर है. इस बार भी कोई देश 60 अंकों के निशान को पार नहीं कर पाया, जो वैश्विक उपभोक्ता आत्मविश्वास में सामान्य संयम को दर्शाता है.
11 देशों में उपभोक्ता आत्मविश्वास मजबूत रहा (नेशनल इंडेक्स ≥50), जिनमें भारत (58.4), मलेशिया (56.2), स्वीडन (54.9), ब्राजील (53.9), मेक्सिको (53.5), थाईलैंड (53.4), अमेरिका (52.9), नीदरलैंड (52.7), सिंगापुर (52.6), ऑस्ट्रेलिया (51.8) और पोलैंड (50.4) शामिल हैं.
वहीं, हंगरी (37.3), जापान (35.2) और तुर्की (34.9) में उपभोक्ता आत्मविश्वास कमजोर रहा.
उप-सूचकांकों में सुधार
भारत में अक्टूबर 2025 में सभी चार उप-सूचकांकों में मजबूती देखी गई:
1. आर्थिक अपेक्षाएँ (Economic Expectations): 0.2 अंक से अधिक
2. वर्तमान व्यक्तिगत वित्तीय स्थिति (Current Conditions): 2.4 अंक से अधिक
3. निवेश माहौल (Investment): 1.2 अंक से अधिक
4. रोजगार (Jobs): 2.2 अंक से अधिक
Ipsos India के CEO सुरेश रामालिंगम ने कहा, “सितंबर के अंत से अक्टूबर तक भारत में त्योहारों का माहौल रहा. सरकार की GST सुधार पहल ने घरेलू बचत बढ़ाई और खर्च की क्षमता बढ़ाई, जिससे उपभोक्ता आत्मविश्वास को बढ़ावा मिला. ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स, रिटेल, ऑटोमोबाइल और EV इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टर्स में रोजगार की मांग मजबूत रही, और टियर-2 शहरों में नौकरी के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं.”
यह निष्कर्ष LSEG-Ipsos Primary Consumer Sentiment Index (PCSI) पर आधारित हैं, जो 30 देशों में उपभोक्ता आत्मविश्वास को मापने वाला मासिक सर्वेक्षण है.
टैग्स