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भारतीय सीईओ एआई और टैलेंट में कर रहे बड़ा निवेश, ट्रांसफॉर्मेशन को दे रहे रफ्तार
KPMG की यह रिपोर्ट स्पष्ट संकेत देती है कि भारत के सीईओ डिजिटल युग की चुनौतियों के लिए तैयार हैं. वे एआई और स्किल डिवेलपमेंट को दीर्घकालिक विकास की कुंजी मानते हुए साहसिक निर्णय ले रहे हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago
भारत के सीईओ अपनी कंपनियों की विकास संभावनाओं को लेकर पहले से कहीं ज्यादा आश्वस्त हैं. केपीएमजी इंडिया सीईओ आउटलुक 2025 के अनुसार, भारत में सीईओ का अपने संगठनों की ग्रोथ पर भरोसा 2024 के 68% से बढ़कर 2025 में 83% हो गया है. यह वैश्विक स्तर पर दर्ज 79% के औसत से भी अधिक है. रिपोर्ट के अनुसार, भले ही वैश्विक आर्थिक विश्वास 2024 के 80% से गिरकर 2025 में 63% रह गया हो, लेकिन भारतीय सीईओ नवाचार, दीर्घकालिक रणनीति और तकनीकी निवेश पर जोर दे रहे हैं. वे चुनौतियों से पीछे हटने के बजाय तकनीक और टैलेंट को अपनाकर ट्रांसफॉर्मेशन को तेज़ करने की दिशा में सक्रिय हो गए हैं.
एआई और तकनीक में निवेश बना प्राथमिकता
भारत के 57% सीईओ अगले 12 महीनों में अपने बजट का 10–20% हिस्सा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर खर्च करने की योजना बना रहे हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 69% है. 73% भारतीय सीईओ को उम्मीद है कि उन्हें AI में किए निवेश का लाभ 1 से 3 साल के भीतर मिल जाएगा. वहीं 86% मानते हैं कि उनके बोर्ड एडवांस टेक्नोलॉजी जैसे डेटा और AI को अपनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
जोखिम और लचीलापन
AI को संगठन की प्रक्रियाओं में एकीकृत करना निकट भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती बन गया है. साइबर अपराध, AI स्किल गैप और सफल एकीकरण जैसे तकनीकी पहलू अगले तीन वर्षों में विकास को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में हैं.
टैलेंट पर विशेष फोकस
91% सीईओ का मानना है कि भविष्य के लिए कौशल विकास और सतत शिक्षा में निवेश बेहद जरूरी है. 74% मानते हैं कि AI को अपनाने के लिए तैयार कार्यबल ही आने वाले वर्षों में उनकी कंपनी की समृद्धि तय करेगा. हालांकि, 68% सीईओ मानते हैं कि एआई टैलेंट को लेकर प्रतिस्पर्धा उनकी कंपनियों के विकास को बाधित कर सकती है.
ESG और स्थिरता
भारतीय सीईओ इस बात पर सहमत हैं कि AI सतत विकास लक्ष्यों (ESG) में भी मदद कर सकता है.
– 75% का मानना है कि यह डेटा क्वालिटी और रिपोर्टिंग में सुधार लाता है.
– 72% के अनुसार यह संसाधनों के बेहतर उपयोग के अवसर खोजता है.
– 77% का मानना है कि इससे उत्सर्जन को घटाने में मदद मिलेगी.
केपीएमजी इंडिया के सीईओ येजदी नागपोरेवाला ने कहा "वैश्विक अनिश्चितताओं के इस दौर में भारत के सीईओ असाधारण लचीलापन और भविष्य-केंद्रित सोच का प्रदर्शन कर रहे हैं." "AI जैसी उभरती तकनीकों को अपनाकर, साइबर सुरक्षा को प्राथमिकता देकर और ESG लक्ष्यों को आगे बढ़ाकर वे बदलावों को आत्मविश्वास से स्वीकार कर रहे हैं." उन्होंने आगे कहा, "टैलेंट रणनीति, रोल्स को नए सिरे से डिज़ाइन करना, नवाचार को बढ़ावा देना और निरंतर लर्निंग की संस्कृति तैयार करना भारतीय कंपनियों को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहा है."
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