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भारत के FTA में डेयरी और MSMEs के हितों की हर हाल में सुरक्षा : पीयूष गोयल
पीयूष गोयल की वार्ता और बयान यह स्पष्ट करते हैं कि भारत अपने संवेदनशील क्षेत्रों के हितों की हर हाल में रक्षा करता है. डेयरी, MSMEs और कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए देश अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों में संतुलन बनाए रखने की दिशा में सक्रिय है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 7 months ago
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को स्पष्ट किया कि भारत अपने मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) में संवेदनशील क्षेत्रों जैसे डेयरी और MSMEs के हितों की लगातार सुरक्षा करता है. भारत और न्यूजीलैंड के बीच प्रस्तावित FTA पर चल रही बातचीत में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, और दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी चौथे दौर की वार्ता में लगे हुए हैं. गोयल ने कहा कि भारत कभी भी अपने किसानों और छोटे उद्यमियों के हितों से समझौता नहीं करेगा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों में संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया.
डेयरी और MSMEs: हितों की प्राथमिकता
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत कभी भी डेयरी, किसानों और MSMEs के हितों से समझौता नहीं करता है. उन्होंने कहा, “हम हमेशा इन संवेदनशील क्षेत्रों के हितों की सुरक्षा करते हैं.” यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी व्यापार समझौते के चौथे दौर की वार्ता कर रहे हैं.
एक-दूसरे की संवेदनशीलता का सम्मान
न्यूजीलैंड विश्व का प्रमुख डेयरी उत्पादक देश है, और भारत के सामने यह चुनौती है कि डेयरी क्षेत्र में बाजार पहुंच बढ़ाने की उनकी मांग के बीच अपने किसानों और घरेलू उद्योगों के हितों की सुरक्षा कैसे की जाए. गोयल ने वेलिंगटन से कहा कि दोनों देशों ने व्यापार समझौते में एक-दूसरे की संवेदनशीलता का सम्मान करने पर सहमति जताई है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत ने अब तक किसी भी व्यापार समझौते में डेयरी या कृषि क्षेत्र में साझेदार देश को शुल्क रियायत नहीं दी है.
जल्द ही समझौते की संभावना
जब वार्ता के अगले चरणों के बारे में सवाल किया गया, तो गोयल ने कहा, “हो सकता है कि हमें बहुत अधिक चरणों की जरूरत न पड़े. इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति पहले ही हो चुकी है. व्यापार समझौते की दिशा में ठोस चर्चा चल रही है.” उन्होंने संकेत दिया कि भारत कृषि प्रौद्योगिकी, खासकर डेयरी मशीनरी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसर देख सकता है.
सहयोग की नई संभावनाएं
एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे गोयल ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच रक्षा, कृषि, अंतरिक्ष, शिक्षा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग की बड़ी संभावनाएं हैं. यह वार्ता न केवल व्यापार बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि दोनों देशों के बीच दीर्घकालीन रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूत करेगी.
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