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भारत-मोरक्को रक्षा साझेदारी हुई मजबूत, राजनाथ सिंह ने रबात में नया डिफेंस विंग शुरू किया
भारत और मोरक्को के बीच यह डील भविष्य में रक्षा उत्पादों के संयुक्त निर्माण, तकनीकी साझेदारी और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों से संयुक्त रूप से निपटने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
भारत और मोरक्को ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. यह करार सोमवार को रबात में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मोरक्को के रक्षा मंत्री अब्देलतिफ लौदियी के बीच द्विपक्षीय बैठक के दौरान हुआ. इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में गहरी साझेदारी और दीर्घकालिक रणनीतिक सहयोग को मजबूत करना है. इस समझौते को लेकर राजनाथ सिंह ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट भी शेयर की है.
जॉइंट एक्सरसाइज, ट्रेनिंग और साइबर डिफेंस पर होगा फोकस
इस MoU के तहत दोनों देशों ने मिलिट्री ट्रेनिंग, संयुक्त सैन्य अभ्यास, क्षमतावर्धन (कैपेसिटी बिल्डिंग), मैरीटाइम सिक्योरिटी और साइबर डिफेंस जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह समझौता भारत-मोरक्को रक्षा साझेदारी के लिए एक ठोस ढांचा प्रदान करता है जो रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग और को-डेवलपमेंट के नए अवसरों को जन्म देगा.
इंडियन एम्बेसी में नया डिफेंस विंग, आत्मनिर्भर भारत की ताकत पर भरोसा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रबात स्थित भारतीय दूतावास में एक नया डिफेंस विंग भी लॉन्च किया. उन्होंने भारत की रक्षा निर्माण क्षमताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की इंडस्ट्री अब ड्रोन्स, काउंटर-ड्रोन टेक्नोलॉजी और अन्य अत्याधुनिक समाधानों के ज़रिये वैश्विक मांगें पूरी करने में सक्षम है. मोरक्को की सेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए भारतीय कंपनियों के योगदान की संभावनाएं उजागर की गईं.
रणनीतिक साझेदारी के लिए रोडमैप तैयार
बैठक के दौरान दोनों देशों ने काउंटर टेरेरिज्म, शांति मिशन (पीसकीपिंग ऑपरेशन्स), सैन्य चिकित्सा और विशेषज्ञों के आदान-प्रदान जैसे अहम मुद्दों पर संयुक्त रोडमैप तैयार करने का निर्णय लिया. समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में भी भारत और मोरक्को अब और करीब से समन्वय करेंगे, खासकर हिंद महासागर और अटलांटिक कॉरिडोर की रणनीतिक अहमियत को ध्यान में रखते हुए.
को-डेवलपमेंट और को-प्रोडक्शन को मिलेगा बढ़ावा
राजनाथ सिंह और उनके मोरक्कन समकक्ष ने दोनों देशों की सेनाओं के बीच संपर्क बढ़ाने, प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सहयोग देने और रक्षा उपकरणों के संयुक्त विकास व उत्पादन की संभावनाओं की तलाश पर बल दिया. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रक्षा सहयोग अब केवल आयात-निर्यात तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि तकनीकी साझेदारी और साझा निर्माण की दिशा में बढ़ेगा.
ऐतिहासिक रिश्तों की नई शुरुआत
भारत और मोरक्को के संबंध ऐतिहासिक रूप से 14वीं सदी तक जाते हैं, जब मशहूर यात्री इब्न बतूता भारत आए थे. आज, इन संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में बदलने के लिए दोनों देशों के जॉइंट वर्किंग ग्रुप नियमित रूप से बैठकें कर रहे हैं. रक्षा मंत्रालय ने इस समझौते को भारत-मोरक्को रिश्तों में एक 'माइलस्टोन' बताया है जो भविष्य की सहयोगी नीतियों की नींव रखता है.
भारत ने दिया मोरक्को को आमंत्रण
राजनाथ सिंह ने मोरक्को के रक्षा मंत्री को भारत आने और रक्षा सहयोग पर आगे की बातचीत के लिए औपचारिक न्योता दिया. मंत्रालय ने कहा कि यह बैठक दोनों देशों के रणनीतिक हितों को एक साझा मंच पर लाने की दिशा में एक मजबूत पहल है.
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