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भारत-जापान की मेगा डील, श्रीराम फाइनेंस में एमयूएफजी बैंक ने खरीदी 20% हिस्सेदारी

इस निवेश से श्रीराम फाइनेंस का कैपिटल बेस काफी मजबूत होगा, जिससे कंपनी अपने लोन पोर्टफोलियो का विस्तार कर सकेगी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

भारत और जापान के बीच वित्तीय सहयोग को नई ऊंचाई देने वाली एक बड़ी डील सामने आई है. जापान के सबसे बड़े बैंक एमयूएफजी बैंक (MUFG Bank) ने भारत की प्रमुख एनबीएफसी श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड (Shriram Finance Limited) में 20% हिस्सेदारी हासिल कर ली है. करीब ₹39,618 करोड़ की यह डील भारतीय फाइनेंस सेक्टर में हाल के वर्षों के सबसे बड़े विदेशी निवेशों में शामिल हो गई है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस डील के तहत एमयूएफजी बैंक ने ₹840.93 प्रति शेयर के भाव पर लगभग 47.11 करोड़ शेयर खरीदे हैं. यह निवेश प्रिफेरेंशियल इश्यू के जरिए किया गया, जिसमें कंपनी चुनिंदा निवेशकों को शेयर जारी करती है. सभी जरूरी नियामकीय मंजूरियों, जैसे भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की स्वीकृति, के बाद इस सौदे को पूरा किया गया. इस ट्रांजैक्शन के बाद एमयूएफजी बैंक के पास श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड में पूरी तरह डाइल्यूटेड आधार पर 20% हिस्सेदारी हो गई है.

दोनों कंपनियों के लिए बड़ा मौका

यह डील दोनों कंपनियों के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है. श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड को इससे अपनी ग्रोथ प्लान्स के लिए मजबूत पूंजी मिलेगी, जिससे वह MSME और रिटेल लोन सेगमेंट में अपनी पकड़ और मजबूत कर सकेगी. वहीं, एमयूएफजी बैंक के लिए यह निवेश भारत जैसे तेजी से बढ़ते बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने का बड़ा अवसर है.

कंपनी के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन उमेश रेवनकर ने कहा कि यह साझेदारी इनोवेशन को बढ़ावा देगी और सस्ती फंडिंग तक पहुंच आसान बनाएगी. साथ ही, रिस्क मैनेजमेंट और कॉरपोरेट गवर्नेंस में वैश्विक स्तर के मानकों को अपनाने में भी मदद मिलेगी.

दूसरी ओर, एमयूएफजी बैंक के नेतृत्व ने श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड को मजबूत बिजनेस बेस वाली कंपनी बताते हुए कहा कि MSME और रिटेल सेक्टर में इसके पास बड़ा ग्रोथ पोटेंशियल है.

कैपिटल बेस होगा मजबूत

इस निवेश से श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड का कैपिटल बेस काफी मजबूत होगा, जिससे कंपनी अपने लोन पोर्टफोलियो का विस्तार कर सकेगी. इसके साथ ही, लंबी अवधि में यह डील कंपनी को स्थिर और जिम्मेदार ग्रोथ देने में मदद करेगी.

क्यों खास है यह डील

₹39,618 करोड़ का यह निवेश सिर्फ एक फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन नहीं, बल्कि भारत और जापान के बीच बढ़ते आर्थिक रिश्तों का मजबूत संकेत भी है. यह डील दिखाती है कि वैश्विक निवेशक भारतीय एनबीएफसी सेक्टर और उसकी ग्रोथ स्टोरी पर भरोसा जता रहे हैं.
 


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