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पुणे में लॉन्च हुआ इंडिया इनोवेशन सेंटर, टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग इकोसिस्टम को मिलेगा मजबूती
इस नए इंडिया इनोवेशन सेंटर के माध्यम से कंपनी न केवल भारत में तकनीकी प्रतिभाओं को विकसित करेगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर ऑटोमेशन और लॉजिस्टिक्स नवाचार को भी गति देगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago
लॉजिस्टिक्स प्रोसेस ऑटोमेशन के क्षेत्र की अग्रणी कंपनी वैंडरलैंडे ने पुणे में अपना नया इंडिया इनोवेशन सेंटर खोला है. इस सेंटर का उद्देश्य इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी प्रतिभाओं को एक मंच देना है, जहां वे रोबोटिक ऑटोमेशन, ऑटोनॉमस सिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल-फिजिकल इंटीग्रेशन जैसे क्षेत्रों में समाधान विकसित और परीक्षण कर सकें. सेंटर वैश्विक स्तर पर वेयरहाउस, एयरपोर्ट और पार्सल क्षेत्रों के लिए तकनीक तैयार करेगा.
वैश्विक टेक्नोलॉजी हब बनने की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर
यह सेंटर कंपनी के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के विस्तार में एक बड़ा कदम है और नीदरलैंड के बाहर इसका दूसरा सबसे बड़ा तकनीकी हब बन गया है. सेंटर भारत में प्रतिभाओं को तराशने, उच्च-स्तरीय इंजीनियरिंग भूमिकाओं का विस्तार करने और नवाचार को गति देने की कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
पुणे में दो एकड़ में फैला यह सेंटर रिसर्च, डेवलपमेंट और सिस्टम टेस्टिंग को एक ही छत के नीचे लाता है. यह प्रशिक्षण और टेस्टिंग के साथ-साथ 'एंड-टू-एंड ओनरशिप' को भी एकीकृत करता है, जिससे टीमें पूरे इंजीनियरिंग लाइफसाइकल पर बेहतर तालमेल के साथ काम कर सकेंगी.
कर्मचारियों को मिलेंगे वैश्विक स्तर के अनुभव और अवसर
सेंटर का माहौल कर्मचारियों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों पर काम करने, अपनी तकनीकी दक्षता बढ़ाने और वैश्विक ग्राहकों के ऑटोमेशन सफर में योगदान देने के लिए सशक्त बनाता है.
कंपनी के सीएफओ ने कहा कि यह सेंटर भारत की बढ़ती भूमिका और तकनीकी क्षमता पर विश्वास को दर्शाता है. उन्होंने बताया कि ऑटोमेशन अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यक हो गया है, और सेंटर का उद्देश्य स्मार्ट और कुशल समाधान तैयार करना है.
मैनेजिंग डायरेक्टर ने भी कहा कि सेंटर नवाचार को बढ़ावा देने, वैश्विक क्षमताएं विकसित करने और कंपनी के दुनिया भर के कामकाज पर सकारात्मक प्रभाव डालने के उद्देश्य को साकार करता है. बीते वर्षों में कंपनी इंडिया में एक छोटे सपोर्ट ऑफिस से बढ़कर 1,300+ सदस्यों वाला ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर बन चुकी है. यह संगठन अब रिसर्च एंड डेवलपमेंट, सॉफ्टवेयर विकास, कोर इंजीनियरिंग और शेयर्ड सर्विसेज़ में सक्रिय है. इंडिया इनोवेशन सेंटर के माध्यम से कंपनी केवल कार्यान्वयन पर नहीं, बल्कि नवाचार पर केंद्रित हो रही है.
बता दें, 2017 से यह कंपनी टोयोटा इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन का हिस्सा है, जिसने इसकी स्थिति को ग्लोबल लीडर के रूप में और मजबूत किया है.
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