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भारत में पीली मटर आयात पर 30% शुल्क, घरेलू किसानों को मिलेगा लाभ
इस कदम से आयातित सस्ती मटर का दबाव कम होगा और स्थानीय उत्पादकों को फायदा मिलेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 7 months ago
भारत सरकार ने पीली मटर के आयात पर 1 नवंबर से 30 प्रतिशत शुल्क लगाने का निर्णय लिया है. यह जानकारी 29 अक्टूबर को जारी सरकारी अधिसूचना में दी गई है. अधिसूचना के अनुसार, 31 अक्टूबर 2025 तक बिल ऑफ लैडिंग की तारीख वाली खेपें नए शुल्क से मुक्त रहेंगी.
इस कदम का उद्देश्य घरेलू किसानों की सुरक्षा करना है, जो सस्ती आयातित मटर के दबाव से प्रभावित हो रहे थे. देश के किसान लंबे समय से सरकार से यह मांग कर रहे थे कि विदेशी सस्ती मटर के आयात को नियंत्रित किया जाए ताकि स्थानीय कीमतों में स्थिरता बनी रहे.
भारत पीली मटर का सबसे बड़ा आयातक देश है, जो मुख्य रूप से कनाडा और रूस से आयात करता है.
इससे पहले, केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक पीली मटर के निर्यात शुल्क मुक्त आयात नीति को बढ़ाया था, ताकि दालों की बढ़ती कीमतों को स्थिर किया जा सके. यह विस्तार तुरंत लागू हो गया था और सरकार की घरेलू आपूर्ति और महंगाई नियंत्रण के प्रयासों को जारी रखता है.
पीली मटर के लिए शुल्क मुक्त आयात नीति दिसंबर 2023 में शुरू की गई थी और अब तक कई बार बढ़ाई जा चुकी है. मार्च 2025 में तीन महीने के विस्तार के बाद यह नीति 31 मई 2025 को समाप्त होने वाली थी.
व्यापार आंकड़ों के अनुसार, भारत का दाल आयात तेजी से बढ़ा है. 2024 में देश ने अनुमानित 6.63 मिलियन टन दाल आयात की, जो 2023 के 3.31 मिलियन टन के मुकाबले लगभग दोगुना है. यह पिछले रिकॉर्ड 6.27 मिलियन टन (2017) से भी अधिक है.
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