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PLI स्कीम के दम पर भारत ने रचा इतिहास: स्मार्टफोन निर्यात ₹1 लाख करोड़ के पार
PLI योजना ने भारत को वैश्विक मोबाइल हब बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ाया है. रिकॉर्ड निर्यात ने न केवल भारतीय स्मार्टफोन उद्योग की ताकत दिखाई है, बल्कि भविष्य में विदेशी निवेश और उत्पादन मूल्यवर्धन के और बढ़ने की संभावना भी पक्की कर दी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों और अमेरिका-चीन व्यापारिक तनाव के बीच भारत ने इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए स्मार्टफोन निर्यात में नया कीर्तिमान स्थापित किया है. चालू वित्त वर्ष के पहले पाँच महीनों में भारत का स्मार्टफोन निर्यात ₹1 लाख करोड़ के पार पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे ऊँचा स्तर है. यह सिर्फ आर्थिक आंकड़ों की बात नहीं, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और पीएलआई योजना की सफलता की स्पष्ट मिसाल है, जिसने भारत को वैश्विक स्मार्टफोन आपूर्ति श्रृंखला में एक अहम खिलाड़ी बना दिया है.
पिछले साल से 55% ज्यादा निर्यात
पिछले वित्त वर्ष (अप्रैल–सितंबर 2024) में स्मार्टफोन निर्यात ₹64,500 करोड़ था. वहीं, चालू वित्त वर्ष की समान अवधि में यह बढ़कर ₹1 लाख करोड़ को पार कर गया, यानी करीब 55% की वृद्धि दर्ज की गई.
टाटा और फॉक्सकॉन का बड़ा योगदान
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आईफोन बनाने वाली दो बड़ी कंपनियां टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और फॉक्सकॉन ने इस दौरान ₹75,000 करोड़ से अधिक का निर्यात किया. कुल स्मार्टफोन निर्यात में इन दोनों का योगदान लगभग 75% रहा.
रिकॉर्ड तोड़ रफ्तार
वित्त वर्ष 2022-23 में कुल स्मार्टफोन निर्यात ₹90,000 करोड़ का था. इसके मुकाबले मौजूदा वित्त वर्ष के पहले ही पांच महीनों में 10% अधिक निर्यात दर्ज हो चुका है. 2023 के बाद हर साल निर्यात में करीब 50% या उससे ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
मूल्यवर्धन में तेजी
इलेक्ट्रॉनिकी एवं आईटी मंत्रालय की हालिया समीक्षा में बताया गया कि स्मार्टफोन उत्पादन में मूल्यवर्धन 2021 में जहां 5-6% था, वहीं वित्त वर्ष 2025 में यह बढ़कर 19% तक पहुंच गया.
सरकार और उद्योग के बयान
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं आईटी मंत्री *अश्विनी वैष्णव* ने कहा कि पीएलआई स्कीम के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स पुर्जा विनिर्माण के लिए ₹50,000 करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि 2026 तक भारत का स्मार्टफोन निर्यात \$30-35 अरब तक पहुंच सकता है.
इंडियन सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन के चेयरमैन *पंकज महेंद्रू* ने कहा कि पीएलआई योजना ने लागत संबंधी बाधाएं दूर करने और निर्यात बढ़ाने में अहम योगदान दिया है. हालांकि, उन्होंने यह भी चेताया कि भारत को चीन जैसे बड़े प्रतिद्वंद्वी से मुकाबला करने के लिए लगातार बुनियादी ढांचा और वित्तीय सहयोग की जरूरत होगी.
वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति
भारत का स्मार्टफोन निर्यात पिछले 11 सालों में काफी सुधरा है. वर्ष 2015 में यह निर्यात रैंकिंग में 167वें स्थान पर था, जबकि वित्त वर्ष 2025 में कुल ₹2 लाख करोड़ के निर्यात के साथ भारत शीर्ष पायदान पर पहुंच गया.
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