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भारत बना ग्लोबल टेक स्टार्टअप हब, आईपीओ और एग्जिट्स ने पकड़ी रफ्तार
मजबूत आईपीओ मार्केट, बढ़ते एग्जिट्स और मुनाफे में आते यूनिकॉर्न्स भारत को वैश्विक टेक इनोवेशन का अहम केंद्र बना रहे हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago
ओरियोस वेंचर पार्टनर्स ने अपनी बहुप्रतीक्षित “इंडिया टेक यूनिकॉर्न्स एंड एग्जिट्स रिपोर्ट 2025” जारी कर दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2025 भारतीय टेक स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए परिपक्वता का निर्णायक दौर साबित हुआ है. इस साल तेज आईपीओ यात्राएं, मजबूत एग्जिट गतिविधियां और मुनाफे में आ रहे यूनिकॉर्न्स की बढ़ती संख्या देखने को मिली है.
2025 में 20 वीसी-बैक्ड स्टार्टअप्स का आईपीओ
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में वेंचर कैपिटल समर्थित 20 टेक स्टार्टअप्स ने शेयर बाजार में एंट्री की. इसके साथ ही, वीसी-बैक्ड लिस्टेड टेक कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 170 अरब डॉलर के पार पहुंच गया. यह आंकड़ा भारतीय स्टार्टअप्स की बढ़ती बाजार ताकत और निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है.
भारत में यूनिकॉर्न्स की संख्या 133 पहुंची
साल 2025 में भारत में 9 नए यूनिकॉर्न जुड़े, जिससे कुल यूनिकॉर्न्स की संख्या बढ़कर 133 हो गई. रिपोर्ट के मुताबिक, ये उपलब्धियां भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम की गहराई, मजबूती और वैश्विक प्रासंगिकता को दर्शाती हैं.
दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा यूनिकॉर्न हब बना भारत
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत लगातार दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा यूनिकॉर्न हब बना हुआ है. साथ ही, 2025 में भारत वैश्विक स्तर पर सबसे सक्रिय आईपीओ बाजारों में से एक के रूप में उभरा है. यह स्थिति भारत को ग्लोबल स्टार्टअप और कैपिटल मार्केट मैप पर मजबूत स्थान दिलाती है.
मजबूत फाउंडर क्वालिटी बनी भारत की पहचान
भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में फाउंडर्स की गुणवत्ता को भी रिपोर्ट ने खास तौर पर रेखांकित किया है. बड़ी संख्या में इंजीनियर-फाउंडर्स, रिपीट एंटरप्रेन्योर्स और ग्लोबल अप्रोच वाली कंपनियां भारत की इनोवेशन पाइपलाइन की संरचनात्मक मजबूती को दिखाती हैं.
फंडिंग में सतर्क माहौल के बावजूद 10.3 अरब डॉलर जुटाए
रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्षों के अनुसार, 2025 में भारत में 1,500 से अधिक फंडिंग राउंड्स दर्ज किए गए, जिनके जरिए कुल 10.3 अरब डॉलर की पूंजी जुटाई गई. यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है, जब निवेशकों का रुख चयनात्मक बना हुआ है.
एग्जिट और अधिग्रहण गतिविधियों में बनी रही रफ्तार
वर्ष 2025 में कुल 362 अधिग्रहण पूरे हुए, जो यह दर्शाता है कि एग्जिट मोमेंटम अभी भी मजबूत बना हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार, इससे निवेशकों और फाउंडर्स दोनों को पूंजी वापसी के बेहतर अवसर मिले हैं.
फिनटेक, SaaS और AI में बने नए यूनिकॉर्न
2025 में यूनिकॉर्न बनने वाली 9 स्टार्टअप्स में फिनटेक, SaaS, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंज्यूमर सेक्टर की मजबूत मौजूदगी रही. यह संकेत देता है कि भारतीय स्टार्टअप्स अब नई तकनीकों और वैश्विक स्केलेबिलिटी पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं.
मुनाफे में आए 28 यूनिकॉर्न, टिकाऊ मॉडल की ओर शिफ्ट
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के 28 यूनिकॉर्न अब मुनाफे में हैं. यह बदलाव ग्रोथ-एट-ऑल-कॉस्ट से हटकर टिकाऊ और लाभकारी बिजनेस मॉडल की ओर इकोसिस्टम के रुझान को दर्शाता है.
80 फीसदी यूनिकॉर्न्स इंजीनियरों द्वारा स्थापित
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि भारत के 80 प्रतिशत यूनिकॉर्न्स की स्थापना इंजीनियर-फाउंडर्स ने की है. साथ ही, रिपीट फाउंडर्स की हिस्सेदारी भी लगातार बढ़ रही है, जिससे स्टार्टअप्स के निष्पादन और स्केलिंग की क्षमता मजबूत हो रही है.
विदेश में मुख्यालय, भारत में निर्माण
रिपोर्ट के अनुसार, भारत के 20 प्रतिशत से अधिक यूनिकॉर्न्स का हेडक्वार्टर विदेशों में है, जबकि उनका प्रमुख निर्माण, टेक और ऑपरेशंस भारत में ही होते हैं. यह भारत की ग्लोबल टेक टैलेंट और कॉस्ट एफिशिएंसी को दर्शाता है.
ई-कॉमर्स और बेंगलुरु सबसे आगे
सेक्टर के लिहाज से ई-कॉमर्स 2025 में सबसे सक्रिय क्षेत्र रहा, जबकि शहरों में फंडिंग गतिविधियों के मामले में बेंगलुरु ने एक बार फिर अपनी बढ़त बनाए रखी.
ओरियोस वेंचर पार्टनर्स की यह 8वीं वार्षिक इंडिया टेक यूनिकॉर्न्स एंड एग्जिट्स रिपोर्टidn है, जिसमें सेक्टर-वाइज कैपिटल कंसंट्रेशन, सबसे बड़े एग्जिट्स और अधिग्रहण, वीसी-बैक्ड कंपनियों का मार्केट कैप, यूनिकॉर्न और आईपीओ तक पहुंचने में लगने वाला समय, मुनाफे वाले यूनिकॉर्न्स और वैश्विक आईपीओ परिदृश्य में भारत की स्थिति जैसे पहलुओं का गहराई से विश्लेषण किया गया है.
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