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भारत-ब्रिटेन के बीच होगा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, जानें क्या है ये समझौता और क्या होगा फायदा

भारत और ब्रिटेन के बीच फिलहाल 50 बिलियन डॉलर का व्यापार हो रहा है, जिसे बढ़ाकर 100 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

भारत और ब्रिटेन अपने व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करना चाहते हैं. इसलिए काफी लंबे समय से जिस 'फ्री ट्रेड एग्रीमेंट' पर बात चल रही है वह दिवाली से पहले अमल में आ सकता है. एक कार्यक्रम में ब्रिटिश हाई कमिश्नर एलेक्स एलिस ने कहा कि दिवाली तक दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पूरा होने की संभावना है. अगर यह एग्रीमेंट हो जाता है, तो दोनों ही देशों को इसके कई फायदे होंगे. खासकर आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के साथ ही नए रोजगार के अवसर पैदा करने में भी मदद मिलेगी. 

क्या है फ्री ट्रेड एग्रीमेंट? 
फ्री ट्रेड एग्रीमेंट दो या फिर इससे ज्यादा देशों के बीच उत्पादों और सेवाओं के आयात-निर्यात में आने वालीं रुकावटों को कम करने के लिए किया जाना वाले समझौता होता है. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट में कोटा, टैरिफ, सब्सिडी या फिर ऐसे प्रतिबंधों को कम किया जाता है, जो सीमा पार वस्तुओं-सेवाओं को लाने- ले जाने को सीमित कर सकते हैं. जैसा कि इसका नाम है, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार की अनुमति देता है. इस एग्रीमेंट में सेवाएं, निवेश, सामान, बौद्धिक संपदा, प्रतिस्पर्धा, सरकारी खरीद और अन्य क्षेत्रों को शामिल किया जा सकता है. सीधे शब्दों में कहें तो ये एग्रीमेंट दोनों देशों के बीच व्यवसाय को बढ़ावा देने की राह में आने वालीं सभी बाधाओं को हटा देगा. 

अधिकांश मुद्दों पर सहमति
ब्रिटिश हाई कमिश्नर का कहना है कि दिवाली के मौके पर दोनों देशों के लोगों को 'फ्री ट्रेड एग्रीमेंट' का गिफ्ट मिल सकता है. ब्रिटिश हाई कमिश्नर के साथ ही कार्यक्रम में मौजूद कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री के ज्वाइंट सेक्रेटरी राजेंद्र रत्नू ने भी इस एग्रीमेंट की जल्द पूरा होने की संभावना जताई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस एग्रीमेंट के अधिकांश मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहमति बन चुकी है. लिहाजा, दिवाली से पहले समझौता हो सकता है. इस एग्रीमेंट के अमल में आने के बाद दोनों देशों के बीच व्यवहार बेहतर होगा.

इन सेक्टर में आएगी तेजी
ज्वाइंट सेक्रेटरी राजेंद्र रत्नू ने बताया कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से भारत के एक्सपोर्ट सेक्टर में तेजी आएगी. इसके अलावा, देश के लेबर इंसेंटिव सेक्टर जैसे प्रोसेस्ड एग्रो, लेदर, टेक्सटाइल और ज्वेलरी प्रोडक्ट्स को भी बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. बता दें कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट एक इंटरनेशनल कानून है, जिसके मुताबिक दो या दो से अधिक देश एक दूसरे के बीच व्यापार को बढ़ाने के लिए इंपोर्ट-एक्सपोर्ट की दिक्कतों को दूर करने की कोशिश करते हैं. भारत और ब्रिटेन के बीच फिलहाल 50 बिलियन डॉलर का व्यापार हो रहा है, जिसे बढ़ाकर 100 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है. 

कई देशों से है एग्रीमेंट
भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार अधिकतम सर्विस सेक्टर पर निर्भर करता है, जो कि कुल ट्रेड का 70% हिस्सा है. भारत यूके का 12वां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है. जबकि UK भारत का 7वां सबसे बड़ा निर्यातक देश है. ऐसे में दोनों देश इस एग्रीमेंट के जरिए व्यापार में आने वालीं परेशानियों को दूर करके आर्थिक विकास में तेजी लाना चाहते हैं. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भारत और ब्रिटेन के लिए महत्वपूर्ण है. भारत ने भूटान, नेपाल, थाईलैंड, सिंगापुर, जापान और मलेशिया आदि देशों से फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हुए हैं.


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