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भारत में AI सेक्टर में अगले 2 साल में $200 अरब निवेश का लक्ष्य: अश्विनी वैष्णव
आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार अगले दो सालों में AI स्टैक के पांच लेयर में 200 अरब डॉलर से अधिक का निवेश आना अपेक्षित है, जो देश के तकनीकी इकोसिस्टम को मजबूत करेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
भारत अगले दो वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टैक के पांच लेयर में 200 अरब डॉलर से अधिक के निवेश को आकर्षित करने की तैयारी में है. यह जानकारी आईटी और टेलिकॉम मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को AI इम्पैक्ट समिट 2026 में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान दी. मंत्री ने कहा कि देश वैश्विक AI विकास के साथ जिम्मेदार और सतत उपयोग की दिशा में भी तेजी से कदम बढ़ा रहा है.
पांच लेयर में निवेश का अवसर
वैष्णव ने बताया कि निवेश AI इकोसिस्टम के सभी क्षेत्रों में हो रहा है, खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी सेक्टर में. उन्होंने कहा, “हम इंफ्रा लेयर और एनर्जी लेयर में भी भारी निवेश रुचि देख रहे हैं.” मंत्री ने भारत के साफ-सुथरे ऊर्जा संसाधनों को इस अवसर का बड़ा लाभ बताया. उन्होंने कहा, “लगभग 51 फीसदी पावर जनरेशन क्षमता साफ-सुथरे स्रोतों से आती है. और यह भारत का एक बड़ा फायदा है.” वैष्णव के अनुसार, पांचों AI लेयर में निवेश प्रतिबद्धताएं देश के लॉन्ग टर्म तकनीकी इकोसिस्टम को मजबूत करने में मदद करेंगी.
जिम्मेदार AI की दिशा में प्रयास
मंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर AI के जिम्मेदार विकास पर सहमति बन रही है. उन्होंने बताया, “हम देख सकते हैं कि AI को समाज के प्रति जिम्मेदार बनाने में रुचि बढ़ रही है, ताकि नई तकनीक के लाभ प्राप्त किए जा सकें और इसके संभावित नुकसान को रोका जा सके.” वैष्णव ने आगे कहा कि भारत वैश्विक नेताओं के बीच यह सहमति बनाने की कोशिश करेगा कि AI का सही, उचित और लाभकारी उपयोग कैसे किया जाए. उनका मानना है कि यह कदम मानवता के लिए फायदेमंद AI प्रौद्योगिकी सुनिश्चित करेगा.
टैलेंट डेवलपमेंट पर खास जोर
AI आधारित तकनीकों की ओर बदलाव को संभालने के लिए भारत उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहा है. मंत्री ने कहा, “जब भी किसी तकनीक में बदलाव होता है, तो उद्योग, अकादमिक जगत और सरकार को मिलकर इसे संभालना पड़ता है.”
वैष्णव ने तीन प्रमुख मोर्चों का जिक्र किया:
1. मौजूदा प्रतिभा को फिर से प्रशिक्षित करना और कौशल बढ़ाना.
2. नई प्रतिभा की पाइपलाइन तैयार करना.
3. यह सुनिश्चित करना कि आने वाली पीढ़ियां इस नई तकनीक के लिए तैयार हों.
उन्होंने बताया कि सरकार का भविष्य स्किल प्रोग्राम, जिसे तीन साल पहले शुरू किया गया था, पहले से ही लागू है.
AI मिशन 2.0 में इनोवेशन और रिसर्च पर फोकस
मंत्री ने कहा कि सरकार जल्द ही AI मिशन 2.0 की घोषणा करेगी. इसका उद्देश्य रिसर्च, इनोवेशन और साझा कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है. वैष्णव ने बताया, “AI मिशन 1.0 में हमने तकनीक के लोकतंत्रीकरण के विज़न को दिखाया है. कई अन्य देशों के विपरीत, भारत में AI इंफ्रा केवल कुछ चुनिंदा कंपनियों के नियंत्रण में नहीं है.” कंप्यूट क्षमता बढ़ाने के लिए मंत्री ने कहा कि मौजूदा 38,000 के आधार में 20,000 से अधिक GPU जोड़े जाएंगे.
भारत को AI का वैश्विक हब बनाने की तैयारी
वैष्णव ने कहा कि ये कदम और मजबूत निवेश गति आने वाले वर्षों में भारत को AI विकास और उपयोग का एक बड़ा वैश्विक केंद्र बनाने में मदद करेंगे. उनका मानना है कि देश की बड़ी आबादी को AI कंप्यूट सुविधा उपलब्ध कराने में भारत सफल रहा है, जो इसे अन्य देशों से अलग बनाता है.
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