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दान के नाम पर बचा रहे थे टैक्स, Income Tax ने जारी किये 8000 नोटिस!

डाटा की जांच करने पर पता चलता है कि इन टैक्सपेयर्स द्वारा किया जा रहा दान इनकी आय और इनके खर्चों के अनुरूप नहीं था.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

भारतीय इनकम टैक्स विभाग ने लगभग 8000 टैक्सपेयर्स के नाम नोटिस जारी कर दिया है. ये वह टैक्सपेयर हैं जिन्होंने चैरिटेबल ट्रस्ट्स को भारी-भरकम दान दिया है. इनकम टैक्स विभाग को शक है कि कहीं ये दान टैक्स से बचने की कोशिश में तो नहीं किया गया.

कमाई कम दान ज्यादा?
विभाग के अधिकारियों ने मीडिया को बताया है कि, डाटा की जांच करने पर पता चलता है कि इन टैक्सपेयर्स द्वारा किया जा रहा दान इनकी आय और इनके खर्चों के अनुरूप नहीं था. कंपनियों के साथ-साथ, खुद का काम करने वाले लोगों और सैलरी प्राप्त करने वाले लोगों के नाम भी इनकम टैक्स द्वारा जारी किये गए नोटिस में शामिल हैं. इनकम टैक्स विभाग उन स्वतंत्र टैक्स प्रोफेशनल व्यक्तियों की भी जांच कर रहा है जिनकी मदद से यह ट्रांजेक्शन्स पूरे किये गए हैं. 

विभाग के शक की प्रमुख वजहें
एक टैक्स अधिकारी ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि, सभी 8000 मामलों में दान की गयी राशि उतनी ही है जितनी टैक्स स्लैब से बचने के लिए या फिर टैक्स की पूरी माफी के लिए चाहिए होती है. इतना ही नहीं एक सीधे-सादे सैलरी प्राप्त करने वाले व्यक्ति के द्वारा भी किसी टैक्स प्रोफेशनल को काफी भारी-भरकम राशि दी गयी है. ये सभी नोटिस कुल तीन हफ्तों के समय में जारी किये गए हैं और इनकी जांच 2017-18 से लेकर 2020-21 तक के समय के लिए की जायेगी. इतना ही नहीं, माना जा रहा है कि आने वाले हफ्तों में और नोटिस भी जारी किये जा सकते हैं. 

इस तरह से टैक्स से बेचते हैं टैक्सपेयर्स
इनकम टैक्स विभाग के अधिकारियों ने यह भी कहा है कि, कारोबार के मामले में खासकर छोटे कारोबारों में चैरिटेबल ट्रस्ट्स को दान की गयी राशि उनकी कमाई से कहीं ज्यादा थी. कैश में किये गए दान में से कमीशन काटने के बाद दान की एक रसीद के साथ यह राशि टैक्सपेयर को वापस कर दी जाती है जिससे टैक्सपेयर टैक्स भरने से बच जाता है. 

चैरिटेबल ट्रस्ट्स पर भी कसा जाएगा शिकंजा
इनकम टैक्स विभाग उन चैरिटेबल ट्रस्ट्स की भी जांच कर रहा है जो टैक्सपेयर्स को नकली बिल या रसीद जारी करते हैं. फिलहाल इनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया है लेकिन अगर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पायी जाती है तो ये चैरिटेबल ट्रस्ट अपना टैक्स मुक्त स्टेटस गंवा सकते हैं. 
 

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