होम / बिजनेस / भारत के विनिर्माण भविष्य की दिशा तय करेगा IMS 2025: आत्मनिर्भर भारत की साझी पहल
भारत के विनिर्माण भविष्य की दिशा तय करेगा IMS 2025: आत्मनिर्भर भारत की साझी पहल
यह आयोजन आत्मनिर्भर भारत के विज़न को आगे बढ़ाते हुए देश को वैश्विक विनिर्माण मानचित्र पर एक निर्णायक स्थान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago
भारत के विनिर्माण क्षेत्र में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार हो रहा है. सरकार और उद्योग जगत की साझेदारी से प्रेरित यह रफ़्तार अब वैश्विक स्तर पर भारत को एक प्रमुख विनिर्माण शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है. इसी परिदृश्य में, इंडस्ट्री के शीर्ष नेताओं और सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी में नई दिल्ली में आयोजित इंडिया मैन्युफैक्चरिंग शो (IMS 2025) की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने संकेत दिया कि देश अब “मेक इन इंडिया” से आगे बढ़कर “मेड इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड” की दिशा में निर्णायक कदम उठा चुका है.
450 से अधिक प्रदर्शक, MSME और रक्षा क्षेत्र की मजबूत भागीदारी
IMS 2025 का सातवां संस्करण आगामी 6 से 8 नवंबर तक बैंगलोर इंटरनेशनल एग्जिबिशन सेंटर (BIEC), बेंगलुरु में आयोजित किया जाएगा. यह आयोजन IMS फाउंडेशन द्वारा लघु उद्योग भारती के तत्वावधान में किया जा रहा है, जिसे रक्षा मंत्रालय, MSME मंत्रालय, इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्रालय तथा कर्नाटक सरकार का समर्थन प्राप्त है. इस वर्ष के संस्करण में 450 से अधिक प्रदर्शक, जिनमें 220 MSME इकाइयाँ, राज्य मंडप तथा सरकारी और रक्षा उपक्रम (PSUs) शामिल हैं, ने अपनी भागीदारी की पुष्टि की है.
उद्योग के दिग्गजों की मौजूदगी से बढ़ेगा शो का प्रभाव
IMS 2025 में उद्योग जगत के प्रतिष्ठित नेता बाबा कल्याणी, अरुण रामचंदानी, सत्यनारायण नुवाल और शौर्य दोवल की उपस्थिति कार्यक्रम को विशेष बनाएगी. इसके साथ ही, दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन IMSCON 2025 का आयोजन किया जाएगा, जिसका विषय है “Empowering India: The Future of Global Manufacturing.” यह सम्मेलन भारत की वैश्विक विनिर्माण क्षमता और नवाचार-आधारित विकास पर केंद्रित रहेगा.
‘मेक इन इंडिया’ से ‘मेड इन इंडिया’ की ओर अग्रसर उद्योग
IMS 2025 के सलाहकार मंडल सदस्य और माय होम इंडिया के संस्थापक सुनील देवधर ने कहा, “आज के आयोजन की सफलता भारत के विनिर्माण तंत्र में व्याप्त विश्वास और उत्साह को दर्शाती है. MSME इकाइयाँ अब रक्षा और एयरोस्पेस की बड़ी सप्लाई चेन का अभिन्न हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं. ‘मेक इन इंडिया’ अब केवल एक नारा नहीं, बल्कि देशभर के उद्योग केंद्रों में एक साकार वास्तविकता बन चुका है.”
भारत की विनिर्माण क्षमता को मिलेगा वैश्विक मंच
IMS फाउंडेशन के चेयरमैन एवं लघु उद्योग भारती के पूर्व अध्यक्ष श्री एच. वी. एस. कृष्णा ने कहा, “इस वर्ष प्रदर्शकों और ख़रीदारों दोनों की ओर से असाधारण उत्साह देखने को मिल रहा है. बेंगलुरु में होने वाला शो भारत की विनिर्माण क्षमता और MSME क्षेत्र की परिपक्वता को वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रदर्शित करेगा.” उन्होंने IMS’25 कर्टन रेज़र इवेंट और पिछले संस्करण IMS’23 की प्रमुख उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला.
तकनीकी नवाचार और रक्षा सहयोग पर केंद्रित IMSCON 2025
IMSCON 2025 के चेयर और लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. सचिन साबनीस ने दो दिवसीय सम्मेलन के प्रारूप और विषय-वस्तु की रूपरेखा साझा की. उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में रक्षा मंत्रालय, थल सेना, नौसेना, वायु सेना, DRDO, CSIR, L&T, डायनमैटिक्स, सेंटम, और विभिन्न देशों से आए प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय वक्ता भाग लेंगे.
एयरोस्पेस और रक्षा में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम
पूर्व रक्षा वैज्ञानिक एवं लघु उद्योग भारती रक्षा एवं एयरोस्पेस के मुख्य सलाहकार जितेन्द्र सिंह ने कहा, “IMS 2025, सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ विज़न के अनुरूप एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सशक्त कदम है. यह आयोजन भारत की रक्षा उत्पादन यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा.”
B2B संवाद और ठोस व्यावसायिक परिणामों पर केंद्रित आयोजन
इंडिया एक्सपोज़िशन मार्ट लिमिटेड के चेयरमैन डॉ. राकेश कुमार और सीईओ श्री सुदीप सरकार ने कहा, “IMS अब गंभीर व्यावसायिक संवाद और सहयोग का भरोसेमंद मंच बन चुका है. संरचित B2B मीटिंग्स से लेकर लक्षित नेटवर्किंग तक, इस वर्ष का संस्करण केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि ठोस व्यावसायिक परिणामों पर केंद्रित रहेगा.”
टैग्स