होम / बिजनेस / पश्चिम एशिया तनाव और महंगाई का असर: PMI 56.5 पर, ढाई साल का निचला स्तर

पश्चिम एशिया तनाव और महंगाई का असर: PMI 56.5 पर, ढाई साल का निचला स्तर

सर्वे में शामिल कंपनियों के अनुसार, बाजार में अनिश्चितता और महंगाई के कारण मांग पर असर पड़ा है. घरेलू मांग कमजोर रही, जिससे नए ऑर्डर की रफ्तार तीन साल से अधिक समय के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

मार्च महीने में भारत की आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार में साफ गिरावट दर्ज की गई है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव, ऊर्जा संकट और बढ़ती लागत के दबाव ने कारोबार पर असर डाला है. हालांकि, इस बीच रोजगार और निर्यात के मोर्चे पर कुछ सकारात्मक संकेत भी देखने को मिले हैं.

PMI में गिरावट, लेकिन विस्तार जारी

S&P Global के आंकड़ों के मुताबिक, HSBC का फ्लैश इंडिया कंपोजिट PMI मार्च में घटकर 56.5 पर आ गया, जो फरवरी में 58.9 था. यह अक्टूबर 2022 के बाद का सबसे निचला स्तर है. हालांकि, PMI अब भी 50 से ऊपर बना हुआ है, जो यह दर्शाता है कि आर्थिक गतिविधियां लगातार विस्तार के दायरे में हैं. फ्लैश PMI शुरुआती संकेत देता है और इसे अंतिम आंकड़ों से पहले जारी किया जाता है. यह कुल सर्वे प्रतिक्रियाओं के लगभग 90 प्रतिशत पर आधारित होता है.

मांग और नए ऑर्डर में कमजोरी

सर्वे में शामिल कंपनियों के अनुसार, बाजार में अनिश्चितता और महंगाई के कारण मांग पर असर पड़ा है. घरेलू मांग कमजोर रही, जिससे नए ऑर्डर की रफ्तार तीन साल से अधिक समय के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई. हालांकि, निर्यात ऑर्डर में मजबूती बनी रही.

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का PMI मार्च में गिरकर 53.8 रह गया, जो फरवरी में 56.9 था. यह करीब साढ़े चार साल का सबसे कमजोर स्तर है. कंपनियों का कहना है कि बढ़ती लागत, कमजोर मांग और वैश्विक अनिश्चितता ने उत्पादन की रफ्तार को प्रभावित किया है. फैक्ट्री उत्पादन की वृद्धि अगस्त 2021 के बाद सबसे धीमी दर्ज की गई.

सर्विस सेक्टर की रफ्तार भी धीमी

सर्विस सेक्टर का PMI भी मार्च में घटकर 57.2 पर आ गया, जो फरवरी में 58.1 था. यह जनवरी 2023 के बाद का सबसे निचला स्तर है. कंपनियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय यात्रा में बाधाएं और वैश्विक तनाव का असर सर्विस सेक्टर की वृद्धि पर पड़ा है.

लागत में तेज उछाल

मार्च में कंपनियों की इनपुट लागत में तेज बढ़ोतरी देखी गई. करीब चार साल में पहली बार लागत इतनी तेजी से बढ़ी है. एल्युमिनियम, केमिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा, खाद्य पदार्थ, आयरन ओर, लेदर, तेल, रबर और स्टील जैसी वस्तुओं की कीमतों में उछाल इसका मुख्य कारण रहा.

विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनियां बढ़ती लागत का पूरा बोझ ग्राहकों पर नहीं डाल पा रही हैं और इसका कुछ हिस्सा खुद वहन कर रही हैं. इसके बावजूद, मार्च में कीमतों में सात महीने की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई.

रोजगार और निर्यात से राहत

सुस्ती के बीच रोजगार के मोर्चे पर अच्छी खबर सामने आई है. मार्च में कंपनियों ने तेजी से भर्ती की, जिससे रोजगार सृजन अगस्त 2025 के बाद सबसे तेज रहा. इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिलने वाले ऑर्डर में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई, जिसमें सर्विस सेक्टर की भूमिका अहम रही.

विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया का तनाव और वैश्विक अनिश्चितता अगर बनी रहती है, तो आने वाले महीनों में भी आर्थिक गतिविधियों पर दबाव बना रह सकता है. हालांकि, निर्यात और रोजगार में मजबूती कुछ राहत दे सकती है.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

लेंसकार्ट में ₹2,468 करोड़ की ब्लॉक डील, 3% तक फिसला शेयर; 2.07% हिस्सेदारी बिकी

ब्लॉक डील के बाद लेंसकार्ट के शेयरों में दबाव देखने को मिला और BSE पर शेयर करीब 3 फीसदी तक गिरकर ₹683.30 के निचले स्तर पर पहुंच गया.

11 hours ago

भारत-न्यूजीलैंड FTA 20 अक्टूबर से लागू, 100% भारतीय निर्यात को मिलेगी शुल्क-मुक्त पहुंच

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-न्यूजीलैंड FTA 20 अक्टूबर को दशहरा के दिन प्रभावी होगा. समझौते के तहत न्यूजीलैंड भारतीय उत्पादों के लिए अपने बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच उपलब्ध कराएगा.

12 hours ago

हैदराबाद में माइक्रोसॉफ्ट का नया AI-ready डेटासेंटर रीजन शुरू, एशिया और ग्लोबल साउथ पर नजर

माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक, हैदराबाद का नया डेटासेंटर रीजन भारत में कंपनी की 20.5 अरब डॉलर की निवेश प्रतिबद्धता का अहम हिस्सा है. अडानी ग्रुप, बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक और पीबी पे जैसी कंपनियां इस नए रीजन के लिए साइन अप कर चुकी हैं.

12 hours ago

टाटा ग्रुप में LIC की हिस्सेदारी ₹1 लाख करोड़ के पार, चंद्रशेखरन के दूसरे कार्यकाल में इन शेयरों में बढ़ा निवेश

प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों के मुताबिक, जून 2022 के बाद टाटा ग्रुप की 14 लिस्टेड कंपनियों में से 10 में LIC की हिस्सेदारी बढ़ी है.

13 hours ago

मझगांव डॉक बनाएगी आंध्र प्रदेश में नया ग्रीनफील्ड शिपयार्ड, ₹15,000 करोड़ निवेश की तैयारी

दुगराजपट्टनम में प्रस्तावित शिपयार्ड की सालाना क्षमता 1.2 मिलियन ग्रॉस टनेज होगी. कंपनी अगले 5 से 7 वर्षों में इस परियोजना पर करीब ₹15,000 करोड़ खर्च करेगी, जिससे करीब 45,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है.

13 hours ago


बड़ी खबरें

हैदराबाद में माइक्रोसॉफ्ट का नया AI-ready डेटासेंटर रीजन शुरू, एशिया और ग्लोबल साउथ पर नजर

माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक, हैदराबाद का नया डेटासेंटर रीजन भारत में कंपनी की 20.5 अरब डॉलर की निवेश प्रतिबद्धता का अहम हिस्सा है. अडानी ग्रुप, बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक और पीबी पे जैसी कंपनियां इस नए रीजन के लिए साइन अप कर चुकी हैं.

12 hours ago

लेंसकार्ट में ₹2,468 करोड़ की ब्लॉक डील, 3% तक फिसला शेयर; 2.07% हिस्सेदारी बिकी

ब्लॉक डील के बाद लेंसकार्ट के शेयरों में दबाव देखने को मिला और BSE पर शेयर करीब 3 फीसदी तक गिरकर ₹683.30 के निचले स्तर पर पहुंच गया.

11 hours ago

भारत-न्यूजीलैंड FTA 20 अक्टूबर से लागू, 100% भारतीय निर्यात को मिलेगी शुल्क-मुक्त पहुंच

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-न्यूजीलैंड FTA 20 अक्टूबर को दशहरा के दिन प्रभावी होगा. समझौते के तहत न्यूजीलैंड भारतीय उत्पादों के लिए अपने बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच उपलब्ध कराएगा.

12 hours ago

मझगांव डॉक बनाएगी आंध्र प्रदेश में नया ग्रीनफील्ड शिपयार्ड, ₹15,000 करोड़ निवेश की तैयारी

दुगराजपट्टनम में प्रस्तावित शिपयार्ड की सालाना क्षमता 1.2 मिलियन ग्रॉस टनेज होगी. कंपनी अगले 5 से 7 वर्षों में इस परियोजना पर करीब ₹15,000 करोड़ खर्च करेगी, जिससे करीब 45,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है.

13 hours ago

टाटा ग्रुप में LIC की हिस्सेदारी ₹1 लाख करोड़ के पार, चंद्रशेखरन के दूसरे कार्यकाल में इन शेयरों में बढ़ा निवेश

प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों के मुताबिक, जून 2022 के बाद टाटा ग्रुप की 14 लिस्टेड कंपनियों में से 10 में LIC की हिस्सेदारी बढ़ी है.

13 hours ago