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ट्रंप टैरिफ का असर: रत्न-आभूषण निर्यात में भारी गिरावट, अमेरिका को एक्सपोर्ट 76% तक घटा
अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात पर बढ़ाए गए शुल्क ने रत्न-आभूषण से लेकर वस्त्र और मशीनरी तक लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों को प्रभावित किया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 7 months ago
अमेरिका की ओर से भारतीय निर्यात पर 50% तक का भारी शुल्क लगाने के बाद सितंबर में रत्न-आभूषण, कपड़ा और औद्योगिक उत्पादों के निर्यात को बड़ा झटका लगा है. वाणिज्य विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर महीने में अमेरिका को भेजे गए मोती, कीमती और अर्ध-कीमती रत्नों के निर्यात में 76.7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. वहीं, सोने और अन्य बहुमूल्य धातुओं से बने आभूषणों का निर्यात 71.1 फीसदी तक घट गया है.
कितना पड़ा असर
भारत से इन श्रेणियों के निर्यात में अमेरिकी बाजार की हिस्सेदारी क्रमशः 37 फीसदी (रत्न) और 28 फीसदी (स्वर्ण आभूषण) है, जिससे इन पर शुल्क बढ़ने का असर सीधा दिखाई दे रहा है.
अन्य क्षेत्रों पर भी पड़ा असर
रत्न-आभूषण ही नहीं, बल्कि अन्य प्रमुख निर्यात क्षेत्रों में भी गिरावट देखी गई है.
1. सूती कपड़ों का निर्यात 36.2% घटा
2. समुद्री उत्पादों में 26.9% की गिरावट
3. डेयरी उद्योग की मशीनरी में 28.1% की कमी
4. रेडीमेड परिधान 25% घटे
5. दवा निर्माण (ड्रग फॉर्मूलेशन) में 16.4% की गिरावट
6. और वाहन कलपुर्जों के निर्यात में 12% की कमी आई है.
अमेरिकी बाजार पर निर्भरता बनी चुनौती
भारत के कुल निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी करीब 20 फीसदी है. निर्यात में विविधता लाने के प्रयासों के बावजूद, पिछले एक दशक में अमेरिकी बाजार पर भारत की निर्भरता बढ़ी है. 1998-99 में यह हिस्सेदारी 21.7% थी, जो 2010-11 में घटकर 10.1% रह गई थी. अब यह फिर बढ़कर लगभग 20% के आसपास पहुंच गई है.
उच्च शुल्क के दोहरे झटके से बढ़ा दबाव
अमेरिका ने 5 अगस्त से भारत के निर्यात पर 25 फीसदी जवाबी शुल्क लागू किया था. इसके बाद रूस से तेल खरीद के जवाब में अतिरिक्त 25 फीसदी शुल्क 27 अगस्त से लगाया गया. इस तरह भारतीय उत्पादों पर कुल 50 फीसदी का टैरिफ प्रभावी हो गया है.
सितंबर में भारत का अमेरिका को कुल निर्यात 11.9 फीसदी घटकर 5.5 अरब डॉलर रह गया, जबकि मई में यह 8.8 अरब डॉलर तक पहुंच गया था.
कुछ क्षेत्रों में राहत के संकेत
हालांकि गिरावट के बीच कुछ सेक्टरों ने बेहतर प्रदर्शन किया है. सितंबर में दूरसंचार उपकरणों का निर्यात 218.9% बढ़ा, इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों में 38.2% की वृद्धि और पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात 26.5% बढ़ा है.
व्यापार समझौते पर बातचीत जारी
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता “उन्नत चरण” में है. उनके अनुसार, “मुख्य बात यह नहीं है कि शुल्क कितना होगा, बल्कि यह है कि भारत अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले कितना लाभ हासिल कर सकता है. शुल्क का बोझ भारतीय नहीं, बल्कि अमेरिकी उपभोक्ता वहन करते हैं.”
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