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IMF की चेतावनी: अमेरिकी टैरिफ में उतार-चढ़ाव से सप्लाई चेन पर असर, समन्वित राहत की अपील

IMF के अनुसार, यदि टैरिफ या निर्यात नियंत्रण जैसे कदम राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर जरूरी हों, तो उन्हें सीमित दायरे में लागू किया जाना चाहिए ताकि व्यापक आर्थिक नुकसान से बचा जा सके.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 6 months ago

वैश्विक व्यापार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने अमेरिका को टैरिफ नीतियों पर सतर्क रहने की सलाह दी है. IMF ने चेतावनी दी कि अमेरिकी टैरिफ में बार-बार बदलाव से वैश्विक सप्लाई चेन और वित्तीय बाजारों को नुकसान पहुंच सकता है. साथ ही, वॉशिंगटन से अपने व्यापारिक साझेदारों के साथ मिलकर व्यापार प्रतिबंधों में समन्वित ढील देने की अपील की है.

अमेरिका की नीतियों पर IMF की समीक्षा

IMF ने अपनी वार्षिक अमेरिकी अर्थव्यवस्था समीक्षा में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष का आकलन किया. इस दौरान व्यापक टैरिफ फिर से लागू किए गए, जिनका उद्देश्य व्यापार घाटा कम करना और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना बताया गया. रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रशासन ने अनधिकृत प्रवासी श्रम पर निर्भरता घटाने और संघीय सरकार की भूमिका सीमित करने की दिशा में कदम उठाए.

टैरिफ में बदलाव से बाजार अस्थिर

IMF ने कहा कि टैरिफ नीतियों में लगातार बदलाव से बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है और सीमा-पार सप्लाई चेन प्रभावित हुई हैं. फंड ने अमेरिका से अपील की कि वह “अनुचित व्यापार प्रथाओं से जुड़ी चिंताओं” को दूर करने के लिए साझेदार देशों के साथ रचनात्मक संवाद करे और व्यापार प्रतिबंधों तथा औद्योगिक नीतियों में समन्वित ढील पर सहमति बनाए.

IMF के अनुसार, यदि टैरिफ या निर्यात नियंत्रण जैसे कदम राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर जरूरी हों, तो उन्हें सीमित दायरे में लागू किया जाना चाहिए ताकि व्यापक आर्थिक नुकसान से बचा जा सके.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी अनिश्चितता

IMF की प्रबंध निदेशक Kristalina Georgieva ने कहा कि यह रिपोर्ट उस समय अंतिम रूप से तैयार की गई थी जब हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन द्वारा लगाए गए कई टैरिफ को निरस्त कर दिया था. भविष्य की समीक्षाओं में इस फैसले को शामिल किया जाएगा.

हालांकि, कोर्ट के निर्णय के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने एक अलग कानूनी प्रावधान के तहत 10 प्रतिशत का नया वैश्विक टैरिफ लागू कर दिया और संकेत दिया कि इसे 15 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है. इससे निवेशकों और अमेरिकी व्यापारिक साझेदारों के बीच नीति अनिश्चितता बनी हुई है.

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संभावित असर

IMF का मानना है कि यदि प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं समन्वय के बजाय एकतरफा व्यापारिक कदम उठाती रहीं, तो इसका असर न केवल सप्लाई चेन बल्कि निवेश प्रवाह और वैश्विक विकास दर पर भी पड़ेगा. फंड ने दोहराया कि सहयोग और पारदर्शिता ही स्थिर और संतुलित वैश्विक व्यापार व्यवस्था की कुंजी है.
 


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