होम / बिजनेस / रक्षा उत्पादन ₹1.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर, निर्यात 63% बढ़कर ₹38,424 करोड़

रक्षा उत्पादन ₹1.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर, निर्यात 63% बढ़कर ₹38,424 करोड़

FY26 में रक्षा उत्पादन 15.6% बढ़ा, निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी भी बढ़कर 24% हुई; भारत 80 से अधिक देशों को रक्षा उत्पादों का निर्यात कर रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago

भारत का रक्षा विनिर्माण क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है. वित्त वर्ष 2025-26 में देश का रक्षा उत्पादन बढ़कर रिकॉर्ड ₹1.78 लाख करोड़ पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹1.54 लाख करोड़ से 15.6% अधिक है. इसी अवधि में रक्षा निर्यात भी 62.66% बढ़कर ₹38,424 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. भारत अब 80 से अधिक देशों को रक्षा उत्पाद निर्यात कर रहा है.

रक्षा क्षेत्र में घरेलू उत्पादन बढ़ने के साथ निजी कंपनियों की भूमिका भी लगातार बढ़ रही है. FY26 में रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़कर 24% हो गई, जो FY25 में 22% थी. निजी क्षेत्र का उत्पादन करीब ₹42,000 करोड़ रहा.

80 से ज्यादा देशों तक पहुंचा भारतीय रक्षा निर्यात

भारत के रक्षा उत्पाद अब 80 से अधिक देशों तक पहुंच रहे हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, FY14 में जहां रक्षा निर्यात महज ₹686 करोड़ था, वहीं FY26 में यह बढ़कर ₹38,424 करोड़ हो गया. यानी करीब 12 वर्षों में इसमें 56 गुना से ज्यादा की वृद्धि हुई है.

सरकार ने FY29 तक सालाना रक्षा उत्पादन को ₹3 लाख करोड़ और रक्षा निर्यात को ₹50,000 करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. इससे आने वाले वर्षों में घरेलू रक्षा विनिर्माण और निर्यात बाजार के विस्तार की दिशा स्पष्ट होती है.

स्वदेशीकरण पर जोर, हजारों उपकरणों का घरेलू उत्पादन

रक्षा क्षेत्र में आयात पर निर्भरता घटाने के लिए सरकार स्वदेशीकरण पर भी जोर दे रही है. मई 2026 तक पांच Positive Indigenisation Lists में 5,012 वस्तुओं को शामिल किया गया था. इसके अलावा पिछले पांच वर्षों में 15,700 से अधिक रक्षा वस्तुओं का स्वदेशीकरण किया गया है. Srijan Defence Equipment Empowerment Platform के जरिए घरेलू कंपनियों, MSME और स्टार्टअप को रक्षा क्षेत्र की सप्लाई चेन से जोड़ने की कोशिश की जा रही है.

रक्षा उत्पादन में निजी कंपनियों की बढ़ती हिस्सेदारी

रक्षा उत्पादन में सरकारी कंपनियों का योगदान अभी भी बड़ा है, लेकिन निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है. FY26 में कुल रक्षा उत्पादन में सरकारी क्षेत्र का हिस्सा करीब 76% और निजी क्षेत्र का 24% रहा.

रक्षा निर्यात में भी निजी कंपनियों की महत्वपूर्ण भूमिका है. FY26 के कुल रक्षा निर्यात में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी 45.16% रही, जबकि रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों यानी DPSU की हिस्सेदारी 54.84% रही.

रक्षा खरीद से घरेलू कंपनियों को मिल रहा बाजार

घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकारी खरीद में भी घरेलू कंपनियों को प्राथमिकता दी जा रही है. FY27 के आधुनिकीकरण बजट का 75% घरेलू उद्योग के लिए निर्धारित किए जाने से भारतीय कंपनियों के लिए रक्षा ऑर्डर का दायरा बढ़ा है.

वित्त वर्ष 2026 के दौरान रक्षा अधिग्रहण परिषद ने करीब ₹6.8 लाख करोड़ के 55 प्रस्तावों को आवश्यकता की स्वीकृति दी, जबकि करीब ₹2.3 लाख करोड़ के 503 पूंजीगत खरीद प्रस्तावों के अनुबंध किए गए. ये आंकड़े रक्षा कंपनियों के लिए संभावित ऑर्डर पाइपलाइन के बड़े आकार को दिखाते हैं.

वायुसेना, सेना और नौसेना की बड़ी खरीद योजनाएं

रक्षा आधुनिकीकरण की प्रक्रिया में तीनों सेनाओं के लिए कई बड़े कार्यक्रम शामिल हैं. भारतीय वायुसेना के लिए मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट, LCA Tejas Mk-II, Su-30 MKI अपग्रेड, अतिरिक्त S-400 सिस्टम और अन्य प्लेटफॉर्म से जुड़े कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं.

वहीं, सेना के लिए Future Infantry Combat Vehicles, Future Ready Combat Vehicles, K9 Vajra-T, QRSAM, Akash-NG, loitering munitions और अगली पीढ़ी के Pinaka सिस्टम जैसे कार्यक्रमों पर काम हो रहा है. नौसेना की योजनाओं में Project 75I, अतिरिक्त स्कॉर्पीन पनडुब्बियां, नई पीढ़ी के फ्रिगेट और मानव रहित प्रणालियां शामिल हैं.

रक्षा R&D और स्टार्टअप इकोसिस्टम पर भी जोर

रक्षा क्षेत्र में उत्पादन क्षमता के साथ रिसर्च और टेक्नोलॉजी विकास पर भी जोर बढ़ा है. सरकार iDEX और ADITI जैसी योजनाओं के जरिए स्टार्टअप और नई रक्षा तकनीकों को बढ़ावा दे रही है. रक्षा R&D के लिए आवंटन भी बढ़ा है और उद्योग, स्टार्टअप तथा अकादमिक संस्थानों की भागीदारी को बढ़ाने की कोशिश की जा रही है.

उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के रक्षा औद्योगिक गलियारे भी इस विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. इनसे रक्षा विनिर्माण, सप्लाई चेन और स्थानीय स्तर पर तकनीकी क्षमता विकसित करने के अवसर बढ़ रहे हैं.

आगे क्या है?

रिकॉर्ड उत्पादन और निर्यात के बावजूद भारतीय रक्षा उद्योग के सामने तकनीकी क्षमता, वैश्विक बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाने और जटिल रक्षा प्रणालियों में घरेलू तकनीक विकसित करने जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं. ऐसे में आने वाले वर्षों में उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ उच्च तकनीक वाले रक्षा उत्पादों के निर्यात और वैश्विक सप्लाई चेन में भारतीय कंपनियों की हिस्सेदारी बढ़ाना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण रहेगा.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

S&P ने भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7% किया, महंगाई बढ़ी तो RBI बढ़ा सकता है रेपो रेट

जून तिमाही में 7.8% की मजबूत GDP ग्रोथ के बाद रेटिंग एजेंसी ने बढ़ाया FY27 का अनुमान; मजबूत खपत, औद्योगिक गतिविधियों, निर्यात और सरकारी निवेश से अर्थव्यवस्था को मिला सहारा

4 hours ago

PhonePe को UAE में दो पेमेंट लाइसेंस के लिए सैद्धांतिक मंजूरी, अंतरराष्ट्रीय विस्तार की ओर बढ़ी कंपनी

UAE के सेंट्रल बैंक ने रिटेल पेमेंट सर्विसेज और कार्ड स्कीम्स तथा स्टोर्ड वैल्यू फैसिलिटीज के लिए दी इन-प्रिंसिपल अप्रूवल; कारोबार शुरू करने से पहले लेनी होगी अंतिम मंजूरी

5 hours ago

सिर्फ कॉल-SMS चाहिए तो नहीं देना होगा डेटा का पैसा, TRAI ने टेलीकॉम कंपनियों को दिया नया निर्देश

30 दिन तक की वैधता वाले वॉइस और SMS-ओनली प्लान लाना होगा, कम डेटा इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों और दूसरी सिम रखने वालों को मिल सकता है फायदा

6 hours ago

HDFC बैंक के मुनाफे की राह में फंडिंग कॉस्ट बनी चुनौती, CASA में Axis बैंक से 600 बेसिस पॉइंट पीछे

ICICI सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, डिपॉजिट जुटाने की लागत अब बैंकों के लिए बड़ा अंतर पैदा करने वाला कारक बन रही है. कम फंडिंग कॉस्ट से बैंकों को मार्जिन बनाए रखने और कर्ज कारोबार बढ़ाने में मदद मिलती है

6 hours ago

अडानी ग्रुप की 5 कंपनियों ने सेबी के साथ निपटाया मामला, चुकाए 1.5 करोड़ रुपये

सेबी के मौजूदा निपटान आदेश में जिन मामलों का निपटारा किया गया है, वे संबंधित पक्ष लेनदेन के खुलासे और ऑडिट रिपोर्ट से जुड़े कथित अनुपालन उल्लंघनों पर केंद्रित हैं.

8 hours ago


बड़ी खबरें

रक्षा उत्पादन ₹1.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर, निर्यात 63% बढ़कर ₹38,424 करोड़

FY26 में रक्षा उत्पादन 15.6% बढ़ा, निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी भी बढ़कर 24% हुई; भारत 80 से अधिक देशों को रक्षा उत्पादों का निर्यात कर रहा है.

1 hour ago

सितंबर में भारत की कारोबारी गतिविधियों ने पकड़ी रफ्तार, फ्लैश PMI 56.5 पर पहुंचा

सर्वे के अनुसार, सितंबर में भारत के निजी क्षेत्र में नए कारोबार में तेजी आई. मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस दोनों क्षेत्रों में मांग में सुधार हुआ, हालांकि मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में नए ऑर्डर की वृद्धि अधिक मजबूत रही.

1 hour ago

सेबी का निप्पॉन-यस बैंक मामले को सयोनारा, सीबीआई अभी भी कह रहा है, इतनी जल्दी नहीं

निप्पॉन इंडिया MF को करीब ₹92.46 करोड़ का भुगतान करना होगा. कंपनी के सीईओ सुंदीप सिक्का और फंड मैनेजर अमित त्रिपाठी को 2.1-2.1 करोड़ रुपये देने होंगे. सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में कुल भुगतान करीब ₹97 करोड़ होगा. सेबी का आदेश जल्द जारी होने की उम्मीद है.

1 hour ago

अडानी ग्रुप की 5 कंपनियों ने सेबी के साथ निपटाया मामला, चुकाए 1.5 करोड़ रुपये

सेबी के मौजूदा निपटान आदेश में जिन मामलों का निपटारा किया गया है, वे संबंधित पक्ष लेनदेन के खुलासे और ऑडिट रिपोर्ट से जुड़े कथित अनुपालन उल्लंघनों पर केंद्रित हैं.

8 hours ago

Tata Sierra Dark Edition की कीमत ₹13.99 लाख से शुरू, ब्लैक एक्सटीरियर के साथ मिलेंगे ये फीचर्स

Tata Sierra Dark Edition को छह वेरिएंट में पेश किया गया है, जबकि इंजन और गियरबॉक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

4 hours ago