होम / बिजनेस / ICICI Bank लोन फ्रॉड केसः आखिर कहां गए 3250 करोड़ रुपये?

ICICI Bank लोन फ्रॉड केसः आखिर कहां गए 3250 करोड़ रुपये?

एक तरफ हैं कोचर और दूसरी तरफ वीडियोकॉन ग्रुप और धूत हैं.

उर्वी श्रीवास्तव 3 years ago

नई दिल्लीः पिछले हफ्ते आईसीआईसीआई की सीईओ और एमडी चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर की गिरफ्तारी ने निजी क्षेत्र के बैंकों के शासन में सभी खामियों का एक पंडोरा बॉक्स खोल दिया है. इस गिरफ्तारी ने निजी क्षेत्र के बैंकों और इरादतन चूककर्ताओं के लिए एक वेकअप कॉल के रूप में कार्य किया, कि उन्हें राज्य की कार्रवाई से बख्शा नहीं जाएगा.

क्या हुआ?

आईसीआईसीआई द्वारा वीडियोकॉन समूह को प्रदान किए गए 3250 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार के मामले में कोचर को सीबीआई (केंद्रीय जांच बोर्ड) द्वारा गिरफ्तार किया गया था. सीबीआई को वीडियोकॉन ग्रुप के संस्थापक वेणुगोपाल धूत ने भी इस मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोपों के तहत गिरफ्तार किया था.

ये सब कैसे शुरू हुआ

2016 में अरविंद गुप्ता नाम के एक व्हिसल-ब्लोअर ने आईसीआईसीआई बैंक, वीडियोकॉन ग्रुप और न्यूपॉवर रिन्यूएबल्स के बीच फाउल प्ले की सूचना दी थी, जिसे दीपक कोचर द्वारा प्रवर्तित किया गया था. 2018 में जब जांच की गई तो कई अनियमितताएं सामने आईं.

एक तरफ हैं कोचर और दूसरी तरफ वीडियोकॉन ग्रुप और धूत हैं. बाद वाले ने loan के लिए आईसीआईसीआई बैंक से संपर्क किया, जहां चंदा कोचर एमडी थीं. लोन प्रदान करते समय, बैंक को यह खुलासा करना होगा कि जिस कंपनी को वह लोन दे रहे हैं, उसमें उनके कोई व्यक्तिगत संबंध हैं या नहीं. यदि कोई व्यक्तिगत हित है तो आप उस कंपनी को लोन नहीं दे सकते. एमडी ने अपने पति के माध्यम से वीडियोकॉन ग्रुप के साथ अप्रत्यक्ष जुड़ाव की घोषणा नहीं की.
 
आईसीआईसीआई बैंक द्वारा स्वीकृत लोन का उपयोग वीडियोकॉन द्वारा न्यूटेक नामक एक अन्य कंपनी में किया गया था. NuTech में 50 फीसदी हिस्सेदारी वीडियोकॉन के मालिक की थी और बाकी हिस्सेदारी दीपक कोचर की थी. यह इस मामले की सबसे बड़ी अनियमितता थी.

धूत की कंपनी ने किया न्यूपावर में निवेश

यह आरोप लगाया गया था कि धूत से संबंधित एक कंपनी ने 2010 में NuPower में 64 करोड़ रुपये का निवेश किया था (जिसमें से दीपक कोचर प्रमोटर थे). बाद में 2012 में आईसीआईसीआई बैंक से वीडियोकॉन को 3250 करोड़ रुपये मिलने के बाद प्रोपराइटरशिप को दीपक कोचर के स्वामित्व वाले 9 लाख रुपये में स्थानांतरित कर दिया गया. INR 1730 करोड़. भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था. संपत्ति को 2017 में गैर निष्पादित संपत्ति के रूप में वर्गीकृत किया गया है.

जांच के कुछ निष्कर्षों में सभी नैतिक प्रथाओं के उल्लंघन में वीडियोकॉन समूह को 2009 से 2011 तक 1,875 करोड़ रुपये मूल्य के छह लोन शामिल हैं. इन आरोपों के सामने आने के बाद कोचर अनिश्चितकालीन छुट्टी पर चली गईं थीं और 2018 में सीईओ और एमडी के पद से हटा दी गईं थीं. 

आईसीआईसीआई बैंक द्वारा एक आंतरिक जांच के बाद, जिसमें कथित तौर पर प्रकटीकरण मानदंडों का उल्लंघन पाया गया था, बैंक ने घोषणा की कि कोचर का बाहर निकलना बर्खास्तगी होगा न कि बर्खास्तगी नियमित इस्तीफा. सितंबर 2020 में, ईडी ने कोचर के पति को गिरफ्तार किया और 23 दिसंबर, 2022 को सीबीआई ने चंदा कोचर को गिरफ्तार किया और 26 दिसंबर, 2022 को वेणुगोपाल धूत को गिरफ्तार किया. यह पूरा प्रकरण न केवल भारतीय बैंकिंग उद्योग बल्कि बड़े पैमाने पर आबादी के लिए एक झटके के रूप में सामने आया है.

जनता को परेशान करने वाला सवाल है कि 3250 करोड़ कहां गए? अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई के बावजूद, यह जनता से संबंधित मुद्दों को उठाने का समय है, क्योंकि यह सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा रहा है. 

VIDEO: ये क्या! भारतीयों ने कर डाली कैब से Neptune Planet की दूरी जितनी यात्रा

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

DRDO की परियोजनाओं में देरी पर सरकार से जवाब तलब, 33,000 करोड़ के R&D रोडमैप पर भी नजर

33,000 करोड़ रुपये के डिफेंस R&D रोडमैप की निगरानी बढ़ाने की सिफारिश, टेक्नोलॉजी और ऑपरेशनल क्षमता पर भी हो आकलन

11 hours ago

अमेरिकी टैरिफ की धमकी से बढ़ सकता है भारत का क्रूड बिल, चालू खाता घाटा भी होगा दोगुना: CareEdge

रूसी तेल पर 100% टैरिफ लगा तो बढ़ेंगी भारत की मुश्किलें, कच्चा तेल 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने का अनुमान

11 hours ago

बिहार के मखाना की विदेश में धूम! ऑस्ट्रेलिया पहुंची पहली खेप, किसानों को मिला 18% ज्यादा दाम

18 मीट्रिक टन की पहली समुद्री खेप ने खोला विदेशी बाजार का रास्ता, जीआई टैग वाले मिथिला मखाना को किसानों की आय बढ़ाने का नया जरिया बनाने पर जोर

12 hours ago

डीपफेक और AI कंटेंट पर मेटा की बढ़ी मुश्किलें, छिन सकता है ‘सेफ हार्बर’ का कवच

सरकार ने Meta के कंटेंट मॉडरेशन और रिकमेंडेशन सिस्टम पर उठाए सवाल, डीपफेक और बिना लेबल वाले AI कंटेंट को लेकर मांगा जवाब

13 hours ago

E20 पेट्रोल पर तेल कंपनियों की सफाई, ‘ईंधन सुरक्षित’; 90 हजार पंपों पर बढ़ी क्वालिटी जांच

E20 विवाद के बीच इंडियन ऑयल, BPCL और HPCL ने कहा कि देशभर में पेट्रोल की गुणवत्ता की व्यापक जांच की गई है. कंपनियों के मुताबिक, ज्यादातर सैंपल में क्लोराइड और नमी की मात्रा तय मानकों के भीतर मिली है.

13 hours ago


बड़ी खबरें

E20 पेट्रोल पर तेल कंपनियों की सफाई, ‘ईंधन सुरक्षित’; 90 हजार पंपों पर बढ़ी क्वालिटी जांच

E20 विवाद के बीच इंडियन ऑयल, BPCL और HPCL ने कहा कि देशभर में पेट्रोल की गुणवत्ता की व्यापक जांच की गई है. कंपनियों के मुताबिक, ज्यादातर सैंपल में क्लोराइड और नमी की मात्रा तय मानकों के भीतर मिली है.

13 hours ago

DRDO की परियोजनाओं में देरी पर सरकार से जवाब तलब, 33,000 करोड़ के R&D रोडमैप पर भी नजर

33,000 करोड़ रुपये के डिफेंस R&D रोडमैप की निगरानी बढ़ाने की सिफारिश, टेक्नोलॉजी और ऑपरेशनल क्षमता पर भी हो आकलन

11 hours ago

अमेरिकी टैरिफ की धमकी से बढ़ सकता है भारत का क्रूड बिल, चालू खाता घाटा भी होगा दोगुना: CareEdge

रूसी तेल पर 100% टैरिफ लगा तो बढ़ेंगी भारत की मुश्किलें, कच्चा तेल 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने का अनुमान

11 hours ago

बिहार के मखाना की विदेश में धूम! ऑस्ट्रेलिया पहुंची पहली खेप, किसानों को मिला 18% ज्यादा दाम

18 मीट्रिक टन की पहली समुद्री खेप ने खोला विदेशी बाजार का रास्ता, जीआई टैग वाले मिथिला मखाना को किसानों की आय बढ़ाने का नया जरिया बनाने पर जोर

12 hours ago

डीपफेक और AI कंटेंट पर मेटा की बढ़ी मुश्किलें, छिन सकता है ‘सेफ हार्बर’ का कवच

सरकार ने Meta के कंटेंट मॉडरेशन और रिकमेंडेशन सिस्टम पर उठाए सवाल, डीपफेक और बिना लेबल वाले AI कंटेंट को लेकर मांगा जवाब

13 hours ago